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मलेरिया ने जकड़े पांच हजार मरीज

Yamuna Nagar

Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
जगाधरी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि विभाग ने मलेरिया पर काबू पा लिया है। बावजूद इसके मलेरिया के मरीज आए दिन सामने आ रहे हैं। सरकारी तौर पर जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या 3636 तक पहुंच गई है। अगर इसमें निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों को जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा 5000 से ज्यादा पहुंच सकता है। अमूमन सर्दियों में मलेरिया मच्छर की सक्रियता कम होने की वजह से मरीज सामने नहीं आते, लेकिन इस बार सर्दी के महीनों में मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे विभाग की चिंता को बढ़ा दिया है। विभाग के अधिकारी मंथन में जुटे हैं कि किस प्रकार से मलेरिया पर काबू पाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या 3636 तक पहुंच गई है। अगर इसमें निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या को जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा 5000 के पार पहुंच सकता है। फरवरी से लेकर अगस्त तक हर महीने मलेरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि सितंबर में सर्दियां शुरू होने पर मरीजों की संख्या में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन चिंता का विषय है कि सर्दियों में मलेरिया के मरीज सामने आ रहे हैं, जबकि इन महीनों में ही मलेरिया पर काबू पाने के लिए सबसे अभियान चलाया गया।

बदल रही प्रवृत्ति
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से मलेरिया मच्छर की प्रवृत्ति बदल रही है। पहले सर्दियों में मलेरिया के केसिज न के बराबर होते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सर्दियों में भी मलेरिया के मरीज काफी संख्या में सामने आ रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यमुना नदी के किनारे जिन क्षेत्र में पानी भरा रहता है, वहां से साल भर मरीज सामने आते रहते हैं। सबसे ज्यादा मरीज खिजराबाद व नाहरपुर क्षेत्र से सामने आ रहे हैं।

महीने दर महीने मलेरिया के मरीजों का ब्योरा
जनवरी-22
फरवरी-07
मार्च-24
अप्रैल-89
मई-391
जून-534
जुलाई-559
अगस्त-1163
सितंबर-726
अक्टूबर-112
नवंबर में अब तक 10
कोट
मलेरिया पर काबू पाने के लिए विभाग द्वारा भरसक प्रयास किए जा रहे हैं, जो भी मलेरिया से ग्रस्त पाया जाता है। उसकी स्लाइड तैयार कर इलाज शुरू किया जाता है। जिन मरीजों में मलेरिया के पैरासाइट हैं, वे केसिज इन दिनों सामने आ रहे हैं। उनकी फालोअप स्लाइड तैयार की जा रही है।
डा. सतीश अग्रवाल, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, यमुनानगर।
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