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सफाई में धाक, अब सेहत की बारी

Yamuna Nagar

Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
करनाल। पंजाब से अलग होने के बाद अपने 46 साल के इतिहास में हरियाणा ने कई क्षेत्रों में तरक्की कर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। छोटा सा हरियाणा प्रांत देश के विकसित राज्यों की अग्रणी पंक्ति में खड़ा है। शिक्षा, स्वास्थ्य का ये प्रदेश हब बन रहा है, तो विकास के नए आयाम यहां स्थापित हो रहे हैं। ऐसे में करनाल जिला कैसे पीछे रह सकता है। करनाल में स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों पर आने वाले साल में फोकस रहेगा। यही नहीं करनाल कृषि अनुसंधान के लिए उत्तरी क्षेत्र का हब बन चुका है।
स्वच्छ भारत अभियान में म्हारा जिला आगे
स्वच्छता के क्षेत्र में करनाल अब तक हरियाणा में पहले पायदान पर खड़ा है। करनाल जिले में कुल 430 गांव है और 434 पंचायत हैं। निर्मल भारत अभियान के तहत अब तक करनाल के 86 गांव निर्मल ग्राम की सूची में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा 124 नए गांव निर्मल ग्राम में शामिल होने की तमाम शर्त पूरी कर चुके हैं। इन गांवों को निर्मल ग्राम का दर्जा दिलाने को स्वीकृति खातिर सरकार के पास भेजा गया है। ऐसे में जल्द ही करनाल जिले के 210 गांव निर्मल भारत अभियान में शामिल होने का गौरव प्राप्त कर लेंगे। जिले भर के गांवों में बीपीएल श्रेणी के लोगों के लिए करीब 45 हजार सुलभ शौचालय बनाए जा चुके हैं।

यह है क्राइट एरिया
गांव का कोई भी व्यक्ति खुले में शौच न जाए।
गालियां व नालियां पूरी तरह साफ रहनी चाहिए।
गांव में कहीं भी गंदगी-कूडे़ के ढेर नहीं पडे़ हो।
किसी भी बर्तन से हाथ से डूबो कर पानी नहीं निकाला जाना चाहिए।

हर गांव को शामिल करेंगे अभियान में
पूरे जिला के सभी 430 गांवों को निर्मल भारत अभियान में शामिल करने के लिए उनका प्रयास है। जिले भर में निर्मल भारत अभियान के तहत हर अधिकारी को एक गांव सौंपा गया है। स्कूल के बच्चों को इस संदर्भ में जागरूक किया जाता है। सरकारी भवनों में चल रही आंगनबाड़ियों में सरकार की ओर से शौचालय बना दिए गए हैं। अधिकारियों से हर महीने रिपोर्ट ली जाती है। किसी गांव में कोई कमी मिले, तो एडीसी मौके पर पहुंच कर कमियों को दूर करने का प्रयास करते है। प्रशासन का प्रयास है जल्द से जल्द अन्य गांवों को भी इस सूची में शामिल कराया जाए।
रेनू फूलिया
उपायुक्त, करनाल


19 नवंबर को सच होगा पीजीआई का सपना
करनाल। स्वच्छता के बाद बेहतर स्वास्थ्य मिले, इसको लेकर भी करनाल के लिए एक तोहफा 19 नवंबर को मिलेगा। लंबे समय से प्रस्तावित डा. कल्पना चावला मेडिकल कालेज की आधारशिला रखी जाएगी। मेडिकल कालेज के पहले चरण 450 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी और कैंसर जैसी बीमारी का इलाज यहां संभव हो सकेगा।

रिकार्ड 24 महीने में बनेगा मेडिकल कालेज
इस मेडिकल कालेज के निर्माण का कार्य दो साल में पूरा किया जाना है। इसे पूरा करने के लिए कांट्रेट हो चुका है। करीब दो महीने पूर्व एमओयू हो गया था। इस एमओयू में कालेज निर्माण के कार्य को 24 महीने में पूरे करने के लिए शर्त रखी गई है। मरीजों को भरती करने के लिए भले ही मेडिकल कालेज में थोड़ा समय लगे, लेकिन शैक्षणिक सत्र अगले वर्ष 2013 में चालू होने की उम्मीद है। इस कालेज के प्रारंभ होने पर न केवल करनाल बल्कि पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर समेत कई क्षेत्रों के क ई लाख लोगों को लाभ मिल सकेगा।

अन्न भंडारण में भी करनाल का सानी नहीं
स्वच्छता, स्वास्थ्य के साथ करनाल देश के अन्न भंडारण में भी अपनी अहम भूमिका अदा करता है। करनाल में पशुपाल और कृषि से जुडे़ कई बडे़ संस्थान है। इनमें एनडीआरआई डीम्ड यूनिवर्सिटी भी शामिल है। इन संस्थानों में करीब पांच सौ वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। इन संस्थानाें में नेशनल डेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, सीएसएसआई, एनबीएजीआर, आईएआरआई, डीब्लयूआर, गन्ना प्रजनन केंद्र, हिसार कृषि विश्वविद्यालय से जुड़ा बागवानी एवं कृषि अनुसंधान केंद्र, घरौंडा स्थित इंडो इजराइल उत्कृष्ट सब्जी केंद्र शामिल है। धान के क्षेत्र में करनाल को जहां धान का कटोरा माना जाता है।

करनाल के बासमती की विदेश में धाक
वहीं करनाल का बासमती चावल हर वर्ष विदेशाें में अपनी धाक जमाता है। ऐसे ही करनाल का एनडीआरआई अपनी कई तकनीकों के जरिए दुनिया भर में नाम कमा चुका है। इतना ही नहीं दूध और दूध से बनने वाले उत्पादों के लिए भी एनडीआरआई प्रसिद्ध है। डीब्लयूआर गेहूं की नई प्रजातियां तैयार करने का काम करता है तो आईएआरआई में धान की किस्म तैयार की जाती हैं, तो गन्ना प्रजनन केंद्र में गन्ना वैरायटी पर काम होता है। सीएसएसआरआई में देश की क्षारीय और लवणीय भूमि के सुधार के बाद कृषि योग्य बनाने के लिए काम किया जाता है। घरौंडा के सब्जी उत्कृष्ट केंद्र रंग बिरंगी और बिना रसायन प्रयोग के सब्जियों बाजार में देकर लोगों को रोग से दूर रहने का काम कर रहा है। इन विशेषताओं के चलते पिछले दिनों ही करनाल को कृषि का हब घोषित किया गया है, जो हरियाणा की तरक्की में एक विशेष कड़ी है।
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