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जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जाट हुए दो फाड़

ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा

Updated Fri, 17 Feb 2017 12:14 AM IST
Jaat reservation, protest, 19th day, Sirsa

जाट आरक्षण आंदोलनPC: bureau

मांगों को लेकर धरने के लिए जाट दो गुटों में बंट गए हैं। पहले से सिरसा में धरना दे रहे जाटों ने कहा कि हमारा अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से कोई संबंध नहीं, बल्कि हमारा धरना अलग रहेगा तो दूसरी ओर वीरवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका ग्रामीण क्षेत्र में धरने की अनुमति के लिए सिरसा के लघु सचिवालय पहुंचे, जहां उन्हें दिनभर अधिकारी नहीं मिले। प्रशासन के इस रवैये से नाराज जाट नेता ने कहा कि अब सरकार से वार्ता में सिरसा प्रशासन द्वारा हमारे साथ किए गए सलूक की शिकायत सबसे ऊपरी स्थान पर होगी। उन्होंने कहा कि धरना तो शुरू होगा, लेकिन प्रशासन जानबूझ कर टाल-मटोल कर रहा है।
लघु सचिवालय पहुंचे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका ने अमर उजाला को बताया कि वे सुबह धरने की अनुमति के लिए यहां पहुंचे, लेकिन चार बजे तक न तो डीसी और न ही सीटीएम कार्यालय में मिले। उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर सरकार से वार्ता का भी बहिष्कार किया जा सकता है और यदि वार्ता हो गई तो प्रशासन के इस रवैये की शिकायत की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति के बैनर तले प्रदेश के 19 जिलों में ग्रामीण क्षेत्र में धरने शांतिपूर्वक चल रहे हैं तो सिरसा में क्यों नहीं शुरू किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि आम जन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए हमने ग्रामीण क्षेत्र में धरने लगाए हैं और इसी कड़ी में शेरपुरा मोड़ के पास धरना लगाना चाहते हैं। सूबे सिंह ढाका ने कहा कि जब तक धरना शुरू नहीं हो जाता, वे यहीं पर डेरा डालकर बैठेंगे। ढाका के साथ पहुंचे जाट नेता कुलदीप गोदारा ने कहा कि वे सभी शर्तें मानकर शांतिपूर्वक धरना शुरू करना चाहते हैं तो प्रशासन क्यों टाल-मटोल कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज अनुमति मिल जाती तो शुक्रवार सुबह से धरना शुरू किया जाना था। अब धरना तो शुरू होगा पर प्रशासन को हमारे साथ ऐसा रवैया नहीं अपनाना चाहिए था।

पहले से जारी धरने का उनकी समिति से कोई संबंध नहीं
ढाका ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में 19 जिलों में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले धरने जारी हैं पर सिरसा में अब तक हमारी समिति का धरना शुरू नहीं हो पाया था, इसलिए हम इस जिले में भी धरना शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा में पहले से जारी धरने का उनकी समिति से कोई संबंध नहीं है। वे अपने स्तर पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में धरना शांतिपूर्वक चल रहा है और इसी कड़ी में शांतिपूर्वक धरना देंगे और ग्रामीण क्षेत्र में धरना देने से किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा भी नहीं होगी।

पुलिस बल की हो गई तैनाती
शेरपुरा मोड़ के पास जाटों का धरना शुरू होने से पूर्व ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। इसके अलावा खुफिया तंत्र भी वहां पर सक्रिय हो गया था, लेकिन शाम तक धरने के लिए अनुमति न मिलने के कारण आज धरना शुरू नहीं हो पाया। बता दें कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर गांवों के लोग इस स्थल पर धरना देने को तैयार हैं, लेकिन जब तक अनुमति नहीं मिलती धरना शुरू होने की संभावना नहीं है। वैसे जाट समाज के लोग यह भी कह रहे हैं कि प्रशासन ने शुक्रवार को अनुमति नहीं दी तो भी धरना शुरू कर दिया जाएगा।

जाटों का धरना 19वें दिन भी जारी
सिरसा। सेक्टर-19 में जाटों का धरना 18वें दिन वीरवार को भी जारी रहा। जाटों ने अपनी मांगों को लेकर धरना तब तक जारी रखने की बात कही है, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती। यहां धरने दे रहे जाटों ने कहा कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से उनका कोई संबंध नहीं है, उनका धरना अपने स्तर पर लगाया गया है और जारी रहेगा।

धरने पर बैठे विकल पचार ने कहा कि गत वर्ष जाट आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव की आड़ में निर्दोष लोगों पर बनाए गए मुकदमों को रद्द करवाने की मांग को लेकर जिले के जाटों का धरना जारी है। पचार ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानेगी, तब तक धरना जारी रहेगा। पचार ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो गांवों में भी धरने शुरू कर दिए जाएंगे। हुडा सेक्टर-19 स्थित जाटों के जारी धरने में विकल पचार, कृष्ण ढाका, रणधीर जोधकां, लादु राम जांघू, विकास तेतरवाल, रमेश, मदन, अशोक गोदारा, धर्मवीर गोदारा, ख्याली राम हंजीरा, पृथ्वी सिद्धू, सुरेंद्र मेहरिया, प्रदीप सिंवर, राकेश बैनीवाल, जगदीश गोदारा, साहब राम नेहरा, दलीप कस्वां आदि मौजूद थे।

डीसी को सौंपा ज्ञापन
सिरसा में धरना दे रहे जाटों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सिरसा के अलावा कहीं भी धरना शुरू होता है तो उनकी कोई जिम्मेवारी नहीं होगी। उन्होंने लिखा है कि पिछले 19 दिन से उनका धरना शांतिपूर्वक चल रहा है।
 
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