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सांझी में आशा को प्रथम पुरस्कार

Rohtak

Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
नारनौल। जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा सोमवार को विभागीय कार्यालय में सांझी बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव मेघोत बिंजा की आशा यादव ने कार्ड बोर्ड पर गोबर की सबसे अच्छी सांझी बनाकर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगितामें विजेता रही प्रतिभागियों को जिला बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष डा. मुक्ता कुमार ने पुरस्कृत कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर डा. मुक्ता कुुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा की संस्कृति में सांझी का एक विशेष महत्व है। वर्तमान समाज में ये प्राचीन और धार्मिक प्रथा लुप्त होती जा रही है जिसे जिंदा रखने के लिए जिला स्तर पर सांझी प्रतियोगिता का अमूल्य योगदान है। सांझी प्रतियोगिता में गांव मेघोत बिंजा की आशा यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गांव मारोली की बीना कुमारी को द्वितीय स्थान मिला तो गांव मारोली की सीमा कुमारी ने तृतीय स्थान पाया। प्रथम विजेता को 2500 रुपये, द्वितीय को 2000 रुपये और तृतीय विजेता को 1500 रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका पूर्व जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी एसएस नेहरा, डीईओ निर्मला श्योराण, प्रोटेक्शन अधिकारी सरिता, शिक्षा विभाग से एबीआरसी सुरेश यादव ने निभाई।
इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के संयुक्त निदेशक एसके जोशी, पूर्व जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी महावीर अग्रवाल, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेश यादव, सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सिंहराम यादव तथा धर्मेन्द्र कादियान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

बॉक्स
क्या हैं सांझी
हरियाणा में सांझी (देवी मां) की अविवाहित लड़कियों के द्वारा पूजा की जाती है। सांझी की छवि बनाने के लिए गोबर और मिट्टी को विभिन्न आकार में ढाला जाता है। इसके लिए सितारे, चंद्रमा, सूर्य देवी आदि के चेहरे सहित इन आकृतियों को अलग-अलग रंग दिया जाता है। इसे दक्षिण दिशा की ओर लगाया जाता है। अक्तूूबर महीने के उत्तरार्ध में सांझी की छवि दीवार पर चित्रित करने की अद्वितीय कला है। लड़कियों का मानना है कि सांझी को खुश करके उन्हें अच्छा पति मिल जाएगा। सांझी दीवारों पर डालने के बाद दसवें दिन लड़कियां सिर सुरक्षित रूप से एक छोटे से मिट्टी के पात्र में गांव के तालाब में प्रवाहित करती हैं।

फोटो नंबर:-22एनएनएल-पी-1 कैप्शन : सांझी प्रतियोगिता की विजेता प्रतिभागियों के साथ डा. मुक्ता।
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