आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बिजली बिल जमा कराने को फैलाएंगे जागरूकता

Panipat

Updated Sat, 22 Dec 2012 05:31 AM IST
पानीपत। बिजली सुधार की चली लहर, खुशहाल गांव समृद्ध शहर, का नारा देेते हुए बिजली निगम आधुनिक हरियाणा निर्माण योजना के तहत गांवाें में बिजली आपूर्ति और व्यवस्थाओं में सुधार करने में जुट गया है। बिजली निगम ने उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा बिजली उपलब्ध करवाने का भी दावा किया है। ग्रामीण उपभोक्ता अपने क्षेत्र में बिजली निगम का जैसे-जैसे घाटा कम करेंगे, वैसे-वैसे ही संबंधित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बढ़ती जाएगी।
बिजली निगम का दावा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस अनूठी योजना के तहत शहरों की भांति बिजली की आपूर्ति की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में आज भी बहुत से ऐसे गांव मिलेंगे, जहां का औसत निकालें तो पता लगेगा कि वहां पर 80 प्रतिशत लोग बिजली के बिल नहीं भरने वाले मिल जाएंगे। इस प्रकार एक गांव पर कई लाखों को बिल बकाया मिल जाएगा। इससे बिजली निगम को भारी परेशानी हो रही है। आने वाले दिनों मेें बिजली निगम का घाटा भी कम हो जाए और बिजली उपभोक्ताओं को भी ज्यादा से ज्यादा बिजली की आपूर्ति मिले, इसके लिए बिजली निगम प्रयासरत है।
एसडीओे कराएंगे योजनाओं से अवगत
उपभोक्ताओं के लिए बिजली निगम ने कौन-कौन सी सुविधाएं शुरू की हैं और वे किस प्रकार से उनका लाभ पास सकते हैं, इसके लिए उपभोक्ताओं को क्षेत्र के उप-मंडल अधिकारी (सब डिवीजनल ऑफिसर/एसडीओ) से संपर्क करना होगा।

वर्जन
आधुनिक हरियाणा निर्माण योजना के तहत गांवाें में बिजली की आपूर्ति और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए बिजली निगम ने कई योजनाएं बनाई हैं। ग्रामीण उपभोक्ता अपने बिल भरकर जितना ज्यादा निगम का घाटा कम करते चले जाएंगे, उतनी ही संबंधित गांव या क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बढ़ती चली जाएगी। इससे जहां एक ओर निगम घाटे से उभरेगा वहीं उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति शहरों की भांति उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उपभोक्ताओं की समस्याएं भी कम होंगी। उपभोक्ताओं की कम बिजली आपूर्ति मिलने की शिकायत भी कम होगी।
वीके खुराना, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, पानीपत


यह मिलेगा लाभ
25 प्रतिशत से ऊपर घाटे को एक तिहाई कम करने पर 11 घंटे की वर्तमान आपूर्ति को बढ़ाकर मिलेगी 14 घंटे बिजली आपूर्ति।
फिर एक तिहाई घाटा कम करने पर 14 घंटे से बढ़ाकर मिलेगी 17 घंटे बिजली आपूर्ति।
अंत में फीडर पर तकनीकी और व्यावसायिक घाटा 25 प्रतिशत या इससे कम करने पर मिलेगी शहरों की भांति 20 घंटे बिजली की आपूर्ति।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

electricity bill

स्पॉटलाइट

सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट्स से निपटेगा गूगल का नया टूल

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

श्वेता तिवारी की बेटी पलक ने बिखेरा जादू, 16 की उम्र में सोशल मीडिया पर चला रही राज

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ऋतिक के साथ डांस करना चाहती है 500 किलो की ये महिला

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

नींद नहीं आती तो खाएं प्याज और लहसुन, पेट की समस्याओं से भी दिलाते हैं निजात

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

बागी मंत्री व‌िजय म‌िश्रा को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

अपने ऊपर दर्ज रेप के मामले में गिरफ्तारी देने पहुंचे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

IPS amitabh thakur protest against fir against him in rape case
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

मुलायम के बाद बबुआ की चापलूसी कर रहे आजम: माया

 mayawati lashesout azam khan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top