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स्कूल संचालकों का जमकर प्रदर्शन

Panipat

Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
पानीपत। सांझा मंच के बैनर तले तीन दिन की हड़ताल के आखिरी दिन हजारों स्कूल संचालक और स्टाफ अपनी मांगों को लेकर जीटी रोड पर उतर आए। स्कूल संचालकों ने 134ए निरस्त करने की मांग की। इससे जीटी रोड की दिल्ली-अंबाला लेन पौन घंटे ठप रही। स्कूल संचालकों के प्रदर्शन का खामियाजा दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ा। जीटी रोड पर सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। स्कूल संचालकों ने लघु सचिवालय के वीआईपी गेट पर सरकार विरोधी नारेबाजी की और एसडीएम पानीपत अश्वनी मलिक के माध्यम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने स्कूल संचालकों और स्टाफ को उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
पौन घंटा आफत का जीटी रोड
स्कूल संचालक तीन दिन की हड़ताल के आखिरी दिन बुधवार सुबह आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल में एकत्रित हुए। यहां पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिला प्रधान कृष्ण नारंग, आजाद सिंह आर्य, सांझा मंच की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विजेंद्र मान समेत कई स्कूल संचालकों ने संबोधित किया। इसके बाद स्कूल संचालक हजारों की संख्या में 11:30 बजे आर्य बाल भारती से निकले। यहां से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए लालबत्ती चौक पहुंचे। स्कूल संचालक 11:50 बजे जीटी रोड पर गए। हजारों की संख्या में स्कूल संचालक और स्टाफ के प्रदर्शन से जीटी रोड के वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिला। स्कूल संचालक बीच में रुक रुककर नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की तरफ बढ़े। स्कूल संचालक प्रदर्शन करते हुए 12 बजे बस स्टैंड, 12:05 पर आर्य बाल भारती स्कूल के सामने पहुंचे। 12:11 पर लघु सचिवालय के सामान्य गेट के सामने पहुंचे और वहां पर कुछ देर बैठकर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद स्कूल संचालक 12:15 पर लघु सचिवालय के वीआईपी गेट से होते हुए अंदर पहुंचे। स्कूल संचालकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। एसडीएम अश्वनी मलिक ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन स्कूल संचालकों ने उपायुक्त के पहुंचने पर ही ज्ञापन सौंपने की मांग की। स्कूल संचालकों व एसडीएम के बीच करीब 20 मिनट तक इसको लेकर बातचीत चलती रही। लंबी बातचीत के बाद स्कूल संचालकों ने 12:35 पर एसडीएम अश्वनी मलिक के मार्फत अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद, जयपाल सैनी, सुरेश गोयल, सतीश भराड़ा, विक्रम गांधी, बलबीर सिंह, अनिल जताना, सुभाष मेहता, सुरजभान सैनी, नरेंद्र वर्मा, सचिन आनंद, अशोक मलिक, किशोर मल्होत्रा, राजेश बतरा, अश्वनी ठाकुर, राज गोयल, रानी तागड़ा, कमलेश शर्मा, समीक्षा सेठी समेत हजारों स्कूल संचालक व शिक्षक मौजूद रहे।
अभिभावक बोले हर रोज हड़ताल
शिक्षा विभाग और स्कूल संचालकों की लड़ाई के बीच अभिभावक फंस गए। अभिभावक सरकार से स्कूल संचालकों के प्रति नियमों में नरमी बरतने के पक्ष में हैं। भाटिया कालोनी निवासी आशुतोष और दलबीर ने कहा कि विभाग एक साल से आरटीई और 134ए लागू करने का दावा कर रहा है, लेकिन आज तक इसको लागू नहीं किया जा सका। इसके विरोध में स्कूल संचालक हड़ताल कर देते हैं। जिसका खामियाजा अभिभावकों और विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।

ये ट्रेलर था, फिल्म अभी बाकी
आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रबंधक आजाद सिंह आर्य ने कहा कि शिक्षा अधिनियम 134ए वापस लेने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर प्रदर्शन है। पानीपत का प्रदर्शन विरोध का एक ट्रेलर है। सरकार ने स्कूल संचालकों की मांगों को नहीं लागू किया तो वे फिल्म दिखाने को तैयार हैं।
विरोध का कारण
शिक्षा निदेशालय द्वारा 134ए और आरटीई लागू की जानी है। दोनों के तहत स्कूल संचालकों को 25-25 प्रतिशत विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाना है। स्कूल संचालक पहले दिन से ही इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को मुफ्त दाखिला नहीं दिया जा सकता। आरटीई केंद्र और 134ए प्रदेश सरकार का नियम है। केंद्र का नियम आने पर प्रदेश का नियम पीछे हट जाता है। सरकार दोनाें नियमों को लागू कर दोहरी नीति अपना रही है। स्कूल संचालक नियम को लागू करने पर सांसत में हैं।
स्कूल रहे पूरी तरह से बंद
सांझा मंच के बैनर तले हरियाणा बोर्ड के निजी स्कूल संचालकों ने तीन दिवसीय हड़ताल करने का फैसला लिया था। इसमें कुछ सीबीएसई स्कूल भी शामिल हुए। 29, 30 और 31 अक्तूबर को हरियाणा बोर्ड से संबंधित सभी निजी स्कूल बंद रहे।


ये हैं चार प्रमुख मांगें
-134ए को निरस्त किया जाएं।
-आरटीई के तहत एक मुस्त मान्यता दी जाएं।
-स्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल से फार्म नंबर एक न भरवाया जाएं।
-संविधान के नियमानुसार आरटीई पूर्ण रूप से लागू की जाएं।
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