आपका शहर Close

मुआवजा राशि पर अटकी शिफ्टिंग

Panipat

Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
पानीपत। थर्मल पावर स्टेशन के नजदीक से गांव खुखराना की शिफ्टिंग के रास्ते में मुआवजा राशि रोड़ा बन गई है। जमीन के मालिक मुआवजा राशि एक करोड़ करने की मांग पर अड़ गए हैं। अवार्ड की घोषणा सुनने पहुंचे 25 में पांच किसान बिना चेक लिए वापस लौट गए। किसानों ने गांव शिफ्टिंग के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि पर जमीन देने से साफ मना कर दिया है। किसानों के अड़ने पर अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है।
हाईकोर्ट ने गांव खुखराना को थर्मल पावर स्टेशन से दूर शिफ्ट करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद विभागीय स्तर पर शिफ्टिंग की कार्रवाई चल रही थी। इस सप्ताह इसकी शिफ्टिंग को हरी झंडी मिल गई। असंध रोड पर 40 एकड़ जमीन में गांव को शिफ्ट करने का फैसला लिया। मंगलवार को इन सब किसानों को डीआरओ कार्यालय में अवार्ड सुनाने और मुआवजा राशि लेने के लिए बुलाया था। सरपंच के पति तेजबीर की अगुवाई में पांच किसान वहां पर पहुंचे। जमीन मालिक इंद्राज सिंह, गुरुलाल, नरेश कुमार, सरदार देवेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह शामिल थे। किसानों ने सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशि करीब 46 लाख लेने से मना कर दिया। इसे लेकर पूरा दिन कशमकश चलती रही।
किसान एक करोड़ की मांग पर अड़े
खुखराना शिफ्ट होने वाली जमीन पर 25 जमीन मालिकों में से पांच ही पहुंचे। उन्होंने भी जमीन की मुआवजा राशि लेने से मना कर दिया। देवेंद्र सिंह, महेंद्र और इंद्राज सहित अन्य किसानाें ने कहा कि उनकी जमीन पानीपत जींद मार्ग पर लगती है। यहां की जमीन की करोड़ों में कीमत है और महंगाई भी बढ़ती जा रही है। सरकार किसानों की अनदेखी कर मात्र 50 लाख रुपये प्रति एकड़ दे रही है। वे इस रेट में जमीन देने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने डीआरओ राजेश कुमार द्वारा किए जाने वाली मुआवजा राशि लेने से मना कर दिया। इस मौके पर सतपाल रोड़, तेजबीर सिंह, धर्मसिंह, राममेहर सिंह, रणबीर, मनफूल, किशन लाल और मांगेराम मौजूद रहे।
ये है मामला
सुपर पावर थर्मल प्लांट 1979 में खुखराना गांव की 780 एकड़ जमीन में लगाया था। इस समय सरकार की तरफ से ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कई वायदे किए थे। बात पुरानी होती चली गई और थर्मल अधिकारी अपने वायदे भूलते गए। अधिकारियों की अनदेखी से गांव का पर्यावरण और पानी विषैला होता गया। इसके चलते ग्रामीण बीमार होते चले गए। ग्रामीणों ने 1993 में गांव को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की। हाईकोर्ट ने 2010 में गांव को शिफ्ट करने का फैसला सुनाया।
ये होता है अवार्ड घोषित करना
किसी भी जमीन को अधीगृहीत करने की कार्रवाई डीआरओ करता है। इसके लिए संबंधित जमीन का दौरा कर किसानों को अवगत करा दिया जाता है। डीआरओ जमीन की पूरी रिपोर्ट घोषित करता है। इसमें मुआवजा राशि भी शामिल होती है। इसमें किसानों को सरकारी मुआवजे के हिसाब से प्राथमिक राशि 26 लाख और सेक्शन चार लगने के बाद की 12 प्रतिशत राशि देनी होती है। इसी को अवार्ड घोषित करना कहते हैं।
यह हो सकती है कार्रवाई
किसानों के मुआवजा राशि पर अड़ने से गांव शिफ्टिंग में अटकलें लग गई हैं। डीआरओ की दृष्टि से किसान चेक उठा लेते हैं तो जमीन का कब्जा पंचायत विभाग को सौंप दिया जाएगा। गांव को शिफ्ट करने की जिम्मेदारी पंचायत विभाग की होगी। किसान मुआवजा राशि कम मानते हैं तो उनको इसके लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
वर्जन
गांव के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। शिफ्टिंग की सुनकर पूरा खुश है। ग्रामीणों की तरफ से मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की है। वे गांव की शिफ्टिंग के प्रयास में हैं।
सुदेश रानी, सरपंच, ग्राम पंचायत खुखराना
वर्जन
खुखराना गांव 40 एकड़ जमीन में शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए 21 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। प्रति एकड़ करीब 46 करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जानी है। उनके स्तर पर किसानों की राशि तैयार है। किसान चेक ले जाएंगे तो जमीन का कब्जा पंचायती विभाग को दिला दिया जाएगा। जमीन का अवार्ड घोषित कर दिया गया। कुछ किसानों ने मुआवजा राशि कम बताई और लेने से मना कर दिया। किसान एक करोड़ की मांग कर रहे हैं। इसमें वे कुछ नहीं कर सकते।
राजेश कुमार, डीआरओ, पानीपत
Comments

स्पॉटलाइट

पद्मावती का 'असली वंशज' आया सामने, 'खिलजी' के बारे में सनसनीखेज खुलासा

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

पत्नी को किस कर रहा था डायरेक्टर, राजकुमार राव ने खींच ली तस्वीर, फोटो वायरल

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

सिर्फ 'पद्मावती' ही नहीं, ये 4 फिल्में भी रही हैं रिलीज से पहले विवादों में

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

बेसमेंट के नीचे दफ्न था सदियों पुराना ये राज, उजागर हुआ तो...

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Most Read

J&K: फुटबॉलर से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बना था माजिद, किया सरेंडर

footballer who joined LeT has surrendered before security forces in Kashmir
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

चुनाव आयोग का शरद यादव को करारा झटका, बोला- चुनाव चिन्ह तीर के असली हकदार नीतीश

Election commission recognizes Nitish Kumar led faction as JDU and gives them arrow symbol
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

संशोधित पेंशन का आदेश जारी, 120 से 200 रुपए तक बढ़ी पेंशन

Revised pension issued by up government
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

PoK पर फारूक के बिगड़े बोल, 70 साल में तय नहीं कर पाए अब कहते हैं ये हमारा हिस्सा है

Farooq Abdullah give reaction on POK
  • गुरुवार, 16 नवंबर 2017
  • +

दो आईएएस और पांच पीसीएस अधिकारियों के तबादले, देखिए कहां हुआ फेरबदल

Transfer of PCS and IAS officers in other parodies
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!