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बरसात के साथ बरसी आफत

Panipat

Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
पानीपत। भादो की झड़ी ऐसी लगी कि ड्रेन नंबर एक भी तंग पड़ गई। ड्रेन के ओवर होने पर नाले और सीवर का पानी बैक मार गया। इससे हुडा सेक्टर और पाश कालोनियों सहित करीब दो दर्जन बाहरी कालोनियों में पानी भर गया। दुकानों और मकानों में घुसा पानी निकालने के लिए लोग दिन भर मशक्कत करते रहे। तेज बारिश के बावजूद प्रशासन की आंखें नहीं खुली और पानी निकासी के छोटे मोटे काम को छोड़कर कुछ नहीं किया गया। शहर में जमा पानी साढ़े चार घंटे में उतर पाया। कई कालोनियों और जीटी रोड के राहगीरों ने प्रशासन को कोसा।
देर रात से शुरू बारिश सोमवार सुबह करीब 11 बजे तक चलती रही। इन दो दिनों में करीब 70 एमएम बारिश हुई। बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं शहरवासियों के लिए आफत बनकर बरसी। तेज बारिश से ड्रेन नंबर एक ओवर हो गई और कई जगह सीवर और नालों का पानी बैक मार गया। इससे कालोनियों और बाजार में पानी घुस गया।
पाश कालोनियों में घुटनों तक पानी
इसे प्रशासन की लचर व्यवस्था कहें या लोगों की अनदेखी। रविवार से शुरू तेज बारिश से पूरा शहर जलभराव की स्थिति में आ गया। शहर के वीआईपी श्रेणी में गिने जाने वाले हुडा के सेक्टर और पाश कालोनियों में भी जल भराव की स्थिति बन गई। कालोनियों की सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी जमा हो गया। सेक्टर और पाश कालोनी के लोग बाहर नहीं निकल पाए।
दो दर्जन कालोनियों में जलभराव
तेज बारिश से शहर की करीब दो दर्जन बाहरी कालोनियों में पानी घुस गया। कालोनियों में पानी निकासी नहीं होने से परेशानी रही। शहर के अंदर की कालोनियों की स्थिति भी चिंताजनक रही। कई कालोनियों में लोग पूरा दिन अपने मकानों से पानी निकालने में लगे रहे। वीवर्स कालोनी, बतरा कालोनी और भाटिया कालोनी सहित कई कालोनियों का बुरा हाल रहा।
रेलवे अंडरब्रिज के नीचे पानी
असंध रोड और गोहाना रोड रेलवे अंडरब्रिज पर कई फुट पानी जमा हो गया। रिक्शा और छोटे वाहन चालकों को ओवरब्रिज का सहारा लेना पड़ा। इससे फ्लाईओवर पर वाहनों का दबाव दोगुना बढ़ गया और फ्लाईओवर पर जाम लगता रहा।
बस स्टैंड बन गया तालाब
दिल्ली से चंडीगढ़ तक जीटी रोड पर लगने वाले बस स्टैंड पानीपत में दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया। पानी भरने पर बसों और यात्रियों का आना जाना बंद हो गया। यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए बाहर से बसों को पकड़ना पड़ा। इससे जीटी रोड पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। रोडवेज अधिकारी बस स्टैंड परिसर से पानी निकालने के प्रयास में लगे रहे। अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद देर शाम तक परिसर से पानी नहीं निकला।
जीटी रोड पर भी आफत
400 करोड़ रुपये की लागत से बने एलिवेटेड हाईवे के नीचे जलभराव की स्थिति ने जीटी रोड के साथ एनएंडटी के प्रबंधों की पोल खोल दी। जीटी रोड पर सिविल अस्पताल के बाहर से लेकर संजय चौक और दूसरी तरफ खादी आश्रम, संजय चौक, एसबीआई, रेलवे रोड और लालबत्ती के पास पानी भर गया। जीटी रोड पर पानी भराव की स्थिति शाम तक बनी रही। इससे जीटी रोड पर रुक रुककर जाम लगता रहा और दुपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
परेशानी लोगों की जुबानी
माडल टाउन निवासी विकास और निरंजन ने कहा कि शहर में पानी निकासी के कोई प्रबंध नहीं है। इस तरफ न विभाग काम कर रहा है और न ही प्रशासन। शहर में जलभराव की ऐसी स्थिति पूर्व में कभी नहीं हुई। रोहतक जा रहे मनोज और विनोद ने बताया कि बस स्टैंड और जीटी रोड पर बूंदाबांदी में ही पानी जमा हो जाता है। एलएंडटी की अनदेखी से यात्रियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धान और गन्ने को मिलेगी बढ़वार
तेज बारिश धान और गन्ने की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। कृषि विभाग के एडीओ सतपाल सिंह ने बताया कि इस सीजन में बारिश नहीं होने पर फसल की बढ़वार नहीं हो पा रही थी। इससे किसानों के साथ कृषि विभाग की भी चिंता बनी थी। रविवार को सोमवार को जिले में करीब 70 एमएम बारिश हुई। तेज बारिश से धान और गन्ने की फसल की बढ़वार होगी।
भूजल स्तर को भी मिलेगा सहारा
बारिश नहीं होने से भू जल स्तर लगातार नीचे जा रहा था। कृषि विशेषज्ञों की मानी जाए तो इससे भूजल स्तर डेढ़ से दो फुट बढ़ेगा। हैंडपंप और ट्यूबवेल लगातार ठप हो रहे थे। लोग सबमर्सिबल की तरफ चलना शुरू हो गए थे। समालखा और इसके आसपास सबमर्सिबल भी टूटने लगे थे। यहां का भू जल स्तर 120 फीट से भी नीचे चला गया था। जिससे किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा जिले के अन्य हिस्सों का भूजल स्तर 70 से 100 फीट पर पहुंच गया।नगर निगम के अंतर्गत पानी निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं। तेज बारिश में पानी जमा हो जाता है। बारिश बंद होने के बाद पानी उतर जाता है। शहर में पानी जमा होने की स्थिति नहीं है। निगम क्षेत्र के अंतर्गत पानी निकासी के सुधार किए जाएंगे।
रोहताश बिश्नोई, ईओ, नगर निगम पानीपत।
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