आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

नाम के साथ जुड़ गया सीक्रेट कोड का टाइटल

Panchkula

Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। देश को आजाद करने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत यत्न किए। अंग्रेजों का जुल्म लगातार बढ़ता जा रहा था। उनकी निगाहें हर वक्त स्वतंत्रता सेनानियों पर टिकी रहती थीं। यहां तक उनके संदेश भी पढ़ लिए जाते थे, लेकिन हमारे आजादी के परवाने इससे भी तेज होते थे। वे संदेश को सीक्रेट कोड में भेजते थे, ताकि न तो उनके संदेश को पकड़ा जा सके और न ही उनके आदमी को। ऐसे ही एक स्वतंत्रता सेनानी 82 वर्षीय फ्रीडम फाइटर देशराज परदेसी हैं, जिन्होंने उस दौरान प्रयोग में लाए जा रहे सीक्रेट कोड को ही अपने नाम के साथ जोड़ लिया। परदेसी उसमें स्वतंत्रता सेनानियों को कोड हुआ करता था। वे आजादी की लड़ाई में दो बार जेल भी गए। स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर उन्होंने ‘अमर उजाला’ के साथ अपनी यादें साझा कीं।
सेक्टर-8 पंचकूला में रहने वाले देशराज परदेसी कहते हैं कि परदेसी शब्द आज भी उस गुलामी के दौर को याद दिलाता है। वे बताते हैं कि आज भी वही स्थिति है। चारों तरफ अंग्रेजों की तरह भ्रष्टाचार के दानव खड़े हैं। जब तक भ्रष्टाचार जैसे वायरस का सफाया नहीं होता, तब तक हम आजाद होते हुए भी गुलामी की जंजीरों में जकड़े रहेंगे। उन्होंने अन्ना और रामदेव के आंदोलन पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

चौथी क्लास से देश सेवा में जुट गए थे
देशराज परदेशी चौथे कक्षा से देश सेवा में जुट गए थे। 26 जनवरी 1939 में शिशु सेवक की दल के साथ वांलटियर के रूप में नाभा और फरीदकोट के बार्डर पर देश की आजादी के लिए नेशनल प्रोपेगंडा में हिस्सा लिया। प्रजामंडल अगेंस्ट रुलर आफ नाभा स्टेट के प्रेसिडेंट सेठ रामनाथ और एडवोकेट सत्यपाल के साथ 1942 के नाभा स्टेट मूवमेंट के दौरान देशराज गिरफ्तार भी हुए, लेकिन अंडर एज के कारण उन्हें छोड़ दिया गया था।

दो बार जेल भी गए
अंग्रेजों का शिकंजा बढ़ने के बढ़ने के बावजूद देशराज के हौसलों पर कोई कमी नहीं आई। उसके बाद वे बढ़-चढ़कर आंदोलन में हिस्सा लेते रहे। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह फरीदकोट प्रजामंडल मूवमेंट के दौरान 10 फरवरी 1946 से 16 मई 1946 तक वे जेल में रहे। फिर नाभा स्टेट के प्रेसिडेंट सेठ रामनाथ के साथ दो अप्रैल 1947 से 31 जुलाई 1947 तक जेल में रहे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

code titles

स्पॉटलाइट

रजनीकांत की बेटी ने ऑटो ड्राइवर को मारी टक्कर तो ड्राइवर ने दी ये धमकी..

  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

कॉमेडी ‌किंग कादर खान की ऐसी हो गई हालत, बुढ़ापे में परिवार ने भी छोड़ दिया साथ

  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

बच्चे की वजह से पिता नहीं मां की नींद को लगता है ग्रहण

  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

इस हीरो ने कंगना पर उगला जहर, कहा 'कोकीन पीने वाली हीरोइन आज मुंह के बल गिरी'

  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

सेहत के लिए रामबाण है शहद और दालचीनी का नुस्खा, लेकिन प्रेग्नेंट औरतें रहें दूर

  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा मंत्री के काफिले पर हमला, 9 भाजपाई गिरफ्तार

attack on  sp minister awadesh prasad
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

रोमांचक होगा शिमला का सफर, फोरलेन पर बनेगा एरियल ब्रिज, विदेश से आएंगे इंजीनियर

Arial Bridge Will be Built at Dhali-Kethighat Forelane at Shimla.
  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top