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पीयू का 85 प्रतिशत कोटा पूरे ट्राइसिटी को मिले

Panchkula

Updated Thu, 09 Aug 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। अमर उजाला की मुहिम यूनिवर्सिटी की मांग पर लोगों का अपार समर्थन मिलने लगा है। लोगों के बीच एजूकेशन चरचा का विषय बन चुका है। नई-नई बहस शुरू हो गई है। यूनिवर्सिटी के साथ लोगों ने सरकारी गवर्नमेंट मॉडल स्कूल और पीयू का 85 प्रतिशत कोटा पूरे ट्राइसिटी में लागू करने की मांग शुरू कर दी है। इसके साथ लोगों ने प्रोफेशनल कालेजों की भी डिमांड की है। शहरवासियों की एक राय है कि पंचकूला को शिक्षा हब बनाने की जरूरत है। यदि आज इस बारे में नहीं सोचा गया तो यहां के लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। आने वाले समय में हर कोई पंचकूला से पलायन करने की सोचेगा। अमर उजाला की मुहिम को सेक्टर 12 के लोगों ने भी समर्थन दिया। उनका भी एक सुर में कहना है कि हायर एजूकेशन के मामले में शहर एकदम पीछे है। जल्द से जल्द इसका समाधान होना चाहिए। सेक्टरवासियों ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी की पुरजोर मांग उठाई।
कोट
शहर व आसपास के इलाके को एक यूनिवर्सिटी की सख्त जरूरत है। पीयू में कोटा होने के कारण पंचकूला के विद्यार्थी और उनके अभिभावक काफी परेशान होते हैं।
-विपन साहनी, प्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर 12
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कोट
पंचकूला को आबाद करते वक्त घोषणा की गई थी इसे चंडीगढ़ के बराबर दर्जा दिलाएंगे। शहर में हायर एजूकेशन नाम की एक भी सुविधा नहीं है। यहां पर यूनिवर्सिटी खुले और उसमें सारी फेकल्टी होनी चाहिए।
-नरेंद्र चड्ढा, व्यापारी
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कोट
हरियाणा सरकार को पंचकूला को शिक्षा हब बनाना चाहिए। यहां के कई सारे स्टूडेंट पीयू में एडमिशन नहीं ले पाते। यूनिवर्सिटी बनने से यहां का स्टैंडर्ड काफी बढ़ेगा।
-केएल नारंग, रिटायर्ड प्रिंसिपल, गर्वनमेंट कालेज कपूरथला
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कोट
पहले अमर उजाला को बधाई। यह अखबार ऐसी मुहिम छेड़ता है जो लोगों से जुड़े मुद्दे होते हैं। चंडीगढ़ पढ़ने वाले बच्चे जब तक वापस नहीं आते तब तक अभिभावकों की चिंता सताती रहती है।
-लिली बावा, पूर्व पार्षद सेक्टर 12
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कोट
पंचकूला का एजुकेशन लेवल बिल्कुल गिरा हुआ है। यहां न तो ढंग के स्कूल हैं और न ही कालेज। सरकार को इस ओर जरूर से जरूर ध्यान देना चाहिए। यूनिवर्सिटी तो यहां के लिए अहम है।
-डा. बीएन मधोक, पूर्व एफसीआई मैनेजर
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कोट
कई बच्चे तो आसानी से चंडीगढ़ पहुंच जाते हैं, लेकिन कई अभिभावकों को आज भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए यहां तो यूनिवर्सिटी का निर्माण जरूरी है।
-कंचन सद्दी, हाउस वाइफ सेक्टर-12
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कोट
पंचकूला के कालेजों का भी माहौल काफी खराब है। स्टैंडर्ड नहीं होने से विद्यार्थी एडमिशन लेने के लिए कतराते हैं। यूनिवर्सिटी के साथ कालेजों का स्टैंडर्ड भी सुधारना चाहिए।
-कर्नल एएल बक्शी, सेक्टर-12
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कोट
हायर एजूकेशन के मामले में शहर बिल्कुल जीरो है। सरकार को पंचकूला के शहर की ओर भी ध्यान देना चाहिए। यूनिवर्सिटी स्थापित होना बहुत जरूरी है।
-एचओ शर्मा, रिटायर्ड सुपरीटेंडेंट लॉ एंड ऑर्डर पंजाब
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कोट
शहर को बसाने में तीन चीजें मायने रखती हैं। प्लानिंग, एजूकेशन और मेडिकल। शहर को क्वालिटी एजूकेशन की जरूरत है। यहां पर तो एक सेक्टर को शिक्षा हब के रूप में बसाना चाहिए। पंचकूला में काफी रिटायर्ड फौजी भी रहते हैं। उनके बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता।
-कर्नल श्याम सिंह, सेक्टर 12
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कोट
जब पंजाब के शहरों में यूनिवर्सिटी खुल सकती है तो यहां क्यों नहीं। पंचकूला के विद्यार्थी तो सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली हैं। यह शहर पूरी तरह से नेगलेक्टेड है।
-एसपी शर्मा, रिटायर्ड प्रोफेसर
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कोट
शहर में मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कालेज भी होने चाहिए। यूनिवर्सिटी खुलने से पंचकूला व आसपास के विद्यार्थियों को काफी सहूलियत मिल जाएगी।
-आरएस सूद, एक्स जनरल मैनेजर, स्टील अथॉरिटी आफ इंडिया
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कोट
यहां पर हायर एजूकेशन की सख्त जरूरत है। पंचकूला में सरकार को सरकारी यूनिवर्सिटी बनानी चाहिए।
-जेके बाहरी, रिटायर्ड चीफ इंजीनियर हरियाणा
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कोट
यदि एजूकेशन की सुविधा यहीं मिले तो विद्यार्थी और बेहतर काम कर सकते हैं। चंडीगढ़ जाने में उनका समय बरबाद होता है। चंडीगढ़ आने-जाने में वह थक जाते हैं। इसलिए यहां पर यूनिवर्सिटी का निर्माण होना बहुत जरूरी है।
-वीना सूद, कोचिंग संचालिका
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कोट
मेरे बच्चे तो पढ़कर बड़े हो चुके हैं, लेकिन मुझे खुद काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आज भी कई अभिभावक मेरी जैसी कठिनाई का सामना कर रहे हैं
-प्रेम लता, हाउस वाइफ
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कोट
यूनिवर्सिटी बनने से चंडीगढ़ से बोझ काफी कम होगा। ट्रैफिक भी काफी सरल हो जाएगा। हजारों रोजाना बच्चे चंडीगढ़ जाते हैं।
-जानकी मैनी, एक्स नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पीजीआई
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कोट
यहां पर यूनिवर्सिटी बनने से सरकार को भी काफी फायदा होगा। एजूकेशन होगी तो बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री होगी। विद्यार्थियों को भी काफी सहूलियत मिलेंगी।
-राकेश अग्रवाल, महासचिव आरडब्ल्यूए
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कोट
यूनिवर्सिटी का होना बहुत जरूरी है। विश्वविद्यालय नहीं होने के कारण वे दसवीं के बाद बारहवीं चले जाते।
-एएन वडेरा, फ्लाइंग आफिसर
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कोट
चंडीगढ़ जाने में बच्चों का काफी समय बरबाद होता है। यहां पर इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रोफेशनल कालेज होने जरूरी हैं। यूनिवर्सिटी के साथ जब यहां कैंपस होगा तो यहां के विद्यार्थियों की प्रतिभा और बढ़ेगी।
-डीबी वोहरा, रिटायर्ड असिस्टेंट डायरेक्टर पंजाब एजुकेशन बोर्ड
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कोट
शहर में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के साथ सरकार को पब्लिक स्कूल भी खोलने चाहिए। इसके अलावा प्रोफेशनल कालेज भी खोले जाने चाहिए।
-डा. केके शर्मा, रिटायर्ड प्रोफेसर पीयू
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कोट
पंचकूला की एजूकेशन भगवान भरोसे हैं। मेरे बच्चों को काफी तकलीफ हुई थी। मैं समझती हूं कि दूसरे अभिभावक भी इस परेशानी से गुजरते होंगे। सरकार यूनिवर्सिटी का निर्माण जरूर करना चाहिए।
-दीपलता, शिक्षिका लिटिल फ्लावर स्कूल
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कोट
पंचकूला में यूनिवर्सिटी जरूर होनी चाहिए। सरकार इस ओर जरूर ध्यान दें।
-आशा शर्मा, रिटायर्ड डीईओ चंडीगढ़
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कोट
यहां यूनिवर्सिटी डीयू लेवल के बराबर होनी चाहिए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। सच में बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
-अनुपम दत्ता, हाउस वाइफ, सेक्टर 12
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कोट
मेरे बच्चों को काफी परेशानी आ रही है। जब तक वे घर नहीं लौटते तब तक मुझे चिंता सताती रहती है। यहां पर यूनिवर्सिटी का होना बहुत जरूरी है और वह भी स्टैंडर्ड होनी चाहिए।
-मीनू खन्ना, हाउस वाइफ सेक्टर 12
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