आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

यूनिवर्सिटी बिन पंचकूला का भविष्य अंधेरे में

Panchkula

Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
पंचकूला। अमर उजाला की मुहिम पंचकूला मांगे यूनिवर्सिटी के लिए शहरवासियों का जनसमर्थन जुटने लगा है। विद्यार्थी हो या नौकरी पेशा। रिटायर्ड अधिकारी हो या अभिभावक। हर कोई चाहता है कि पंचकूला में यूनिवर्सिटी खुले। विश्वविद्यालय नहीं होने से बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने शुक्रवार को सेक्टर 12ए के लोगों की राय जानने की कोशिश की। सेक्टर निवासियों ने सबसे पहले अमर उजाला की मुहिम का समर्थन किया। उन्होंने भी माना यह इश्यू काफी गंभीर है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र से पंचकूला पूरी तरह से वंचित है। सरकार को शहरवासियों की इस मांग को जल्द से जल्द से मान लेना चाहिए। यह पूरे शहर की समस्या है।
कोट
यूनिवर्सिटी नहीं होने से खासकर लड़कियों को आगे बढ़ने में काफी दिक्कत आती है। यह सभी जानते हैं और सरकार को इस दिशा में इनिशिएटिव लेना चाहिए।
-एसपी जिंदल, उद्योगपति सेक्टर 12ए
-----------------------------------------------------
कोट
अमर उजाला को इस विषय पर मुहिम चलाने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। मैं 1976 से यूनिवर्सिटी की डिमांड कर रहा हूं। चंडीगढ़ जाने में बच्चों को काफी दिक्कत आती है। खुद इसे मैंने महसूस किया है।
-टेक राम मौन, रिटायर्ड एचएमटी
-----------------------------------------------------
कोट
पंचकूला के आसपास इलाकों के बच्चे चंडीगढ़ नहीं जा सकते। वे बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं। यदि पंचकूला में सरकारी यूनिवर्सिटी खुलती तो बच्चों को काफी राहत मिलेगी।
-राम स्वरूप शर्मा, रिटायर्ड डीएसपी
-----------------------------------------------------
कोट
पंचकूला के सभी निवासी सर्विस क्लास हैं। बच्चे यहां के काफी टैलेंटेड हैं। दुर्भाग्य से इन बच्चों को चंडीगढ़ भेजना पड़ता है। अमर उजाला सच में ऐसे गंभीर विषय के प्रति लोगों को जागृत कर रहा, जिसकी शहरवासियों की सख्त जरूरत है।
-दीपक अरोड़ा, रिटायर्ड ज्वाइंट डायरेक्टर, सोशल वेलफेयर पंजाब
-----------------------------------------------------
कोट
मैंने खुद महसूस किया है कि पंचकूला के विद्यार्थियों को चंडीगढ़ में काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। पंचकूला और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए शहर में एक सरकारी यूनिवर्सिटी खुलनी चाहिए।
-विक्रम कैलानी, रिटायर्ड प्रोफेसर पीयू
----------------------------------------------------
कोट
मेरे पोते ने इसी साल अच्छे नंबरों से दसवीं पास किया है। फिर भी उसे चंडीगढ़ में एडमिशन के लिए काफी परेशानी हुई। अब उसे भेजने और लाने में मेरे बच्चों को काफी दिक्कत आ रही है। जब तक वह घर नहीं पहुंचता तब तक चिंता रहती है।
-रामस्वरूप अरोड़ा, उद्योगपति
-----------------------------------------------------
कोट
अमर उजाला ने एक अच्छी मुहिम चलाई है। मैं पूरे पत्रकार समूह को बधाई देता हूं। पंचकूला में सरकारी यूनिवर्सिटी जरूर बननी चाहिए।
-ओम प्रकाश भंडारी, रिटायर्ड अधिकारी, पंजाब पंचायती राज
-----------------------------------------------------
कोट
यूनिवर्सिटी खुलने से सिर्फ पंचकूला नहीं हिमाचल के विद्यार्थियों को भी काफी फायदा होगा। प्रदेश के विकास में ग्रामीण क्षेत्रों का अहम योगदान है, इसलिए सरकार को उनका भी ध्यान रखना होगा।
धर्मपाल गर्ग, रिटायर्ड, बीईओ पंजाब
-----------------------------------------------------
कोट
जब प्रदेश में 35 यूनिवर्सिटी हो सकती है तो यहां पर क्यों नहीं? शिक्षा के क्षेत्र में यह इलाका पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है।
-एनपी गर्ग, रिटायर्ड अधिकारी, पंजाब सरकार
-----------------------------------------------------
कोट
अमर उजाला की मुहिम का हम स्वागत करते हैं। यूनिवर्सिटी खुलने से पंचकूला ही नहीं बल्कि हिमाचल की गरीब जनता को भी फायदा होगा। इसके अलावा शिवालिक बेल्ट को भी काफी फायदा होगा। उनका जीवन स्तर ऊपर उठेगा। टैलेंटेड बच्चे एडमिशन के लिए दूसरे शहरों पर आश्रित नहीं रहेंगे।
-केएस एलावादी, पूर्व निजी सचिव, बिजली मंत्री
----------------------------------------------------
कोट
यूनिवर्सिटी न बनने से काफी दिक्कतें आ रही हैं। यदि यूनिवर्सिटी बनती है तो लोगों का काफी रुपया बचेगा और परेशानी भी नहीं होगी।
-सुदेश वालिया, रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट, हरियाणा सरकार
--------------------------------------------------
कोट
पंचकूला का मोरनी एरिया काफी पिछड़ा हुआ है, जबकि यह हरियाणा का एक मात्र हिल स्टेशन है। यहां काफी गरीब परिवार रहते हैं। ऐसे परिवारों का भी सरकार को ध्यान रखना चाहिए।
-राधे श्याम शर्मा, रिटायर्ड ज्वाइंट डायरेक्टर, पब्लिक रिलेक्शन, हरियाणा
-----------------------------------------------------
कोट
यूनिवर्सिटी का होना जरूरी है। सरकार को जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देना चाहिए। बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-कमला सांगवान, पंचकूला
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

पाकिस्तान की हार के बावजूद टूटा विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका चोपड़ा ने लाइट जलाकर बनाए हैं संबंध, खुद किया खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

OMG: ये लड़की डॉक्टर से मांग लाई अपना कटा पैर, फिर दिखाए गजब के करतब

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका का सबसे जुदा अंदाज, किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही हैं

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS : स्वामी ओम के चलते सलमान ने लिया बड़ा फैसला, ऐसा अब तक नहीं हुअा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 लोगों की मौत, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा हादसाः जल्द आने का वादा कर हमेशा के लिए चला गया आकाश

eta accident driver family story
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top