आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पीला रतुआ ने दी दस्तक, दो किसानों के खेतों में दिखाई दिए लक्षण

ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र

Updated Fri, 17 Feb 2017 12:27 AM IST
The knock the yellow rust, signs appeared in two farmers' fields, Kurukshetra

पीला रतुआ ने दी दस्तक, दो किसानों के खेतों में दिखाई दिए लक्षण PC: Amar Ujala

आखिरकार वही हुआ, जिसका किसानों एवं कृषि अधिकारियों को डर था। गेहूं की फसल के लिए अति घातक मानी जाने वाली पीला रतुआ बीमारी ने दस्तक दे ही दी। हालांकि अभी जिला के गांव बड़ौंदा व बेरथाला में इस बीमारी के लक्षण पाए गए है, लेकिन इससे किसानों व कृषि विशेषज्ञों में हड़कंप मच गया है।
अब दूसरे किसानों में भी इस बीमारी को लेकर चिंता दिखाई देने लगी है तो वहीं अधिकारियों की सर्तकर्ता भी बढ़ गई है। बीमारी का पता चलते ही  सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डा. बलबीर सिंह भान, उप मंडल कृषि अधिकारी डा. सुरेश कुमार व कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. जे.एन. भाटिया की संयुक्त टीम ने बाबैन व लाडवा खंड के लगभग आधा दर्जन गांवों का दौरा किया। इस दौरान लाडवा के गांव बडौदा में किसान मुनीष कुमार के 2 एकड़ व बाबैन खंड के गांव बेरथला के किसान जगदीश के 1 एकड़ गेहूं की फसल में पीले रतुए के लक्षण पाए गए।

इन दोनों किसानों ने गेहूं की किस्म एचडी-2967 की बिजाई की हुई है। टीम ने अपनी उपस्थिति में दोनों किसानों के प्रभावित खेतों में दवा का स्प्रे भी करवाया। उधर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ कर्मचंद ने बताया कि पिछले सप्ताह भी टीम द्वारा दर्जनों गांवों का दौरा किया गया था परंतु उस समय इस रोग के लक्षण नहीं पाए गए थे। टीम ने किसानों को सलाह दी की वे लगातार अपने खेतों का निरीक्षण करते रहें ताकि समय पर इस रोग की पहचान व उपचार किया जा सके।

ये है बीमारी के लक्षण      
डॉ. बलबीर सिंह भान ने बताया कि गेहूं की फसल में पत्तों का पीला होना ही पीला रतुआ रोग के लक्षण नहीं है। पीला पत्ता होने का कारण फसल में पोषक तत्वों की कमी, जमीन में नमक की मात्रा ज्यादा होना व पानी का ठहराव भी हो सकता है। पीला रतुआ बीमारी में गेहूं के पत्तों पर पीले रंग का पाउडर बनता है जिसे हाथ से छूने पर हाथ पीला हो जाता है। यह रोग औसतन 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर अधिक फैलता है।      

ऐसे करें दवा का छिड़काव
पीला रतुआ बीमारी के लक्षण दिखाई दे तो किसानों को तुरंत 200 एमएल प्रोपिकोनाजोल 25 ईसी दवाई का 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से स्प्रे करना चाहिए। रोग के प्रकोप व फैलाव को देखते हुए दूसरा छिड़काव 15-20 दिन के अंतराल पर करे। इसके अतिरिक्त पछेती गेहूं व जो गेहूं की फसल सफेदों व पापुलर में बिजाई गई है तथा जहां पर खाद का अधिक प्रयोग किया गया है, वहां पर चेपा कीडे़ का प्रकोप ज्यादा पाया गया है। इसकी रोकथाम हेतु किसान मैलाथियान 50 ईसी 400 मिली दवा का प्रति एकड़ प्रयोग कर सकते हैं। डॉ जेएन भाटिया और डॉ. भान ने कहा की किसानों को समय-समय पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए। इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते ही विभाग को सूचना दी जानी चाहिए।

करनाल के गांव चौगामा में दिखाई दी थी सबसे पहले बीमारी
प्रदेश में सबसे पहले गेहूं की फसल में करनाल जिला के इंद्री खंड के अंतर्गत आने वाले गांव चौगामा में दिखाई दी थी। जिसके बाद न केवल यहां भी कृषि विभाग के अधिकारी व कृषि विशेष अलर्ट पर आ गए थे बल्कि विशेषज्ञों ने खेतों की मेढ़ नापनी भी शुरू कर दी थी। इससे पहले यह बीमारी पंजाब में व्यापक स्तर पर दिखाई दी और इसके हवा में ही फैल जाने की आशंका बनी रहती है। अमर उजाला ने 4 फरवरी के अंक में ही इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बता दें कि जिले में  इस बार एक लाख 14 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बीजाई की हुई है।

पिछले वर्ष 12 हजार हेक्टेयर गेहूं ली थी चपेट में
हर वर्ष आने वाली इस बीमारी ने जिले में पिछले वर्ष करीब 12 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल पर अपना प्रभाव दिखाया था, जिसमें बड़े क्षेत्र में फसल को भारी नुकसान भी हुआ था।

ये किस्में है संवेदनशील            
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जेएन भाटिया के अनुसार इस बीमारी के प्रति गेहूं की अधिक संवेदनशील किस्मों में पीवीडब्ल्यू 343, एचडी 2967, एचडी 2851, डीबीडब्ल्यू 17, बरबट, सुपर 151 व सुपर 172 है, जिनका किसानों को अधिक ध्यान रखना चाहिए। यह बीमारी दिसंबर के बाद व फरवरी तक कभी भी आ सकती है तो वहीं इंटर क्रॉपिंग वाली फसलों में अधिक संभावना रहती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

रमजान 2017: सेहरी में खाएंगे ये 5 चीजें तो दिनभर नहीं लगेगी भूख

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

एक ही फिल्‍म कर गुमनाम हुई ये 'गांव की छोरी', अब विदेश में खड़ा किया अरबों का साम्राज्य

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

रमजान 2017ः पवित्र माह का पहला रोजा आज, जानें इससे जुड़े सख्त नियम

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

#Menstrual hygiene day: पीरियड्स में रखें इन बातों का ख्याल, वरना हो सकती हैं ये दिक्कतें

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

कई फिल्मों में काम कर चुकीं इस पॉपुलर एक्ट्रेस के साथ बेटे ने किया कुछ ऐसा, फूट-फूट कर रोईं

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

Most Read

यूपी में एक साथ 222 वरिष्ठ PCS अफसरों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

senior PCS transferred in Uttar   Pradesh.
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

नीतीश के PM मोदी के साथ लंच पर तेजस्वी का तंज, कहा- चटनी पॉलिटिक्स

cm Nitish kumar will attend pm Modi's banquet
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

पाक ने की फिर की गोलीबारी, 2 पोर्टरों की मौत

pakistan voilates ceasefire on Loc two porters killed
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

सीएम योगी ने बलरामपुर दौरे पर की कई घोषणाएं, जानें- क्या बोले

 yogi adityanath in balrampur.
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, मायावती बोलीं- भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं

mayawati pc on dalits saharanpur violence
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

J&K: आज फिर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, एक आतंकी ढेर

intruder killed on Loc in poonch of jammu and kashmir
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top