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रेगुलर फैकल्टी के लिए तरस रहा कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग

Karnal

Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
कुरुक्षेत्र। देश के महत्वपूर्ण तकनीकी शिक्षण संस्थान एनआईटी का कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग पिछले पिछले पांच वर्षों से गेस्ट फैकल्टी के भरोसे चल रहा है। इस संस्थान में पांच साल पहले शुरू किए गए कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग में आज तक स्थायी नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। इस लापरवाही का खामियाजा विभिन्न राज्यों के 270 विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र के कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग को उधार के शिक्षकों के दम पर चलाया जा रहा है, जबकि संस्थान में देश के विभिन्न राज्यों के 270 विद्यार्थी एमसीए कर रहे हैं। इस विभाग में पांच शिक्षकों की स्थायी भर्ती के लिए प्रयास शुरू हुए भी थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अभी तक ठंडे बस्ते में है। एनआईटी ने स्थायी पदों को भरने के लिए 21 मई को विज्ञापन संख्या 14/2012 निकाली थी। इसके अंतर्गत एनआईटी के कई विभागों में अनुसूचित जातियों और पिछडे़ वर्ग के लिए आरक्षित पद निकाले गए। इन नियुक्तियों में अब तक सभी दूसरे विभागों के लिए साक्षात्कार हो चुके हैं, लेकिन सिर्फ कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग में अभी तक कोई भी साक्षात्कार नहीं कराया गया है। हालांकि दिसंबर में इस विज्ञापन को प्रकाशित हुए 6 महीने गुजर जाएंगे। वहीं इसके बाद एनआईटी को इन पदों पर साक्षात्कार के लिए दोबारा एक्सरसाइज एवं पुन: विज्ञापन प्रकाशित करना पड़ेगा। एनआईटी के कुलसचिव जीएन समंत्रे ने इस बारे में जानकारी नहीं होने का हवाला दिया और कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के अध्यक्ष डा. जितेंद्र छाबड़ा से जानकारी लेने को कहा। विभागाध्यक्ष ने इस बारे में जवाब दिया कि साक्षात्कार व आवेदकों से जुड़ी सभी जानकारी रजिस्ट्रार के पास मौजूद है। उधर साक्षात्कार का सवाल पूछे जाने पर कुलसचिव जवाब देने से बचते नजर आए और जानकारी नहीं है, कहकर पल्ला झाड़ लिया।
एनआईटी में 100 शिक्षक हैं अनुबंध पर
एनआइटी के सभी विभागों में 5 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और सभी विभागों में 100 के लगभग शिक्षक अनुबंध पर सेवाएं दे रहे हैं।

दूसरे विभाग के स्थायी प्रोफेसर हैं एचओडी
कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग में वर्तमान में 11 लेक्चरर अनुबंध पर लगाए गए हैं, जबकि दूसरे विभाग (कंप्यूटर इंजीनियरिंग) को अतिरिक्त कार्यभार सौंप कर विभागाध्यक्ष बनाया गया है।

सिर्फ एमसीए, नहीं कराई जा रही पीएचडी
इस विभाग में सिर्फ एमसीए कोर्स ही कराया जा रहा है। स्थायी शिक्षक नहीं होने की वजह से पीएचडी भी नहीं कराई जा रही। इसकी वजह से उन विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है, जोकि पीएचडी करने के इच्छुक हैं।
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