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आरटीआई की सूचना से उड़ी अधिकारियों की नींद

Karnal

Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
करनाल। नगर सुधार मंडल और वन विभाग की नींद आरटीआई के तहत मुगल कैनाल मामले के खुलासे से टूट चुकी है। इससे पहले दोनों विभागों के अधिकारी चैन की नींद सोते रहे। सूचना मांगे जाने के बाद नगर सुधार मंडल ने वन विभाग को प्रस्ताव भेजा है, वहीं गलती छुपाने के लिए अधिकारी अब आरटीआई कार्यकर्ता पर ही दोष मढ़ रहे हैं और लोगों को भ्रमित करने की बात कहकर अपनी कुंठा निकाल रहे हैं। वे मान चुके हैं कि बिना अनुमति लिए नगर सुधार मंडल ने मार्केट काटी है और अब खुद को फंसता देख अनापत्ति के लिए पत्र लिखा गया है।
आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने नगर सुधार मंडल से 22 मई 2012 को मुगल कैनाल से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरटीआई से अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए और आनन-फानन में बचाव का तरीका ढूंढा जाने लगा। पूछा गया था कि वन विभाग की कितनी प्रोटेक्टिड फोरेस्ट लैंड पर नगर सुधार मंडल ने कब्जा किया है और कौन से अधिकारी दोषी हैं। वहीं, पूछा गया था कि सभी दस्तावेज दें, जिस आधार पर मार्केट काटी गई है। खुद को फंसता देख अधिकारियों ने 18 जून 2012 को अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए वन विभाग को पत्र लिख दिया। वहीं, इसके दो दिन बाद 20 जून 2012 को आरटीआई कार्यकर्ता को सूचना मुहैया कराई गई। इससे पहले विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा था। वन विभाग ने भी कई साल पहले सिर्फ एक नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली थी।

यह है मामला
शहर के बीचोंबीच बहती मुगल कैनाल के फेज-1 पर नगर सुधार मंडल ने वन विभाग से अनुमति लिए बिना मार्केट काटकर करोड़ों रुपये कमा लिए हैं। जमीन बेच दी गई है। वन विभाग का दावा है कि यह प्रोटेक्टिड फोरेस्ट लैंड है और ऐसा कर नगर सुधार मंडल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना की है। अब मगुल कैनाल फेज-2 विस्तार की योजना बनाई गई है। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने इस मामले का खुलासा किया है। उनका कहना है कि नगर सुधार मंडल प्रोटेक्टिड फोरेस्ट लैंड पर शोरूम काटकर बेच रहा है, जबकि यहां पेड़-पौधे होने चाहिए थे। वहीं, नगर सुधार मंडल दावा कर रहा है कि यह भूमि उनकी है और वन विभाग का इससे दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। नगर सुधार मंडल ने यहां एशिया की सबसे बड़ी मार्केट काटी है। प्रिंसिपल सेक्रेटरी फोरेस्ट डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरमेंट एंड फोरेस्ट गवर्नमेंट हरियाणा को इंस्पेक्टर जनरल ऑफ फोरेस्ट ने जांच के आदेश दे रखे हैं।
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