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विदेश में रहकर भी नहीं भूले देसी रिवाज

Karnal

Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
करनाल। प्रेम और विवाह हुआ विदेश में पर देसी परंपरा को वह नहीं भूले और अपने रिवाज के लिए स्वदेश दौड़े चले आए। सात समंदर पार शादी करने के बाद कर्णधरा पर खुशी का अजीब आलम देखने को मिला है। एक प्रेमी युगल ने इंग्लैंड में शादी रचाई, पर विवाह बंधन की तमाम रस्म उनके पैतृक गांवों में निभाई गईं। बेहतर भविष्य की चाह में देश छोड़कर सात समंदर पार जाने वाले युगल जोड़े ने इग्ंलैंड स्थित गुरुद्वारे में शादी कर साबित कर दिया है कि उनके दिल में देश प्रेम, धर्म और संस्कृति की अमिट छाप है, जिसे वे कभी नहीं भुला सकते। महिलाओं ने शादी के मंगल गीत गाकर जोड़े के सुखद भविष्य की कामना की।
दरड़ निवासी ओंकार सिंह पुत्र दलजीत सिंह कुछ साल पहले पढ़ने के लिए इंग्लैंड चला गया था। वहां मूलरूप से अमृतसर निवासी सरबजीत से प्रेम हो गया और दोनों ने धार्मिक रीति रिवाज से गुरुद्वारे में शादी कर ली। शादी से पहले परिजनों से अनुमति ली गई और परिजनों ने करनाल में सारे रिवाज निभाए।
भात नौतने दनियालपुर गई मां
वर की मां बाकायदा भात नौतने अपने मायके दनियालपुर गई और मामाओं ने भात भरा। वधु पक्ष के लोगों ने अमृतसर से करनाल आकर दहेज देने की रस्म अदा की और दहेज में सफारी गाड़ी समेत तमाम रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें दी गईं। इसके बाद ग्रामीणों और नाते-रिश्तेदारों को सामूहिक भोज दिया गया। हालांकि वर-वधु इंग्लैंड में ही रहे, पर पूरा गांव उनकी गैरमौजूदगी में भी रातभर जश्न में डूबा रहा। दंपत्ति के मौजूद न होने की वजह से वर के पिता दलजीत सिंह और मामा सुखदेव सिंह ने मेहमानों की बधाई ली।
गांव में गाए मंगलगीत
दूर-दूर से सगे संबंधियों ने सार रस्मों रिवाज निभाए। संस्कृति को पूरा महत्व देते हुए इस जोड़े ने विदेश में शादी एक गुरुद्वारे में की। भारतीय संस्कृति के रीति-रिवाजों को आज विदेशों में भी निभाया जाने लगा है, चूंकि संस्कृति से भावनाएं जुड़ी हुई हैं। शादी की खुशी में मंगल गीत गाए गए, भात की रीति निभाई गई और मंढा बधाई की गई।
सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके भांजे ने विदेश में भारतीय संस्कृति का अनुसरण कर साबित कर दिया है कि विदेश जाने वाले युवाओं में देशप्रेम का जज्बा कम नहीं हुआ है, भले ही वे अपनों से दूर चले गए हैं, पर अपनी संस्कृति नहीं भूले हैं। शादी समारोह में आए तमाम मेहमान इस आयोजन के कायल हो गए।
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