आपका शहर Close

देश की सुरक्षा के लिए खतरा है पुलिस वाहनों की जानकारी देना

Karnal

Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
करनाल। पुलिस विभाग के वाहनों के पंजीकरण, प्रदूषण और बीमा संबंधी जानकारी देना देश की सुरक्षा को खतरा पैदा कर सकता है। यह दावा जिला पुलिस ने आरटीआई के जवाब में किया है। कहा गया है कि यह सूचना देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। इस पर आरटीआई कार्यकर्ता और पुलिस आमने-सामने हो गई हैं। आरटीआई कार्यकर्ता का दावा है कि पुलिस लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाती है, पर नियम महकमे पर लागू नहीं किए जा रहे। पुलिस को डर है कि इस सूचना से कई बड़े खुलासे होंगे, इसलिए बेतुकी बात कहकर सूचना देने से मना कर दिया गया।
सूचना आयोग के संज्ञान के बाद पुलिस ने की लीपापोती
आरटीआई कार्यकर्ता अक्षय शर्मा ने 30 अप्रैल 2012 को जिला पुलिस से सरकारी पुलिस वाहनों के पंजीकरण, प्रदूषण और बीमा संबंधी जानकारी मांगी थी। तय समय पर सूचना नहीं मिली तो उसने प्रथम अपीलय अधिकारी आईजी करनाल रेंज के समक्ष अपील दायर कर दी। वहां से कोई रिप्लाई न आने पर राज्य सूचना आयोग हरियाणा को द्वितीय अपील डाली गई। आयोग ने संज्ञान लेते हुए आईजी करनाल और एसपी को नोटिस कर दिया और दिसंबर माह में सुनवाई की तारीख तय कर दी। आयोग के नोटिस के बाद पुलिस ने सूचना के नाम पर लीपापोती कर इसे देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक बता दिया। 24 सितंबर को मुहैया कराई गई सूचना में पुलिस ने लिखा है कि सूचना देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। इस सूचना से देश की सुरक्षा को खतरा है।

छुपा रही पुलिस अपना कारनामा
अक्षय का कहना है कि सूचना धारा 8(1)-ए के दायरे में नहीं आती। पुलिस के अधिकतर वाहनों के कागजात पूरे नहीं, इसलिए सूचना नहीं दी जा रही। चालान के नाम पर पुलिस रोजाना लोगों से वसूली कर रही है, पर अपने वाहनों के कागजात पूरे नहीं है। वाहन के पंजीकरण, प्रदूषण और बीमा से देश की सुरक्षा को कैसे खतरा हो सकता है। लोकतांत्रिक देश में पुलिस को यह अधिकार है कि वह मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आमजन के वाहनों के कागजात की चेकिंग कर सकती है, इसलिए आमजन को भी अधिकार है कि वह ऐसी सूचना ले सकता है, इससे देश की सुरक्षा को खतरा होने की बात कहना बेतुका है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसी तरह के एक मामले में फैसला सुनाते वक्त व्यवस्था की थी कि जब भी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कोई भी सरकारी विभाग धारा 8 के अंतर्गत प्रकटीकरण में छूट के कारण यदि सूचना देने से मना करता है तो उसे आवेदक को विस्तार पूर्वक बताना पड़ेगा कि उक्त धारा सूचना पर किस तरह से लागू होती है, कि वह प्रकट नहीं की जा सकती, लेकिन पुलिस ने ऐसा भी नहीं किया।
Comments

स्पॉटलाइट

Special: पहले से तय है बिग बॉस की स्क्रिप्ट, सामने आए 3 फाइनिस्ट के नाम लेकिन जीतेगा कोई चौथा

  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

एक रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है 'रेस 3', सलमान बिग बॉस में करवाएंगे बॉबी देओल की एंट्री

  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

मिलिये अध्ययन सुमन की नई गर्लफ्रेंड से, बताया कंगना रनौत से रिश्ते का सच

  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

मां ने बेटी को प्रेग्नेंसी टेस्ट करते पकड़ा, उसके बाद जो हुआ वो इस वीडियो में देखें

  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

Bigg Boss के घर में हिना खान ने खोला ऐसा राज, जानकर रह जाएंगे सन्न

  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

Most Read

चित्रकूट ट्रेन हादसे पर सीएम योगी ने जताया दुख, पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान

vasco da gama patna express train derailed in chitrakoot near banda up
  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

शास् त्रीनगर में कट बंद होने का काम शुरू

शास्
त्रीनगर में कट बंद होने का काम शुरू
  • शनिवार, 25 नवंबर 2017
  • +

हनीमून से पहले नूपुर ने पूछे कई सवाल? भुवनेश्वर ने अपने अंदाज में दिए जवाब

Nupur asked many questions before the honeymoon? Bhuvneshwar responds in his own style
  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

अपनी जगह से नहीं हटेंगे 108 फुट ऊंचे हनुमान जी: दिल्ली हाईकोर्ट

Delhi High Court expressed anguish over several illegal constructions in Karol Bagh
  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

2 साल के भाई को दरवाजे से बांधकर 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म

boy accused of raping 4 years old girl in madhya pradesh
  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +

भुवी-नूपुर की रिसेप्शन पार्टी में बधाई देने पहुंचे सुरेश रैना-प्रवीण कुमार

Bhuvi procession came out, my friend marriage on dance, will be in a while
  • शुक्रवार, 24 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!