आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

आसमान से बरसी मुसीबत

Karnal

Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
करनाल। सोमवार को करनाल में जाता हुआ मानसून कहर बनकर बरसा। पूरे शहर में जलभराव के कारण जल-थल एक हो गया। अधिकतर कालोनियों और शहर के प्रमुख मार्ग जलभराव से बेहाल रहे। बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और लोग दिनभर परेशान रहे। शहर के पाश इलाके से लेकर निचली कालोनियों में कई-कई फीट पानी जमा हो गया। दोपहर तक लोग घर से पानी निकालने में लगे रहे। सोमवार को जिले में रिकार्ड 208.2 एमएम बारिश दर्ज हुई है। यह पिछले चालीस साल की सबसे बड़ी बारिश है।
मानसून की तीसरे दिन हुई भयंकर बारिश ने पिछले एक महीने के तमाम रिकार्ड तोड़ दिए। जहां किसानों के खेतों पर एक से डेढ़ फुट पानी जमा हो गया, वहीं शहरी क्षेत्र के तमाम प्रमुख मार्गों पर करीब दो से तीन फुट पानी जमा हो गया। कर्ण विहार में सीवरेज पाइपलाइन जमीन में धंस गई। शहर के कई बडे़ नाले लबालब होने के साथ ओवरफ्लो हो गए। कई क्षेत्रों के लोगों के घरों में पानी घुस गया। सैकड़ों वाहन पानी में फंसे रहे। बारिश से ही कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और सड़के अवरुद्ध हो गई।

सोमवार तड़के शुरू हुई बारिश
सोमवार तड़के करीब तीन बजे प्रारंभ हुई बारिश ने सुबह छह बजे तक चारों ओर पानी-पानी कर दिया। इसके बावजूद भी बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी। मौसम विभाग की मानें तो तड़के तीन बजे से प्रारंभ होेने के बाद सुबह करीब साढे़ आठ बजे तक 121.6 एमएम बारिश हो चुकी थी। मात्र साढे़ पांच घंटे में 121.6 एमएम बारिश होना इस मानसून का पहला रिकार्ड है। इसके बाद दोपहर दो बजे तक यह बारिश का आंकड़ा 208.2 एमएम तक जा पहुंचा और जल-थल एक हो गया। इतनी तेज बारिश पिछले चालीस साल में पहली बार रिकार्ड की गई है।

कर्ण विहार में सीवरेज लाइन धंसी
शहर के कर्ण विहार क्षेत्र में कुछ दिन पहले ही बिछाया नया सीवरेज बारिश के कारण बैठ गया। पूरी व्यवस्था चौक हो जाने से सीवरेज का गंदा पानी क्षेत्र के लोगों के घरों में जा घुसा। क्षेत्र निवासी कर्ण सिंह और दलबाग सिंह के अनुसार बारिश बेहद तेज होने के कारण संभवता सीवरेज कर सिस्टम जमीन में धंस गया। इस कारण लोगों को बुरी फजीहत झेलनी पड़ी। वहीं, शिव कालोनी में एक मकान की दीवार गिर गई। जब यह हादसा हुआ, उस समय कोई दीवार के पास नहीं था। बगल में खाली प्लाट में जलभराव के कारण यह दीवार गिरी।

शहर में यहां-यहां भरा पानी
शहर के कृष्णा नगर में सुबह की तेज बारिश के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया। क्षेत्र निवासी श्याम सिंह के अनुसार लोगों के घरों में करीब आधे से एक फुट पानी भर गया। लोगों का काफी सामान खराब हो गया। रामगनर, गांधी नगर में भी यही हालत रही। लोगों को बाल्टियों के साथ बारिश में ही घरों से पानी निकालना पड़ा। इसके अलावा हांसी रोड का गंदे पानी का नाला ओवर फ्लो हो गया। इससे न्यू वाल्मीकि कालोनी, जनकपुरी, मंगल कालोनी, चांद सराय समेत कई क्षेत्रों के लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया। लाइनपार क्षेत्र राम नगर की तमाम सड़कों पर पानी जमा रहा। रेलवे रोड, कमेटी चौक, कर्ण गेट, सब्जी मंडी चौक, नेहरू पैलेस, ओल्ड जीटी रोड, टेलीफोन एक्सचेंज, कपड़ा मार्केट के सामने, बस अड्डा परिसर व बाहर, सिविल लाइन थाना मोड़, सनातन धर्म मंदिर, माडल टाउन की बड़ी मार्केट, हुडा के सेक्टर 12 का संडे बाजार रोड, सेक्टर 13 के तमाम मार्ग, सेक्टर 13-14 रोड़, सेक्टर छह, सात, आठ और नौ समेत शहर के तमाम निचले क्षेत्र पानी में डूबे रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों के आवास भी डूबे
बारिश के कारण शहर के वीवीआईपी इलाके ठंडी सड़क पर बने अधिकारियों के आवास जलमग्न हो गए। डीसी, एसपी समेत जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास में कई फुट पानी जमा हो गया। सड़क पर इस तरह से जलभराव था, जैसे मानों घरों के सामने तालाब बना दिया गया हो। दो बजे दोपहर तक जलभराव की स्थिति यही रही। न्यायिक अधिकारियों के यहां तो देर शाम तक भी पानी नहीं निकाला जा सका।

बिजली और सड़क यातायात प्रभावित
शहर में कई स्थानों पर बारिश के कारण पेड़ गिए गए। जहां पेड़ गिरे उन क्षेत्रों में बिजली में गुल हो गई। ऐसा होने से करनाल नंबर वन की कई घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रही। ओल्ड जीटी रोड पर होटल ज्वेलर्स रोड पर भी भारी भरकम पेड़ गिर गए। बिजली के खंभे गिर गए। सड़के जाम हो गई। क्रेन बुलाकर पेड़ हटवाने पडे़। इसके बाद ही बिजली सप्लाई दोबारा चालू हो सकी। इसके अलावा अस्पताल के दीवार के साथ लगते कुंजपुरा रोड पर कश्यप धर्मशाला के पास भी पेड़ गिर गया। दोनों स्थानों पर वाहन चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ी। पेड़ गिरने से सड़क यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित रहा।

किसानों के खिल उठे चेहरे
इस बारिश से जहां शहर के लोग तौबा कर गए, वहीं गांव में किसानों के चेहरे खिल उठे। सुबह झमाझम बारिश देखकर किसान मग्न हो गए और ईश्वर का आभार जताया। गांव औगंध निवासी किसान पंडित दयाराम शर्मा, गांव गीतापुर निवासी रामकुमार, गांव संडीर निवासी महेंद्र कुमार, गांव खेड़ा निवासी विनोद कुमार, गांव फाजिलपुर निवासी जसमेर, गांव घीड़ निवासी बृजपाल के अनुसार सोमवार तड़के तो भगवान ने किसानों और आम लोगों को बारिश से पूरी तरह छका दिया। सुबह लोग नींद से जागे तो चारों और पानी ही पानी नजर आया। इसके बाद भी बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही। उनके खेतों में एक से डेढ़ फुट तक पानी जमा हो गया। धान की फसल खेतों पर नहीं होती तो किसान इतनी बारिश में तबाह हो जाते। धान की फसल के लिए अब यह बारिश पर्याप्त है। अब अधिक बारिश हुई और कई दिन तक खेतों पर पानी जमा रहा तो किसानों के पास सिर पिटने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

अभी तेज बारिश की पूरी संभावना
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बारिश होने के कारण अधिकतम तापमान 3.1 डिग्री गिरने के साथ 26.4 एमएम रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री दर्ज किया गया। वाष्प दाब सुबह के समय 23.8 एमएम और शाम के समय 24.5 एमएम दर्ज किया गया। हवा की स्पीड 2.4 किलोमीटर रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटे में फिर से तेज बारिश होने की प्रबल संभावना बनी है।



चालीस साल का रिकार्ड तोड़ा
कम बारिश की भविष्यवाणी पर फेरा बारिश का पानी
208.2 एमएम बारिश दर्ज की गई करनाल में
चालीस साल में पहली बार इनती तेज बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी पर मानसून ने एक झटके में पानी फेर दिया। सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने चालीस साल का रिकार्ड तोड़ दिया और 208.2 एमएम बारिश रिकार्ड हुई। अब तक यह सबसे तेज बारिश इलाके में रही है। इस वर्ष कम बारिश होेने के विशेषज्ञों के अनुमान के आसार पर कुदरत ने मात्र एक झटके में ही पानी फेर दिया।
वर्ष 2012 के मानसून से 20 अगस्त तक भी किसानों और आम लोगों को अच्छी बारिश होने की उम्मीद नहीं थी। इतना ही नहीं मानसून की नाराजगी के चलते इस बार जिला करनाल में दस हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल कम लगाई गई। धान की खेती का असंध क्षेत्र का यह रकबा कम हुआ है। इस क्षेत्र में नहरी सिंचाई और ट्यूबवेलों की सिंचाई के बेहतर इंतजाम नहीं होने से किसानों ने जोखिम नहीं लिया। आम लोगों और किसानों की बात छोड़ भी दे तो मौसम विशेषज्ञ भी इस बार मानसून के अच्छे हालात नहीं होने के संकेत दे चुके थे।
विशेषज्ञ बारिश होने और झड़ी लगने की बात तो कह चुके थे, लेकिन आंकड़ों के अनुसार उन्हें भी नहीं लगता था कि एक दिन में इतनी जबरदस्त बारिश होगी वह पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त कर देगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्राप्त आंकडे़ नहीं बोल रहे थे कि मानसून के बाकी बचे दिनों में इस कदर वाष्प दबाव बनेगा और एक ही दिन में बारिश भयंकर ढंग से होगी। पिछले चालीस वर्ष में वर्ष 1972 से लेकर वर्ष 2011 तक पहले कभी एक दिन भी इतनी जबरदस्त बारिश नहीं हुई।
1988 में हुई थी 158 एमएम बारिश
मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार 27 अगस्त को मात्र 24 घंटे में 208.2 एमएम बारिश होना रिकार्ड किया गया। इससे पर्व 24 अगस्त 1988 में 158 एमएम बारिश एक दिन में होने का रिकार्ड दर्ज है। यह पहला मौका है, जब पिछले चालीस साल में 208.2 एमएम बारिश एक दिन में हुई। इस वर्ष में अगस्त महीने में अब तक कुल 385 एमएम बारिश हो चुकी है। वर्ष 2012 में केवल अगस्त महीने के बीते 26 दिनों में 177 एमएम बारिश हुई थी।
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

anniversary trouble

स्पॉटलाइट

लव लाइफ होगी और भी मजेदार, रोज खाएं ये चीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

जूते, पर्स या जूलरी ही नहीं, फोन के कवर भी बन गए हैं फैशन एक्सेसरीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

BSF में पायलट और इंजीनियर समेत 47 पदों पर वैकेंसी, 67 हजार तक सैलरी

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

इन तीन चीजों से 5 मिनट में चमकने लगेगा चेहरा

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

नवरात्रि 2017: इस बार वार्डरोब में नारंगी रंग को करें शामिल, दीपिका से लें इंसपिरेशन

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

Most Read

गुरुग्राम निकाय चुनाव 2017: BJP को तगड़ा झटका, 35 वार्ड में महज 13 पर जीत

gurugram mcd elections results for 2017
  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

अखिलेश यादव बोले- अब डिंपल नहीं लड़ेंगी चुनाव, परिवारवाद से भी किया इंकार

akhilesh yadav says dimple yadav will not contest election.
  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

बिहार में भी मुहर्रम के दिन दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर रोक, केन्द्रीय मंत्री ने उठाए सवाल

All Durga Puja committees to immerse idols on Vijaya Dasami a day before says Patna DM
  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

कर्मचारी ने ट्रांसफर रुकवाने को दिया ऐसा कारण, हंस हंस कर लोटपोट हो जाएंगे

unique funny reason given by employee to stop transfer
  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

DU के प्रोफेसर ने मां दुर्गा पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, टीचर्स संगठन ने दर्ज करवाई शिकायत

teachers association complaint against professor kedar mandal for controversial post on maa durga
  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!