आपका शहर Close

किसी के हाथ में बूट पॉलिश का बैग तो किसी के कंधों पर था कूड़े का बौरा...

Rohtak Bureau

Rohtak Bureau

Updated Wed, 15 Nov 2017 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
किसी के हाथ में बूट पॉलिश का बैग तो किसी के हाथों में कूड़े का बौरा। जी हां! मंगलवार को बाल दिवस पर शहर में कई स्थानों पर इसी तरह नन्हें बच्चों के हाथों व कंधों पर ये बैग लदे नजर आए। कई स्थानों पर तो बच्चों का झुंड नजर आया। उनकी उम्र लगभग 8 से 12 वर्ष के मध्य थी। ये बच्चे हमारे ही समाज की तरह है पर उनका जीवन भिन्न है। जब हमारे बच्चे स्कूल जाते हैं तो वो कूड़ा उठाने जाते है। अमर उजाला की टीम ने जब शहर में विभिन्न स्थानों पर चैक किया तो हालात कुछ इसी तरह दिखे।

शहर में पुराने न्यायालय परिसर में यह रहा हाल
बाल दिवस के दिन अमर उजाला की टीम शहर के पुराने न्यायालय परिसर में पहुंची। यहां पर 10 वर्ष की उम्र के पांच बच्चे हाथों में बूट पॉलिश का बैग लेकर पेड़ के नीचे बैठकर आते-जाते राहगीर को बार-बार यही कह रहे थे कि अंकल बूट पॉलिश करा लो...। मगर एक घंटा बीतने के बाद भी उन्हें कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला, जिसके बूट पर पॉलिश करके वे पैसा कमाकर अपना पेट भर सकें। कुछ राहगीरों को तो उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अंकल भूख लगी है आप बूट पॉलिश कराएंगे तो हम खाना खा लेंगे। जब अमर उजाला संवाददाता ने उनसे सवाल किया कि तुम्हें पता है आज बाल दिवस है तो बच्चों का जवाब सुनकर हम भी हैरान रह गए। बच्चों ने जवाब दिया कि उन्हें नहीं पता आज क्या है और वे तो रोजाना की तरह यहां पहुंचे हैं। बूट पॉलिश करने वाले नन्हें बच्चों में अरुण, नसीब, सोनू, अजय व सन्नी शामिल थे। पांचों बहादुरगढ़ शहर के मेला ग्राउंड के नजदीक रहते हैं। जब उनसे एक और सवाल किया गया कि तुम पढ़ना चाहते हो तो उनका जवाब हां था। मगर उन्होंने कहा कि उन्हें पढ़ाने वाला कोई नहीं है। कुछ समय पहले उन्हें पढ़ाने के लिए उनके पास के पार्क में उनके गुरु आते थे, अब काफी समय से कोई नहीं आ रहा तो वे अब बूट पॉलिश का काम करने लगे हैं। दिनभर में 50-60 रुपये कमाकर वे अपना पेट भरते हैं। बच्चों के पैरों में जूते-चप्पल भी नहीं थे। बच्चों ने कहा कि अगर कोई पढ़ाने वाला आएगा तो हम जरूर पढ़ेंगे। मां-बाप मजदूरी का काम करते हैं।

मेला ग्राउंड की स्थिति
पुराने न्यायालय परिसर के बाद टीम मेला ग्राउंड के नजदीक पहुंची। यहां पर न केवल नन्हें बच्चे बल्कि बच्चियां भी कूड़े के ढेर में अपना भविष्य तलाशती नजर आई। इन बच्चों से पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें पढ़ाई में मजा नहीं आता। इसी काम में अब उनका मन लगता है। इसलिए वे ऐसा कर रहे हैं। इसी तरह झज्जर रोड पर भी दो लड़कियां कंधे पर कूड़े का बौरा लिए शहर में घूम-घूमकर कूड़ा इकट्ठा करती दिखी। कुल मिलाकर इन सभी बच्चों को बाल दिवस के बारे में किसी तरह का कोई ज्ञान नहीं था।

कहां-कहां रहते हैं ये बच्चे
शहर में जगह-जगह घूमने वाले ये बच्चें ज्यादातर शहर के छोटूराम नगर, मेला ग्राउंड, कबीर बस्ती के अलावा अन्य कई स्थानों पर रहते हैं। इनकी संख्या शहर में 300 से अधिक हैं। शनिवार को ये बच्चे शनि भगवान के नाम से तो मंगलवार को हनुमान के नाम से भी भीख मांगते नजर आते हैं।

इन बेटियों को कौन बचाएगा
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम चलाकर बेटियों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। क्षेत्र में उन बेटियों की कमी नहीं जो रोजाना कचरे के ढेरों में कूड़ा बीनती नजर आती हैं। अपना परिवार चलाने व पेट की भूख मिटाने के लिए हर सड़क और डंपिंग स्टेशन के आसपास ये बेटियां देखी जा सकती हैं।

कूड़ा बीनती बेटियां नजर नहीं आती किसी को
समाजसेवी कांता कौशिक ने कहा कि यूं तो बेटियों को बचाने के लिए जोर दिया जा रहा है लेकिन जो बेटियां कूड़ा बीन रही है या भीख मांगती है, उन्हें क ोई नहीं देखता।

इन बच्चों के लिए कोई आगे नहीं आता
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रशासन तो एकाध बार कार्यवाही कर देता है, लेकिन शायद ही किसी शहरवासी ने होटलों पर काम करने वाले इन छोटूओं को मुक्त कराया हो। सभी को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।

बच्चों की देखरेख के लिए सरकार ने किया गठन : गोयल
बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बालकृष्ण गोयल ने कहा कि समस्या जितनी दिखाई देती है कहीं न कहीं उससे विकराल है। सरकार विभिन्न विभागों और आयोग के माध्यम से बच्चों तक पहुंचने की कोशिश करती है लेकिन फिर भी कहीं न कहीं जहां तक हमें सफलता मिलनी चाहिए वह नहीं मिलती। इसका मुख्य कारण यह है कि सभी विभागों का आपसी तालमेल नहीं है। जिसके चलते सुविधाएं बच्चों तक नहीं पहुंच पाती। विभागों का तालमेल होना बेहद जरूरी है। बाल संरक्षण आयोग का सरकार की ओर से गठन किया गया है यह आयोग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। निश्चित रूप से इन समस्याओं का निराकरण तेजी से होगा।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

बेगम करीना छोटे नवाब को पहनाती हैं लाखों के कपड़े, जरा इस डंगरी की कीमत भी जान लें

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: फिजिकल होने के बारे में प्रियांक ने किया बड़ा खुलासा, बेनाफशा का झूठ आ गया सामने

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Photos: शादी के दिन महारानी से कम नहीं लग रही थीं शिल्पा, राज ने गिफ्ट किया था 50 करोड़ का बंगला

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

ऋषि कपूर ने पर्सनल मैसेज कर महिला से की बदतमीजी, यूजर ने कहा- 'पहले खुद की औकात देखो'

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

पुनीश-बंदगी ने पार की सारी हदें, अब रात 10.30 बजे से नहीं आएगा बिग बॉस

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Most Read

अगर आपके पास ये चीजें हैं तो नहीं मिलेगा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

If you have these things, you will not get benefit of Prime Minister housing scheme
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

प्रद्युम्न हत्याकांड : आरोपी कंडक्टर अशोक जेल से रिहा

in pradyuman murder case accused conductor ashok got bail
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

बसपा प्रत्याशी का आरोप- हाथी का बटन दबाने पर जली कमल की लाइट

Accused of BSP candidate- burning of the elephant button on the light lotus
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

निजी बस पलटी, चालक के तीन वर्षीय बच्चे की मौत, दो बच्चे गंभीर

school bus accident in una
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

पद्मावती विवाद पर आसाराम ने खोला मुंह, जानिए क्या कहा

Asaram's statement on Padmavati controversy
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!