आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

डबवाली अग्निकांड : आज तक जारी है मुआवजे की लड़ाई

Hisar

Updated Mon, 17 Dec 2012 05:30 AM IST
डबवाली (सिरसा)। सत्रह साल पहले इस शहर में हुए भीषण अग्निकांड की काली छाया से शहरवासी आज तक नहीं निकल सके हैं। अग्निकांड से प्रभावित परिवारों को आज समस्याएं झुलसा रही हैं। पीड़ितों को प्रदेश में बीते सत्रह साल के दौरान बनीं प्रत्येक सरकार से राहत की उम्मीद थी लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी ओर मुड़कर नहीं देखा। जो थोड़ा बहुत न्याय मिल सका, वह भी अदालतों के जरिए मिला। पीड़ित परिवारोें को जहां मुआवजा पाने के लिए लंबी अदालती लड़ाई लड़नी पड़ी, जो आज भी जारी है। वहीं अग्निकांड में झुलस कर हमेशा के लिए रूप और त्वचा गंवा चुके पीड़ितों के लिए ऐसी मदद नहीं मिल सकी, जो उनके जख्म भर पाती। डबवाली अग्निकांड के पीड़ितों की उम्मीद और लड़ाई आज भी जारी है।
258 स्कूली बच्चे जिंदा जल गए थे:
23 दिसंबर 1995 को चौटाला रोड स्थित तत्कालीन राजीव मैरिज पैलेस (अब अग्निकांड स्मारक स्थल) में डीएवी स्कूल डबवाली का वार्षिक कार्यक्रम चल रहा था। स्कूल द्वारा आमंत्रित करीब दो हजार लोग बच्चों के कार्यक्रमों को बड़े उत्साह से देख रहे थे। इसी दौरान दोपहर एक बजकर 47 मिनट पर शॉर्ट सर्किट से पंडाल के गेट के पास लगी आग ने कुछ ही मिनटों में 442 लोगों को लील लिया। इस अग्निकांड में 36 व्यस्क, 258 स्कूली बच्चे, 125 घरेलू महिलाएं और 13 अन्य लोग काल का ग्रास बन गए। इस हादसे में 88 लोग बुरी तरह झुलस गए। आग से झुलसे लोगों में 30 ऐसे लोग भी हैं, जिनके अंग भंग हो गए।

अंतिम संस्कार के लिए भी जगह पड़ गई थी कम :
इस भीषण अग्निकांड में मारे गए बच्चों, महिलाओं, युवकों और पुरुषों के शवों को दफनाने और जलाने के लिए शहर के रामबाग में स्थान कम पड़ गया था। इसके चलते लोगों ने खेत-खलिहानों में शवों को दफनाया और अंतिम संस्कार किया। ऐसा ही हाल आग में झुलसे लोगों के उपचार को लेकर हुआ। अस्पतालों में डाक्टरों का अभाव था और मरीजों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल सका। घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों के साथ-साथ आसपास के शहरों में और गंभीर घायलों को लुधियाना, चंडीगढ़, रोहतक, दिल्ली के निजी व सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया।

तत्कालीन डीसी को माफ नहीं कर सके लोग :
स्कूल के कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शामिल हुए तत्कालीन उपायुक्त एमपी बिदलान के बारे में यह सामने आया कि आग लगने के तुरंत बाद वे मैरिज पैलेस में बने छोटे गेट से बच्चों को पैरों तले रौंदते हुए निकल भागे और औढ़ां के विश्राम गृह में जाकर बैठ गए थे। उपायुक्त की इस हरकत को शहर के लोग आज तक माफ नहीं कर पाए हैं। अग्निकांड के बाद जब भी बिदलान शहर में आए, लोगों ने उनका काले झंडे दिखाकर विरोध किया।

अदालती लड़ाई में फंस कर रह गया मुआवजा :
पीड़ित परिवारों को आखिरकार इंसाफ पाने के लिए 1996 में अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अग्निकांड पीड़ितों ने एसोसिएशन का गठन कर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की। अदालत ने एसोसिएशन की याचिका पर साल 2003 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश टीपी गर्ग पर आधारित एक सदस्यीय आयोग का गठन कर मुआवजा निर्धारित करने का काम सौंपा। मार्च 2009 को आयोग ने उच्च न्यायालय में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिस पर नवंबर 2009 में हाईकोर्ट ने मुआवजा के संबंध में फैसला सुनाते हुए हरियाणा सरकार को 45 प्रतिशत और डीएवी संस्थान को 55 प्रतिशत मुआवजा राशि पीड़ितों को अदा करने के आदेश दिए। अदालत ने सरकार को 45 प्रतिशत मुआवजे के रूप में 21 करोड़, 26 लाख, 11 हजार, 828 रुपये और 30 लाख रुपये ब्याज के रूप में अदा करने के आदेश दिए जबकि डीएवी संस्थान को 55 प्रतिशत के रूप में 30 करोड़ रुपये की राशि अदा करने के लिए कहा। लेकिन डीएवी संस्थान ने मुआवजा राशि की रकम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। हालांकि सरकार ने भी मुआवजा राशि से बचने की कोशिश में अदालत जाने की तैयारी की लेकिन जनता का गुस्सा देखते हुए सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए। सुप्रीम कोर्ट ने डीएवी संस्थान को निर्देश दिए कि पहले वह हाईकोर्ट द्वारा तय 10 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि पीड़ितों को वितरित करे और उसके बाद अदालत में आए। इस पर मजबूर होकर 15 मार्च 2010 को डीएवी संस्थान ने 10 करोड़ रुपये की राशि अदालत में जमा करवाई। यह केस आज भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और सत्रह साल बाद भी पीड़ित परिवार मुआवजे की बाट जोह रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

dabwali fire

स्पॉटलाइट

पुरुषों के लिए फायदेमंद है अंकुरित चनों का सेवन, कमजोरी करता है दूर

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Open Letter: हीरोइन का अपडेटेड वर्जन नाकाबिले बर्दाश्त क्यों?

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

'रामायण' बनाने वाले की पड़पोती की तस्वीरें वायरल

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

यह खिलाड़ी साबित हुआ भारत के लिए विभीषण

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

बिग बी और तापसी के साथ राष्ट्रपति ने देखी 'पिंक'

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top