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सप्ताहभर में ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी

Gurgaon

Updated Thu, 20 Dec 2012 05:30 AM IST
गुड़गांव। नगर निगम ने पहले चरण में ट्रेड लाइसेंस के लिए शहर के करीब 450 स्कूलों और 156 अस्पतालों को नोटिस जारी किए हैं। सप्ताहभर के अंदर लाइसेंस नहीं लेने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
ट्रेड लाइसेंस के रूप में छोटे नर्सिंग होम को 600 रुपये और 50 बेड से अधिक वाले अस्पताल को सालाना एक लाख रुपये जमा कराने होंगे। स्कूल संचालकों से सालाना आय के हिसाब से फीस ली जाएगी। इसमें 50 हजार रु पये तक की सालाना आय वालों से 300 और उससे अधिक 15 करोड़ तक की आय वालों से 18 हजार रुपये फीस ली जाएगी। लाइसेंस के लिए आवेदक को तीन प्रमाण-पत्र देने होंगे। इनमें भूमि के मालिकाना हक की प्रति, पंजीकरण-पत्र और सालाना आय का प्रमाण-पत्र देना होगा। इसके लिए पहले फायर एनओसी लेनी जरूरी है।
ट्रेड लाइसेंस से आएंगे 100 करोड़
नगर निगम के कर विभाग के अनुसार निगम एरिया में करीब एक लाख कारोबारी हैं। इन सभी के ट्रेड लाइसेंस लेने पर निगम को हर साल करीब 100 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।
हर साल लेना होगा लाइसेंस
निगम के नियमों के अनुसार कारोबारियों को ट्रेड लाइसेंस हर साल लेना होगा। पहली बार लेने के बाद हर साल उसका नवीनीकरण कराना होगा। इसके लिए शुल्क अदा करना होगा। ट्रेड लाइसेंस हर साल एक अप्रैल से 31 मार्च तक मान्य रहेगा।
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निगम एरिया में हरेक कारोबारी को ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। विकास कार्यों के लिए निगम को धन की जरूरत होगी। यह धन टैक्स के जरिए ही निगम को मिलेगा। ट्रेड लाइसेंस से मिलने वाले शुल्क को निगम एरिया में विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
-विजय सिंह दहिया, निगमायुक्त
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निगमायुक्त के निर्देश के अनुसार सभी स्कूलों और अस्पताल संचालकों को नोटिस देकर ट्रेड लाइसेंस हासिल करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए नागरिक सुविधा केंद्र से पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है।
-राजेंद्र हुड्डा, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी, नगर निगम


निर्धारित शुल्क
अस्पताल फीस
ओपीडी वाला नर्सिंग होम 600 रुपये
मरीजों को भर्ती करने वाला अस्पताल 05 हजार
05 बेड तक का अस्पताल 10 हजार
10 बेड तक का अस्पताल 20 हजार
30 से 50 बेड तक का अस्पताल 50 हजार
50 बेड से अधिक वाला अस्पताल एक लाख रुपये
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स्कूल फीस
50 हजार रुपये ती सौ
एक लाख रुपये चार सौ
50 लाख रुपये तीन हजार
एक करोड़ रुपये पांच हजार
पांच करोड़ रुपये दस हजार
10 करोड़ रुपये पंद्रह हजार
15 करोड़ रुपये अठारह हजार
नोट : सालाना टर्नओवर के आधार पर फीस (रुपये में)
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