आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पार्षदों के खिलाफ पनप रहा गुस्सा

Gurgaon

Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
गुड़गांव। नगर निगम बनने के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर लोगों का जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। आम नागरिकों का मानना है कि पार्षद समस्याओं का हल कराने में रुचि नहीं लेते।
करीब 75 प्रतिशत स्थानीय निवासी सीधे तौर पर पार्षदों को ही जिम्मेदार मानते हैं। करीब 15 प्रतिशत नागरिक निगम एरिया में अव्यवस्था के लिए अधिकारियों को भी बराबर का हिस्सेदार मानते हैं। 10 प्रतिशत लोग निगम एरिया में अधूरे काम के लिए पार्षदों और निगम अधिकारियों के साथ ही प्रदेश सरकार को भी जिम्मेदार मानते हैं। नागरिकों के अनुसार जिस तरह से यहां का विकास होना चाहिए, उस तरह से काम नहीं हो रहा है। गुड़गांव तेजी से उभरता हुआ शहर है। यहां दिल्ली की तरह से आबादी बढ़ रही है। हर राज्य के लोग यहां निवास करते हैं। गुड़गांव में चार प्रमुुख समस्याएं हैं। इनमें सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक की है। दूसरी समस्या सड़कों, तीसरी समस्या साफ-सफाई और चौथी समस्या पेयजल की है। निगम एरिया में सीवेज प्रणाली बेहद खराब है। इस कारण जगह-जगह सीवर का पानी भरा रहता है। गांव के आसपास गंदगी के ढेर लगे दिखते हैं। गांव को जोड़ने वाली सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। पेयजल के लिए लोगाें को भूूजल पर निर्भर रहना मजबूरी बन चुकी है।

लोगों की प्रतिक्रियाएं

निगम एरिया में समस्याओं का हल नहीं होने के लिए पार्षद जिम्मेदार हैं। पार्षदों को सही तरीके की जानकारी नहीं है। इस कारण बार-बार काम अटक जाते हैं। निगम को गंभीरता से चलाने की जरूरत है।
-प्र्रवीण यादव

पार्षदों के साथ निगम अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। पार्षद प्रस्ताव पास कर देते हैं। इसे लागू करना निगम के अधिकारियों का दायित्व है। दोनों पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
-नीरज कुमार

निगम एरिया में काम न होने के लिए निगम के पार्षद जिम्मेदार हैं। पार्षदों को अपने एरिया में विकास कार्य के लिए काम करना चाहिए। केवल सदन में चिल्लाने से काम नहीं होता है।
-विक्रम शर्मा

विकास कार्यों में देरी के लिए निगम के अधिकारियों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नीतिगत फैसलों को लागू करना चाहिए। ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
-सुनील कुमार

गुड़गांव में घर से निकलना दूभर हो गया है। जगह-जगह ट्रैफिक जाम लगता है। इसके लिए निगम को काम करना चाहिए। सड़कों को दुरुस्त रखना निगम का काम है। इसे पूरा नहीं किया जा रहा है।
-मनोज कुमार

निगम एरिया में काम शुरू तो होते हैं, लेकिन खत्म नहीं होते। तीन महीने में पूरा होने वाले विकास कार्य तीन साल में पूरा होते हैं। इससे लोगों को दिक्कतें सहने को मजबूर होना पड़ता है।
-गिरिराज

निगम की कार्यप्रणाली के लिए अधिकारियों के साथ ही प्रदेश सरकार भी जिम्मेदार है। प्रदेश सरकार की ओर से बड़े प्रोजेक्ट को मंजूर नहीं किया जा रहा। इस कारण काम में देरी हो रही है।
-जीएस गुजराल

निगम के अधिकारी फैसलाें को लागू करने में देरी करते हैं। सदन की ओर से डेढ़ साल पहले पारित किए गए काम को अब तक क्यों नहीं लागू किया गया? इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
-डॉ. आरके चौधरी

निगम के पार्षद नकारा हैं। डेढ़ साल में निगम का मुख्यालय तक नहीं बना सके। लोगों को सड़क, सीवर, पेयजल की शिकायतों के लिए बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है।
-कुलदीप सिंह

निगम बनने के बाद भी अब तक कोई फायदा नहीं हुआ। सफाई के काम में कहीं सुुधार नहीं आया। सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अधिकारियों को मौके का मुआयना करना चाहिए।
-राजूू

निगम क्षेत्र में जगह-जगह जाम लगता है। पार्षदों की ओर से पुराने शहर में फ्लाईओवर का प्रस्ताव लाया गया। इसे निगम के अधिकारियों ने तकनीकी खामियों में फंसा दिया है। अधिकारी जनता को राहत नहीं देना चाहते।
-कमल शर्मा

निगम के पार्षदों को अपने हक का पता नहीं है। अधिकारी उन्हें बरगलाते रहते हैं। अधिकारी पार्षदों का सहयोग नहीं करते। प्रदेश सरकार की ओर से यहां के विकास को तवज्जो नहीं दी जाती।
-देवेंद्र स्वरूप

निगम एरिया में वही पुराना चेहरा है। सफाई कर्मचारी दिखते हैं, लेकिन काम नहीं करते। कागजों में तो करोड़ों का विकास बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत पर काम नहीं होता। सीवर यहां की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है।
-नागेश

निगम केवल टैक्स लेने के लिए बना है। कॉलोनाइजर एरिया के निवासियों को दोहरा टैक्स देना पड़ता है। यहां निगम की ओर से कोई सुविधा नहीं मिल रही है। इसके बाद भी निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
-एकता वधवा

निगम के पार्षद जागरूक नहीं हैं। यहां के पार्षदों के अधिकारों का पता नहीं है। इस कारण पार्षद छोटे मुद्दों को लेकर ही लड़ते रहते हैं। बड़े प्रोजेक्ट पर एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।
-गायत्री वेनुगोपालन

निगम के जनप्रतिनिधियों के फैसलों पर अधिकारी जवाब नहीं देते। बिल्डर एरिया को टेकओवर क्यों नहीं किया जा रहा? इस एरिया को टेकओवर करने के बाद निगम को भी फायदा होगा।
एओ सिद्धकी

निगम के अधिकारी जनप्रतिनिधियों को गुमराह करते हैं। दूरदर्शी सोच के अनुसार योजनाएं नहीं बनाई जा रही हैं। इस कारण समस्याओं का स्थायी निदान नहीं हो पा रहा है। समस्याएं विकराल हो रही हैं।
-कीर्ति कुमार त्रिवेदी

विकास की धीमी गति के लिए अधिकारी, पार्षदों के साथ सरकार भी जवाबदेह है। सभी को मिलकर काम करना चाहिए। सहयोग न करने वाले अधिकारियों को निगम में रहने का अधिकार नहीं है।
-सुभाष भास्कर

निगम क्षेत्र में मुंबई महानगर की तरह से काम होना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को अगले 30 साल को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार करनी होंगी। गुड़गांव की ग्रोथ देश भर में सबसे अधिक है। काम में धीमी गति के लिए पार्षद जिम्मेदार हैं।
-विनीत सतीजा
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

शिव पर चढ़ने वाला बेलपत्र इन बीमारियों का भी करता है इलाज

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

हर हीरो के लिए खतरा बन गया था ये सुपरस्टार, मिली ऐसी मौत सकपका गए थे सभी

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

इस मेकअप ने बदल डाला स्टार्स का लुक, जिसने भी देखा पहचान नहीं पाया

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

सेल्फी लेने वालों के लिए बड़ी बात, कैमरा छीन रहा है आपकी उम्र

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

'अनुष्का शर्मा' की दिलकश अदाओं और परफेक्ट फिगर का ये है राज

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

Most Read

नीतीश के इस्तीफे पर अखिलेश का तंज, ट्वीट किया ये गाना

akhilesh yadav tweets about bihar matter
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

ये है बिहार का राजनीतिक गणित, जानिए किसके साथ बन सकती है सरकार

What will be bihar's new political equations after nitish kumar's resignation
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पहुंचे यूपी के शिक्षामित्र, जोरदार प्रदर्शन

Shikshamitra reached PM Modi parliamentary office in Varanasi
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

समायोजन रद्द होने पर यूपी के शिक्षामित्रों में उबाल, कई जगह प्रदर्शन

Shiksha Mitra Upon cancellation of the adjustment of UP education, stir in many places
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

बिहार सीएम पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार के बयान की 20 बड़ी बातें

Bihar Chief Minister Nitish Kumar's statement after resignations
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!