आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

डेढ़ करोड़ खर्च पर काबू में नहीं आए कुत्ते

Gurgaon

Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। नगर निगम क्षेत्र में कुत्तों के बंध्याकरण व टीकाकरण पर करीब एक करोड़ 48 लाख रु पये खर्च कर दिए गए पर अभी और कितने कुत्तों का टीकाकरण बाकी है, इसकी जानकारी निगम अधिकारियों के पास नहीं है। पिछले चार साल से जारी यह अभियान अभी तक अंजाम तक नहीं पहुंच पाया है। हालत यह है कि आज भी औसतन रोजाना आठ से दस व्यक्ति आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं।
नगर निगम के पूर्व आयुक्त राजीव शर्मा ने 31 जुलाई 2008 को आवारा कुत्तों के बंध्याकरण का फैसला लिया था। इसकी जिम्मेदारी फ्रेंडीकोज व पीपल फॉर एनीमल नामक दो गैर सरकारी संस्था को सौंपी गई। एक कुत्ते के बंध्याकरण और टीकाकरण करने के बदले निगम की ओर से 545 रुपये देने का प्रस्ताव पास किया गया था। टीकाकरण के बाद आवारा कुत्ते किसी को काटते हैं तो पीड़ित को रैबीज होने की आशंका नहीं रहती है। निगम पिछले चार साल में 26 हजार कुत्तों का बंध्याकरण कर चुका है। इस पर करीब एक करोड़ 48 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इस साल अक्तूबर तक औसतन हर महीने 5 से 7 लाख रु पये आवारा कुत्तों पर खर्च करने का रिकार्ड है। इसके बाद भी इस पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। निगम को यह जानकारी भी नहीं है कि उसे और कितने कुत्ताें का बंध्याकरण करना है। इसको लेकर पिछले महीने निगम के अधिकारियों की एक बैठक हुई थी। इसमें आवारा कुत्ताें की संख्या पर नियंत्रण नहीं लग पाने पर चिंता जताई गई थी।
15 दिनों में आएगी रिपोर्ट
नगर निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके थापर ने बताया कि निगम एरिया में करीब 45 हजार आवारा कुत्ते होने का अनुमान है। संख्या के बारे में एनीमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सर्वे कराया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट अगले 15 दिनों में मिलने की उम्मीद है।
रोजाना आठ से 10 मामले
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम एरिया में रोजाना 8 से 10 लोग कुत्ते के काटने का शिकार बन रहे हैं। बीपीएल परिवारों के सदस्यों को रैबीज का टीका निशुल्क दिया जाता है। अन्य वर्ग के लोगों को इसका भुगतान करना होता है।
पार्षद की सहमति
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि पशुओं के लिए काम करने वाले यह दोनों संगठन मानवीय ढंग से काम करते हैं। कुत्तों को जिस एरिया से पकड़ा जाता है, वहां से लोगों के हस्ताक्षर कराए जाते हैं। जिसमें पार्षद की सहमति भी होती है। कुत्ते को ऑपरेशन के तीन दिन बाद उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाता है। इसकी फोटोग्राफी भी कराई जाती है।
ऑपरेशन के बाद कान कट
फ्रेंडीकोज की ओर से दिल्ली के गोपालपुर खेड़ा में अस्पताल बनाया गया है। पीपल फार एनीमल की ओर से गढ़ी हरसरू में पशु अस्पताल बनाया गया है। इसमें कुत्ते को तीन दिन तक अस्पताल में रखा जाता है। ऑपरेशन के बाद कुत्ते के कान का हिस्सा काटा जाता है। जिससे उसकी पहचान होती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

शराब पीकर कभी न बनवाएं टैटू, पहली बार बनवाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

ऋतिक हुए इस बीमारी के शिकार, इलाज के लिए पहुंचे जर्मनी

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' का 'आशिक सरंडर हुआ', नया गाना रिलीज

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

शाहरुख ने लड़कियों को दिया गोल्ड लॉकेट, आखिर क्या है राज ?

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

डिंपल यादव काे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

keshav prasad maurya attacks on dimple yadav
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

ये है अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग, 50 साल पहले जमीन से निकला था बाहर

endless shivling in kanpur
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top