आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

टोल ही नहीं पूरे एक्सप्रेस-वे पर पसरी हैं खामियां

Gurgaon

Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। पुलिस, ट्रैफिक, प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आला अधिकारियों ने मंगलवार को दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे निर्माण कंपनी के उस दावे की हवा निकाल दी, जिसमें कंपनी टोल पर जाम से निपटने का दावा ठोक रही थी। टोल और निर्माण कंपनी प्रबंधन के सामने अधिकारियों के दल ने ढेरों खामियां गिना दीं। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी सही मायने में लोगों को जाम से छुटकारा दिलाना चाहती तो खामियों को दुरुस्त किया जाए। टोल प्रबंधन और अधिकारियों के दल के बीच 25 बिंदुओं को लेकर चर्चा हुई।
तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब सवा 12 बजे हुडा प्रशासक डॉ. प्रवीण कुमार की अगुवाई में डीसीपी महेश्वर दयाल, एसीपी ट्रैफिक रविंद्र तोमर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एके शर्मा के साथ दूसरे अधिकारी टोल गेट का दौरा करने पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों के दल ने टोल प्रबंधन के सामने ही खामियां बताईं। अधिकारियों के दल ने प्रबंधन को टोल गेट से खेड़कीदौला तक 17 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे पर पसरी खामियां भी चिह्नित कर बताईं। दौरे की रिपोर्ट पांच दिसंबर को हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। दल ने प्रबंधन को पांच तारीख से पहले खामियां दूर करने की बात कही है।
टूटी पड़ी है सर्विस लेन
हुडा प्रशासक के साथ डीसीपी और एसीपी ट्रैफिक रविंद्र तोमर ने प्रबंधन के अधिकारियों को सर्विस लेन की हालत भी दिखाई। अधिकारियों ने कहा कि लेन जगह-जगह से टूटी होने के कारण ट्रैफिक स्लो हो जाता है। इससे जाम के हालत बनते हैं। लिहाजा सर्विस लेन को दुरुस्त करना भी जरूरी है।
उद्योग विहार के सामने बनाया जाए यू टर्न
दल ने उद्योग विहार के सामने लगने वाले जाम पर भी प्रबंधन का ध्यान खींचा। अधिकारियों ने कहा कि उद्योग विहार के सामने एक रोड को चौड़ा कर यहां यू टर्न बनाया जाए। इससे टोल पर आने वाले वाहनों से बचा सके। इससे भी जाम से राहत मिल सकती है।
एक्सप्रेस-वे नहीं रोशनी की व्यवस्था
अधिकारियों के दल ने रोशनी प्रबंधनों की खामियों को उजागर किया। अधिकारियों ने कहा कि टोल पर ही नहीं एक्सप्रेस-वे के बड़े हिस्से में पर्याप्त रोशनी नहीं है। तमाम स्ट्रीट लाइट्स खराब हैं। कई बार चेताने के बाद भी इन्हें ठीक नहीं कराया गया है। कम रोशनी के कारण एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
राजीव चौक पर भी जाम
अधिकारियों ने कहा कि शहर के सबसे व्यस्ततम चौक राजीव चौक भी धीरे-धीरे जाम की जकड़ में आता जा रहा है। जाम से निपटने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। यहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। इस जाम से निपटने के भी उपाय खोजने होंगे। अधिकारियों की ओर से राजीव चौक पर बने यू टर्न को चौड़ा करने का सुझाव दिया गया।
नहीं ठीक हो रही हीरो होंडा चौक की व्यवस्था
अधिकारियों ने हीरो होंडा चौक को भी समस्याओं और जाम का गढ़ बताया। यहां की सर्विस लेन और प्रबंधनों को नाकाफी करार देकर एक्सप्रेस-वे निर्माण कंपनी को कठघरे में खड़ा किया गया।
खेड़की दौला टोल पर जाम क्यों
अधिकारियों ने सरहौल बॉर्डर टोल गेट से लेकर पूरे एक्सप्रेस-वे की खामियाें पर गौर करते हुए खेड़की टोल पर लगने वाले जाम को फोकस किया। यहां व्यस्त समय में वाहनों के दबाव को देखते हुए गेटों की संख्या कम बताई। साथ ही कमर्शियल वाहन और निजी वाहनों के लिए अलग से लेन निर्धारण का सुझाव दिया।
--------

बाइकर्स के लिए बनी सर्विस लेन की चौड़ाई पर्याप्त नहीं है। दुपहिया वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही है। इस लेन को चौड़ा किया जाए। साथ ही इस लेन के साथ करीब आधे किलोमीटर के उबड़-खाबड़ रास्ते को दुरुस्त किया जाए। ताकि एबियंस मॉल की ओर जाने वाले वाहन चालक इसका इस्तेमाल कर सकें।
-महेश्वर दयाल, डीसीपी

हाईकोर्ट के निर्देश पर जो रेड लाइन बनाई गई है। उसके बाद भी टोल पर जाम लग रहा है। यह दीगर है कि इस लाइन के पार वाहनों की लाइन लगने पर टोल को फ्री करने का दावा किया गया था, लेेकिन यह दावा हवाई साबित हो रहा है। लाइन के बाद वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद भी टोल को फ्री नहीं किया जा रहा है। लिहाजा ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे लाइन के पार वाहनों की लाइन लगने पर नजर रखी जा सके। इसके लिए टोल के दोनों ओर कैमरे लगाए जाने चाहिए।
-डॉ. प्रवीण कुमार, हुडा प्रशासक

एक्सप्रेस-वे पर इंतजाम शर्तों के अनुरूप नहीं हैं। टोल गेट लगाने या एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पूर्व डीएससी कंपनी ने जो करार किए थे, उन पर खरा नहीं उतर रही है। अधिकारियों ने जिन खामियों को चिह्नित किया है, उनके बारे में समिति लंबे समय बताती आ रही है। मुख्यमंत्री को भी इन खामियों के बारे में बताया जा चुका है। सही मायने में लोगों को जाम से राहत टोल फ्री होने के बाद ही मिल सकती है। इसके लिए टोल को हटाया जाना जरूरी है। समिति इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएगी।
-धर्मसागर, सदस्य, टोल हटाओ संघर्ष समिति
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

toll express-they

स्पॉटलाइट

सर्जरी कराकर फंसी आयशा टाकिया, फैंस बोले, 'अब आईना कैसे देखोगी ?'

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

वेट लॉस के लिए खाली पेट पानी पीना कितना सही, यहां जानिए

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

कंडोम भी नहीं बचा सकता सेक्स से फैलने वाली इन बीमारियों से, जान लें

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

#LipstickUnderMyBurkha के इन दृश्‍यों पर है सेंसर बोर्ड को एतराज

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

#LipstickUnderMyBurkha: रिलीज रोकने पर यूं भड़का बॉलीवुड

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Most Read

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

5वें चरण की एक सीट पर चुनाव स्‍थगित, अब 7 को पड़ेंगे वोट

election on one seat postponed now voting will be on 7th march
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

डिंपल यादव काे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

keshav prasad maurya attacks on dimple yadav
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top