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हपु से गुपु बनने की राह पकड़ी

Gurgaon

Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
गुड़गांव। यह मनमानी है या छवि बदलने की चाह! गुड़गांव पुलिस अपनी नई छवि को प्रचारित करने में जुटी है। शहर के चौक-चौराहों पर लगे पुलिस बूथों का रंग ढंग बदल दिया गया है। इन बूथों से हरियाणा पुलिस का परंपरागत लोगो गायब हो गया है। उसके स्थान पर नए कलेवर के साथ गुड़गांव का पुलिस का नया लोगो लगा दिया गया है। साथ ही दिल्ली पुलिस (डीपी) की तर्ज पर गुड़गांव पुलिस (जीपी) लिखा जा रहा है।
गुड़गांव पुलिस ने जो नया लोगो बनवाया है, वह देखते ही बनता है। शहरवासियों को पुलिस का नया रंग और लोगो खासा आकर्षित कर रहा है। बूथ की डिजाइन बहुत ही सुंदर ढंग से कराई गई है। पूरे बूथ को हल्के स्लेटी रंग का बनवाया गया है। उस पर चारों ओर सफेद रंग की पट्टी बनवाई गई है। सफेद रंग से गुड़गांव पुलिस लिखा गया है। नए लोगो को फैलाकर उसकी चौड़ाई अधिक कर दी गई है। महरून और गोल्डन रंग से इसे सजाया गया है। ऊपरी हिस्से में महरून रंग से एक हैडर बनाया गया है जिस पर गोल्डन रंग से गुड़गांव पुलिस लिखा गया है। इसके ठीक नीचे गोल्डन रंग का बड़ा सा घेरा है जिसमें सारनाथ के सपूत का इस्तेमाल किया गया है। इसके नीचे महरून रंग के घेरे में सर्विस, सिक्योरिटी, को-ऑपरेशन लिखा गया है। इसके नीचे सफेद रंग से बड़े अक्षरों में गुड़गांव पुलिस लिखा गया है। बूथ के ऊपरी हिस्से में दोनों ओर सफेद रंग से अंग्रेजी में जीपी लिखा गया है और बीच में उक्त लोगो का इस्तेमाल किया गया है। चौक-चौराहों पर लगे ऐसे बूथों को देखकर लोगों को लगता है कि गुड़गांव पुलिस को स्वतंत्र किया जा रहा है। लोग समझ रहे हैं कि जल्दी ही गुड़गांव पुलिस को हरियाणा पुलिस से अलग कर इस स्वतंत्र कर दिया जाएगा। जिस प्रकार दिल्ली और मुंबई पुलिस है। हैरानी की बात ये है कि इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को नहीं है।
पुलिस अफसर भी अचंभित
इस संबंध में जब संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुमार राव से बात की गई तो उन्होंने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। पूरी जानकारी के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।
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ये हैं अलग होने के मानक
-क्राइम फिगर देखा जाता है
-आबादी का आकलन किया जाता है
-गृह मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है
-और भी कुछ मानक हैं, जिन्हें पूरा किए बगैर कोई कानूनी संस्था पहली संस्था से अलग नहीं हो सकती
(पूर्व डीजीपी एएस भाटोटिया के अनुसार)
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