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बचाव और राहत कार्य तीसरे दिन भी जारी

Faridabad

Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
फरीदाबाद। सेक्टर-88 में मंगलवार को दोपहर के समय हुए हादसे के 54 घंटे बाद भी मौके से मलबा हटाए जाने का काम जारी है। एनडीआरएफ व अन्य मजदूरों की सहायता से मौके से मलबे को उठाया जा रहा है। बिल्डिंग के लेंटर को तोड़ने के लिए ड्रिलिंग मशीनाें का सहारा लिया जा रहा है। इस हादसे में अभी तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन लोग घायल हुए हैं।
घटनास्थल से बुधवार दोपहर को एक महिला का शव मिलने के बाद से लगातार वहां से मलबा हटाए जाने का क्रम जारी है। रात में भी मौके से मलबा हटाने का काम चलता रहा। एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स) के जवानाें के अलावा अन्य मजदूरों को मलबा हटाने के लिए लगाया गया है। जमींदोज हुए इस तीन मंजिला भवन के मलबे को हटाने के लिए क्रेनों की भी सहायता ली जा रही है। वहीं, भवन का लेंटर तोड़ने के लिए चार ड्रिलिंग मशीनें मौके पर लगाई गई हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से मलबे को मौके से दूर ले जाया जा रहा है। अधिकारी मौके पर रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
मलबा हटाने के लिए काफी संख्या में मजूदरों को भी लगाया गया है, जो कि फावडे़ की मदद से मलबे को हटाने में लगे हैं। बृहस्पतिवार को शाम के समय काफी हद तक मलबा हटने के बाद स्थिति साफ होने पर जेसीबी मशीनों को अंदर घुसा दिया गया है, ताकि मलबे को तेजी के साथ वहां से हटाया जा सके।
हालांकि, दोपहर तक अधिकारी जेसीबी मशीनाें को नीचे उतारने से बच रहे थे। उनका कहना था कि बेसमेंट का लेंटर जमीन पर लटका हुआ है। बेसमेंट का लेेंटर आपस में जुड़ा होने के कारण उस पर अधिक बोझ डालने से जान का खतरा बढ़ सकता था।


...जब मिली तीन और शव मिलने की सूचना
फरीदाबाद। अभी तक एसआरएस परिसर के स्कूल हादसे में छह लोगों की मौत के बाद बृहस्पतिवार को मलबा हटाए जाने के दौरान कुछ कपड़े दिखने पर लोग आशंकित हो उठे। सूचना मिलते ही एसआरएस अधिकारी पहुंच गए। लेकिन बाद में जब सर्च किया गया तो पता चला कि वहां रजाई व अन्य कपडे़ पडे़ हुए थे। बताया गया कि कुछ मजदूरों के परिवार इसी भवन में रह रहे थे। जिस कारण उनके सर्दियों के कपडे़ व सामान भी इसी भवन में रखा हुआ था।
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