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गरीब बच्चों के दाखिले पर कोर्ट गंभीर

Faridabad

Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
फरीदाबाद। हरियाणा एजुकेशन एक्ट की धारा 134 ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को दाखिला नहीं मिल पा रहा है। इस बात का खुलासा दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संस्था की सर्वे रिपोर्ट में हो चुका है। इसकी रिपोर्ट सात नवंबर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में पेश की जाएगी। इसके तहत प्रदेश सरकार व शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने हरियाणा एजुकेशन एक्ट की धारा 134 ए के तहत यह तय किया था कि निजी स्कूलों में 25 फीसदी गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाए। इसमें उन बच्चाें को शामिल किया गया, जिनके अभिभावकों की दो लाख से कम आमदनी है और अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाने की इच्छा रखते हैं। इसके अलावा बीपीएल कार्ड होल्डर हैं। ऐसे बच्चों की एक से आठवीं कक्षा तक निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा हो। इसके आगे 9वीं से 12वीं कक्षा की पढ़ाई सरकारी फीस यानी 30 या 40 रुपये (मासिक) पर कराई जाए।
नियम बनाए करीब 10 वर्ष पूरा होने को आए, लेकिन यह कागजों तक ही सीमित रह गया है। इस नियम के खिलाफ वर्ष 2009 में दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संस्था ने प्रदेश सरकार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में घेरा था। उसके बाद कोर्ट ने इस नियम को निजी स्कूलों में लागू कराने के आदेश जारी किए, लेकिन फिर भी इस मामले पर कुछ नहीं हो सका। इसकी पुष्टि पिछले माह शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव व वित्तायुक्त सुरीना राजन की ओर से पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट को सौंपे गए शपथ पत्र से हो चुकी है। इसमें कोर्ट को इस नियम को लागू करवाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद कोर्ट ने खुद इस मामले को संभालने का निर्णय लिया और संस्था को पूरे प्रदेश के प्रत्येक जिले से इस मामले पर सर्वे रिपोर्ट लाने की जिम्मेदारी सौंपी।
संस्था के अध्यक्ष सतबीर हुड्डा ने बताया कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट को सात नवंबर को अदालत में पेश करने के लिए संस्था से कहा है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर निजी स्कूल इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है तो उनकी मान्यता कोर्ट से रद्द होगी।

जिला दाखिला बाकी
फरीदाबाद 1,100
करनाल 1,300
पलवल 850
यमुना नगर 2,000
पानीपत 1,400
कुरुक्षेत्र 880
अंबाला 950
पंचकुल 550
भिवानी 1,250
हिसार 1,170
महेंद्रगढ़ (नारनौल) 770

नोट : अब तक 11 जिलों से रिपोर्ट तलब हो चुकी है। बाकी जिलों में सर्वे जारी है।
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