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एक-एक पैसे का हिसाब लिया जाए

Faridabad

Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
फरीदाबाद। नगर निगम सदन में पास प्रस्तावों पर अमल नहीं करने पर पार्षदों ने निगम के फाइनेंस कंट्रोलर (एफसी) बीएल शर्मा के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उनके खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश करने एवं स्पष्टीकरण मांगने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। सदन की बैठक के दौरान कुल 49 मद पास कर दिए गए।
नगर निगम सभागार में बुधवार 11 बजे शुरू हुई बैठक में पार्षद अजय बैसला, योगेश धींगड़ा, धर्मवीर खटाना, अनीता गोस्वामी, महेश मणि, सोम मल्होत्रा, सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा एवं सतीश कुमार आदि ने ठेकेदारों को भुगतान के तौर तरीकों पर सवाल उठाए।
पार्षदों ने कहा कि पहले यह पास हुआ था कि अकाउंट शाखा की जगह विकास कार्यों के लिए पैसा सीधे कार्यकारी अभियंताओं के अकाउंट में जाएगा। अब तक कार्यकारी अभियंताओं के खाते खोलकर पैसे क्यों नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि जब सदन में यह पास हो गया था कि पार्षद की अनुशंसा पर ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा तो अब तक ऐसा क्यों नहीं किया गया। क्यों सीधे अकाउंट शाखा द्वारा ठेकेदारों को भुगतान किया जा रहा है।
इस पर फाइनेंस कंट्रोलर बीएल शर्मा ने कहा कि उन्हें सदन के इस फैसले की जानकारी नहीं है। इस पर पार्षदों वाकाउट की धमकी दी। तब जाकर मेयर ने बीएल शर्मा से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगने एवं विजिलेंस जांच का प्रस्ताव सरकार को भेजने का आश्वासन दिया।
इससे पूर्व सदन के पहले दिन पार्षद योगेश ढींगड़ा द्वारा दूसरे विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के बावत सवाल का प्रशासनिक अधिकारी एसएस अरोड़ा द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर सदन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिस पर निगमायुक्त ने उनसे स्पष्टीकरण मांगकर जांच का भरोसा दिलवाया। क्योंकि, अरोड़ा ने कहा था कि उनके रिकार्ड के मुताबिक एक भी कर्मचारी दूसरे विभागों में नहीं है। जबकि ढींगड़ा ने आरटीआई का जवाब दिखाते हुए कहा कि काफी कर्मचारी यहां वेतन लेकर दूसरे विभागों में काम कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी ने बुधवार को सदन के समक्ष अधिकारियों की वरिष्ठता सूची पेश की। लेकिन, वह आधी अधूरी है। उसमें कार्यकारी अभियंताओं की वरिष्ठता का जिक्र नहीं है।


शहर में सिनेमा देखना होगा महंगा
सिनेमा शो टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव निगम सदन ने पास कर दिया। यह प्रस्ताव वरिष्ठ कराधान अधिकारी निर्मल धामा ने रखा। अब शो टैक्स 40 रुपये प्रति शो से बढ़ाकर पारंपरिक सिनेमा में पांच रुपये प्रति शीट प्रति शो एवं मल्टीप्लेक्स में 10 रुपये प्रति सीट प्रति शो कर दिया गया है। यानी पांच से 10 रुपये प्रति टिकट निगम का टैक्स लग जाएगा। धामा ने बताया कि इस फैसले से निगम को सालाना 17 करोड़ 70 लाख रुपये की आय होगी। यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास जाएगा।


हाईवे पर बंद कराएंगे अवैध कॉमर्शियल गतिविधियां
-पार्षद अजय बैसला ने प्रस्ताव रखा कि दिल्ली-मथुरा रोड पर औद्योगिक प्लॉटों में चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों को बंद कराया जाए। यहां पर बिना कॉमर्शियल लाइसेंस के बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस एवं गाड़ियों के शोरूम चल रहे हैं। सदन की सहमति पर निगम सचिव जिम्मेदारी निभा रहीं हेमा शर्मा ने कहा कि अवैध कॉमर्शियल गतिविधियां चलाने वालों के नक्शे रद्द कर शोरूम सील किए जाएंगे।
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बूथ अलॉट करने की नीति पर मुहर
-नगर निगम क्षेत्र में टेलीफोन, फोटो स्टेट, स्टेशनरी, मिल्क बूथ, टी स्टॉल, जूस कॉर्नर व कैटरिंग वैन हेतु स्थल आवंटित करने की नीति को मंजूरी प्रदान की गई, जिसके मुताबिक 60 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर बूथ लीज पर दिए जाएंगे। बूथ के लिए वही व्यक्ति आवेदन कर सकता है जो बेरोजगार और गरीबी रेखा से नीचे हो, परिवार में कोई व्यक्ति कमाने वाला न हो, 70 फीसदी से ऊपर विकलांग हो, युद्ध में शहीदों की विधवा हो, भूतपूर्व सैनिक या उनका आश्रित हो उन्हें अलॉट किए जाएंगे। प्रतिमाह किराया तीन हजार से 15 हजार रुपये तय किया गया है। यह शर्त जोड़ी गई कि क्षेत्र के पार्षद की अनुशंसा पर ही अलॉटमेंट होगा। पहले वार्ड के व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी। हर साल किराये में 15 फीसदी वृृद्धि होगी। सदन में बुधवार को विज्ञापन बायलॉज बनाने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया।

बेहद संवेदनशील मुद्दा बहुत हल्के में लिया
-पार्षद ओम प्रकाश रक्षवाल द्वारा कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए कमेटी गठित करने जैसे संवेदनशील मुद्दे को पार्षदों ने बहुत हल्के में लिया। जबकि रक्षवाल बार-बार कहते रहे कि दिल्ली बॉर्डर पर कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों में कोख के हत्यारे भ्रूण हत्या करने का घिनौना काम कर रहे हैं।

नदारद रहे कई पार्षद, अधिकारी
-दूसरे दिन की बैठक में अधिकांश पार्षद नदारद रहे। 35 में से 21 पार्षद ही मौजूद रहे। नगर निगम आयुक्त डी, सुरेश, निगम सचिव मुकेश सोलंकी एवं तहसीलदार रवि सिंगला भी बैठक में नहीं थे।
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