आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

किडनी देकर कर रही है नेक काम

Faridabad

Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
फरीदाबाद। आमतौर पर बहनें राखी पर भाइयाें से जीवन रक्षा का वचन लेती हैं। भाई उन्हें इस वचन के साथ तोहफा देते हैं, लेकिन यहां जो बात हो रही है वह थोड़ी जुदा है। एक बहन किडनी देकर अपने भाई की जान बचाने का नेक काम करने जा रही है।
बात हो रही है श्रीनिवास ठाकुर और आशा की। करीब आठ माह से किडनी फेलियर से जूझ रहे श्रीनिवास का रक्षाबंधन के दिन एशियन अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट होने वाला है। उन्हें जीवनदान देने का काम उनकी बहन आशा कर रही हैं।
अमर उजाला के आग्रह पर नेफ्रोलोजिस्ट डॉ. जितेंद्र कुमार ने श्रीनिवास से बात कराई। 44 वर्षीय श्रीनिवास ने बताया कि दिसंबर 2011 में उनकी किडनी खराब हो गई थी। पता चला कि ट्रांसप्लांट बिना काम नहीं चलने वाला। स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी में रहने वाले श्रीनिवास रियल इस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। उनकी जान बचाने के लिए उनकी छोटी बहन आशा सामने आईं। लगभग 32 वर्षीय आशा गुड़गांव के एक एक्सपोर्ट हाउस के सैंपलिंग डिवीजन में काम करती हैं।
श्रीनिवास कहते हैं कि कहां मुझे बहन के लिए राखी पर कुछ करना चाहिए था और कहां बहन इस दिन इतना बड़ा त्याग कर रही है। उसके इस प्यार के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। श्रीनिवास का इलाज कर रहे डॉ. जितेंद्र कुमार कहते हैं कि किडनी देने से डोनर को कोई दिक्कत नहीं होती। सब कुछ सामान्य रहता है, लेकिन अंगदान को लेकर नाकभौं सिकोड़ने वाले इस समाज में एक बहन द्वारा यह फैसला लेना वाकई मिसाल है। तकनीकी तौर पर पति-पत्नी की तुलना में भाई-बहन की किडनी ज्यादा सफल रहती है।


मैं चाहती हूं कि मेरा भाई सौ साल जीये। पहले से कहीं अच्छी जिंदगी आगे व्यतीत करे। राखी के दिन ऑपरेशन होगा, इसलिए भाई को इस साल तो राखी नहीं बांध पाऊंगी पर इस बात की बहुत खुशी है कि उसे इस साल नई जिंदगी मिल जाएगी। हर भाई अपनी बहन और हर बहन अपने भाई की रक्षा के लिए आगे आए।
-रक्षाबंधन पर अपने भाई को किडनी देने वाली आशा

---------------------------


पिता के स्वर्गवास के बाद भाई ने दिया हौसला
फरीदाबाद। रक्षाबंधन भाई-बहनों के लिए सिर्फ कलाई में रेशम का धागा बांधने का त्योहार भर नहीं है, बल्कि कई बहनों ने इस प्यारे रिश्ते का साथ पाकर आसमान चूम लिया है।
ऐसे ही एक भाई-बहन हैं डॉ. तनु भाटिया और इंजीनियर मनीष। मनीष के स्नेहिल रिश्ते ने तनु को न सिर्फ इमेजिन टीवी पर प्रसारित होने वाले चर्चित शो राहुल दुल्हनिया ले जाएगा के टॉप टेन तक पहुंचाया, बल्कि आज उनके सहयोग से वह यूके की एक ट्रैवल कंपनी में एचआर प्रोफेशनल हैं।
डॉ. तनु कहती हैं कि 1996 में पापा का स्वर्गवास हो गया था। उस समय मैं पांचवीं और मेरा भाई मनीष छठी में था। बड़े होकर हम दोनों सुबह स्कूल जाते और शाम को जॉब करते। भाई ने हमेशा मुझे हौसला दिया। वह अभी दक्षिण अफ्रीका की एक कंपनी में प्रोजेक्ट हेड हैं। उनसे रोजाना बात होती है, हर बात उनसे शेयर कर लेती हूं। मेरी सारी उपलब्धियां उनके नाम हैं।’

-----------------------


भाइयों के सहयोग से ही बन पाई बॉक्सर
भाई सुबह व शाम पांच बजे से आठ बजे के बीच सेंटर तक लेकर जाते हैं

जितेंद्र राठी
फरीदाबाद। बॉक्सिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर कामयाबी चूमने वाली कोमल हुड्डा अपनी सफलता का श्रेय अपने दोनों भाइयों अजय और विजय को देती हैं। कोमल का कहना है कि भाइयों के सहयोग से ही उन्हें यह मुकाम हासिल हो सका है।
शहर के सेक्टर-दो में रहने वाली बॉक्सर कोमल ने अमर उजाला को बताया कि उसके दो भाई हैं, अजय और विजय। दोनों ही उस पर जान लुटाते हैं। वह पिछले चार वर्षों से बॉक्सिंग के खेल में हैं। उसके घर से करीब 10 किलोमीटर दूर सेक्टर-56 स्थित बंसी विद्या निकेतन स्कूल में उसका बॉक्सिंग सेंटर है। इस सेंटर में वह सुबह व शाम कोच रमेश वर्मा की देखरेख में प्रैक्टिस करती है। उसके भाई सुबह व शाम पांच बजे से आठ बजे के बीच सेंटर तक लेकर जाते हैं। कोमल ने बताया कि सेंटर तक अकेले जा पाना उसके लिए मुश्किल है। कई बार उसके भाइयों को स्कूल में देरी से पहुंचने पर डांट भी खानी पड़ी है।
भाइयों का इतना सहयोग मिला कि वह चार वर्ष से अपनी प्रैक्टिस कर रही हैं। कैंप में जाने के दौरान भी उसे अजय और विजय का उसे सहयोग मिलता है। बॉक्सिंग कैंप व सेंटर में लगातार आने के चलते बास्केटबॉल खेलने वाले अजय ने भी बॉक्सिंग को अपना लिया है। कोमल ने बताया कि यह भाइयों के सहयोग का ही नतीजा है कि वह दो बार राष्ट्रीय स्तर पर मेडल झटक सकी।
कोमल ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वह एक बार सेंटर पर पुरुष बॉक्सर के साथ फाइट कर रही थीं, उस दौरान उसके हाथ का मांस फट गया था, भाई ने तुरंत बर्फ की सिकाई की। उसके बाद घर लेकर गया, फिर वहां से डॉक्टर के पास गया। डॉक्टर नहीं मिला तो फोन करके बुलाया, इसके बाद वह रात में फिर अपने घर पहुंचे। इस घटना से लगा कि यदि भाई साथ न होता, उसे अपने आप को संभाल पाना मुश्किल हो जाता।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

नॉमिनेशन में 'सलमान का नाम' सुनते ही समारोह छोड़कर चली गई 'वो'

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

उम्र के साथ बढ़ रही इस मॉडल की मांग, जवान मॉडल्स भरती हैं इसके आगे पानी

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

दीपिका पादुकोण और विन डीजल का लिपलॉक करते हुए वीडियो वायरल, अब क्या करेंगे रणवीर

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

जली जीभ को चुटकियों में ठीक कर देंगे ये नुस्खे, आप भी अाजमाएं

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

सलमान के चहेते हीरो ने फोटोग्राफर से की मारपीट, जानिए क्या कहा?

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

सोशल मीडिया पर डीआईजी वाराणसी का 'सियासी एसएमएस' वायरल

social media DIG Varanasi political SMS viral
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top