आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कहीं करो वारदात, अपनी है रात

Ambala

Updated Tue, 25 Dec 2012 05:30 AM IST
अंबाला। दिल्ली गैंगरेप के बाद देश भर में उबाल है। युवा आक्रोश के आगे सरकार हिल चुकी है। प्रदेश में भी इस तरह की वारदात न हो इसके लिए आला अधिकारियों ने तमाम जिलों में रात के समय गश्त में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। बीते बृहस्पतिवार को डीसीपी अंबाला ने पुलिस अफसरों की बैठक लेकर रात में पुलिस का पहरा बढ़ाने के आदेश दिए थे। लेकिन दो दिन बाद ही सुरक्षा और गश्त की रफ्तार पर ब्रेक लग गए। नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस कितनी मुस्तैद है, इसकी पड़ताल की अमर उजाला टीम ने। टीम ने रविवार रात 11 बजे से लेकर सोमवार सुबह तड़के 4 बजे तक शहर और छावनी के भीतर और तमाम मुख्यमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आलम यह था कि सभी थाने और चौकियों में पुलिस वाले सोए मिले। संतरी तक गायब। जनता के पहरेदार चौकियों और थानों में आराम फरमाते रहे
23 दिसंबर,
रात्रि 11:00 बजे
कैंट का जीआरपी थाना
रेलवे स्टेशन स्थित राजकीय रेलवे पुलिस थाना। स्टेशन पर चहल पहल। मगर थाने के गेट बंद। इतना ही नहीं मुंशी और एसएचओ का कमरा भी बंद था।

23 दिसंबर
रात 11:20 बजे
नेशनल हाईवे नंबर एक पर जंडली नाका
दिल्ली-अमृतसर मुख्यमार्ग पर शहर के जंडली चौक पर बना नाका सुरक्षा के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण है। चंडीगढ़ और अमृतसर जाने वाले तमाम वाहन इस नाके से गुजरते हैं। मगर यहां कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखे।

23 दिसंबर,
रात्रि 11:30 बजे
बलदेव नगर पुलिस चौकी
चंडीगढ़ हाईवे पर अंबाला की महत्वपूर्ण पुलिस चौकी है। चौकी का बड़ा दरवाजा बंद। खड़काने पर गेट नहीं खुला। चौकी के भीतर का नजारा देखा, कुर्सियां खाली था, आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं।
23 दिसंबर
रात्रि 11:45 बजे
शहर पुलिस चौकी नंबर एक
शहर की पुलिस चौकी नंबर वन। उम्मीद, कार्यप्रणाली भी नंबर वन होगी। गेट बंद। पुलिस कर्मियों को आवाज लगाई, मगर नो रिस्पांस। कुछ मिनट खड़े रहने के बावजूद कोई जवाब नहीं।

23 दिसंबर
मध्य रात्रि 11:55 बजे
शहर पुलिस चौकी नंबर चार
शहर का बेहत पॉश इलाका। इस इलाके में लड़ाई झगड़े की वारदात अमूमन ज्यादा रहती है। उम्मीद थी कि कम से कम एक मुलाजिम तो जाग रहा होगा। मगर चौकी का गेट बंद था। आवाज लगाने पर भी कोई नहीं आया।

24 दिसंबर
मध्यरात्रि 12:10 बजे
शहर की पुलिस चौकी नंबर तीन
शहर की अंबा मंदिर चौंक पर पुलिस चौकी नंबर तीन। इसी चौकी के भीतर कुछ माह पूर्व अज्ञात लोगों ने घुसकर पुलिस वालों की तीन मोटरसाइकिलें जला दी थीं। डीसीपी साहब ने जमकर क्लास ली थी। इसलिए कम से कम यहां तो उम्मीद थी कि कोई न कोई जाग रहा होगा। मगर ऐसा नहीं हुआ। गेट बंद थे और पहरेदार नींद में थे।
24 दिसंबर
मध्यरात्रि 12:30 बजे
शहर का सिटी थाना
शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी इसी थाने पर है। लेकिन थाने में कोई संतरी नहीं, मुख्य गेट ही बंद। अब शहर में ही कोई वारदात हो जाए, तो जनता के पहरेदारों को कैसे जगाया जाए। गेट के इस ओर से हैलो कोई है, करके आवाज लगाई गई। मगर कोई जवाब नहीं।

24 दिसंबर 2012, समय मध्यरात्रि 12:45 बजे - शहर सिविल अस्पताल चौकी

सिविल अस्पताल का क्षेत्र। क्षेत्र में कई वारदात हो चुकी है। कम से कम चौकी में एक कर्मचारी तो जागना चाहिए था। मगर दरवाजा बंद था और एक मोटरसाइकिल बाहर खड़ी थी। खड़काने पर भी कोई रिस्पांस नहीं।

24 दिसंबर 2012, समय मध्यरात्रि 12:55 बजे - शहर पालीटेक्निक चौक पर पुलिस नाका

अंबाला-हिसार मुख्यमार्ग का नाका। महत्वपूर्ण इसलिए कि सारा ट्रैफिक यहीं से गुजरता है। मगर शायद पुलिस कर्मी यहां ड्यूटी देना मुनासिब नहीं समझते। कोई भी संदिग्ध वाहन यहां से गुजर जाए, उसे कोई नहीं रोकेगा।

24 दिसंबर 2012, समय मध्यरात्रि 1:17 बजे - शहर का सदर थाना

शहर का सदर थाना। वीआईपी जोन, जहां तमाम जिला मुख्यालय के कार्यालय मौजूद है, वहीं स्थित है। कोर्ट कांपलेक्स और मिनी सचिवालय भी इसके सामने हैं। टीम इस थाने का लोहे का गेट खोलकर भीतर गई, मगर अंदर लक्कड़ का मेन दरवाजा बंद था। सारे पुलिस कर्मी नींद का आनंद ले रहे थे। आवाज लगाने पर भी नो रिस्पांस।

24 दिसंबर 2012, समय मध्यरात्रि 1:25 बजे - शहर की सेक्टर नौ चौकी
सेक्टरों में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी इस चौकी पर । लेकिन चौकी की हालत देखकर हैरानी हुई। चौकी में घुप अंधेरा था। चौकी में बाहर की ओर आखिरी कमरे की दूधिया लाइट जल रही थी, मगर वहां देखा गया तो कुर्सियां और तख्त खाली थी। आवाज लगाने पर भी कोई नहीं आया।

24 दिसंबर 2012, समय मध्यरात्रि 1:45 बजे - माडल टाउन चौकी

शहर की मॉडल टाउन चौकी का इलाका काफी बड़ा है। पूरा जंडली और मॉडल टाउन इलाका इसी के भीतर आता है। मगर ये ऐसी चौकी है, जो रात को पहले अपना मेन लोहे का गेट बंद रखती है और फिर कैंची गेट भी बंद कर देती है। यानी फरियादी किसी भी तरह चौंकी के भीतर न घुस जाए।


24 दिसंबर 2012, समय सुबह के 2:40 बजे - कैंट का पड़ाव थाना


नेशनल हाईवे नंबर एक दिल्ली की ओर कैंट का पड़ाव थाना। बड़ा क्षेत्र, महत्वपूर्ण थाना और बड़ी जिम्मेदारी। लेकिन ये सब दिन तक ही सीमित है। रात को कोई परेशान न करे, इसलिए गेट को बाहर और भीतर से बंद रखकर आराम से पुलिस वाले सोते हैं। हां, थाने में रौशनी तो थी, लेकिन न संतरी था और न ही कोई और जागने वाला।

24 दिसंबर 2012, समय मध्य रात्रि के 2:30 बजे- हाइवे पर स्थित कैंट के बस स्टैंड चौंकी

दिल्ली गैंगरेप वारदात के बाद उम्मीद थी कि बस स्टैंड चौकी में कोई जागता मिले। लेकिन नजारा वही लापरवाही भरा। पूरी चौकी में तैनात पुलिस कर्मी सो रहे थे। कुर्सियां खाली थी, मगर दरवाजे बंद। बसों व अन्य वाहनों में कुछ भी करते हुए गुजर जाओ या बस स्टैंड पर खड़ी बसों में कुछ भी करो। कोई टोकने वाला नहीं।

24 दिसंबर 2012, समय सुबह के 2:15 बजे - कैंट की बीसी बाजार चौकी

पॉश बाजार में चौकी का मतलब है कि लोगों की सुरक्षा के लिए चौकस रहना। ये चौकी थी पॉश इलाके में हैं और जगाधरी रोड पर कैपिटल चौंक पर चौकसी की बड़ी जिम्मेदारी इसी चौकी की है। लेकिन यहां पुलिस कर्मी चौकसी करते हैं, मगर दिन में। रात का वक्त आराम से गेट बंद करके सोने का होता है। इसलिए रात को गेट बंद ही मिला।


24 दिसंबर 2012, समय सुबह के 3:10 बजे -

कैंट की 12 क्रास रोड के एक साइड पर खड़ी पीसीआर वैन दिखाई दी। इससे पहले एक पीसीआर मध्यरात्रि 12.10 बजे किंगफिशर के पास और दूसरी पीसीआर 12.40 पर धूलकोट नाके पर दिखाई दी थी। उसके बाद तीसरी पीसीआर 12 क्रास रोड पर एक किनारे पर खड़ी थी। मगर हैरानी यह हुई कि पीसीआर में कोई भी पुलिस कर्मी नहीं था। ये पुलिस कर्मी कहां थे? कुछ मालूम नहीं? ताज्जुब हुआ। आसपास भी सबकुछ सन्नाटा था और सभी घरों में सो रहे थे।

24 दिसंबर 2012, समय सुबह के 3:22 बजे - कैंट थाने का गेट बंद

अंबाला कैंट का सबसे मुख्य थाना है कैंट थाना। सबसे पुराना थाना, जिसे अंग्रेजों के वक्त में बनाया गया। बाहर संतरी के खड़े रहने की जगह भी है। इसलिए जिम्मेदारी कम नहीं है। सभी बाजारों में कोई चोरी न हो, इसकी जिम्मेदारी भी थाने की है। लेकिन मेन गेट बंद था और संतरी गायब। थाने में भी सभी सो रहे थे। अब इस तरह जिम्मेदारी कैसे निभाई जाएगी? ये सवाल थाने के बाहर खड़ा होकर दिमाग में कौंध रहा था।


24 दिसंबर 2012, समय सुबह 4:00 बजे तक जगाधरी हाइवे पर महेशनगर नाका

टीम अंत में महेशनगर थाने पहुंची। वहां भी गेट बंद था। इसलिए सोचा की जगाधरी रोड पर बने महेशनगर नाके पर पहुंचे और चार बजे तक खड़े रहे। शायद कोई पीसीआर आएगी और यहां से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों को रोकेगी। ये वो नाका है, जहां से गोकशी के लिए बहुत से गाड़ियां रात को ही गुजरती है और मध्यरात्रि को भी शायद गुजर रही हाेंगी। लेकिन जब नाके पर कोई होगा, तभी तो किसी से रोकटोक करेगा।

रिपोर्ट- मोहित धुपड़, कुलदीप चहल, संदीप कुमार, अंशुल शर्मा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

बाल झड़ने की वजह से लोग कहने लगे हैं 'अंकल जी' तो अपनाएं मेथी का ये चमत्कारी नुस्खा

  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

जानिए आखिर महिलाओं को क्यों पंसद होते हैं लहसुन खाने वाले पुरुष?

  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

Cannes 2017: मल्लिका शेरावत अपने डीप नेक गाउन में लग रही हैं बेहद खूबसूरत

  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

नेकेड ड्रेस पहनकर इस एक्ट्रेस ने उड़ाई फैशन की धज्जियां, खुले रह गए लोगों के मुंह

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

स्टाइलिश मेलानिया ट्रंप की ये 5 बातें रखती हैं उन्हें फैशन में सबसे अलग

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

Most Read

CM के दौरे से पहले दलितों को बांटे गए साबुन-शैंपू-सेंट, कहा- ये लगाकर ही पास जाना

Before visit of CM Yogi Adityanath to Kushinagar's 'Mushar Basti' , Dalits asked to use soaps, scent
  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, मायावती बोलीं- भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं

mayawati pc on dalits saharanpur violence
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

इसी महीने आ जाएगा मानसून, यूपी में कब हैं बारिश के आसार जानें

monsoon will reach to uttar pradesh after mid june
  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

सहारनपुर हिंसा: यूपी के गृह सचिव ने घर-घर जाकर घटना के लिए माफी मांगी

Saharanpur Clashes: Government officials go door to door apologize for failure of police
  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

MCD उपचुनावः भाजपा का नहीं खुला खाता, आप को मिली जीत

mcd bypoll on 2 seats: know results here as aap won a seat
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

यूपी में 174 पीसीएस अफसरों के तबादले, देखें‌ किसे कहां मिली नई तैनाती

sdm transfer by uttar pradesh government
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top