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शहर के पांच सेक्टरों में हर कदम पर समस्याएं

Ambala

Updated Wed, 05 Dec 2012 05:30 AM IST
अंबाला। शहर के सबसे ज्यादा पॉश इलाका कहलाने वाले सेक्टरों के लोग यहां व्याप्त समस्याओं से दुखी है। यहां के निवासी अपनी समस्याओं को लेकर कई बार हुड्डा और जिला प्रशासन से मिलकर समाधान के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शहर में पांच सेक्टरों में लगभग 35 हजार लोग रहते हैं। इन सेक्टरों में जहां करीबन इन सेक्टरों में जर्जर सड़कों से लेकर, सीवरेज जाम, बंद स्ट्रीट लाइटें, ठप ड्रेनेज सिस्टम, नदारद नालियां व गंदे पेयजल सप्लाई की समस्याओं से स्थानीय सेक्टर वासी बहुत ज्यादा परेशान है। इसे लेकर लोगों में रोष व्याप्त हो रहा है।

सेक्टर एक : टूटी सड़कों से परेशानी
शहर का सेक्टर एक पॉश इलाकों में से एक है। यहां स्कूल, अस्पताल समेत रिहायशी व व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। लेकिन यहां टूटी सड़कों और नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से लोग बहुत ज्यादा परेशान हैं। स्थानीय लोग अमित शर्मा, सोनू जिंदल, नवीन व राजकुमार राणा के अनुसार यहां ड्रेनेज सिस्टम बहुत ज्यादा खराब है। सड़केें टूटी पड़ी हैं। पार्क कूड़ेदान बनते जा रहे हैं। इसलिए लोग वहां अब कम ही जाते हैं। बच्चों ने तो पार्कों में जाना पहले से ही छोड़ दिया है। शिकायत करके थक चुके हैं।

सेक्टर सात : पार्कों में जानवरों का राज
सेक्टर सात की अर्बन इस्टेट वेलफेयर सोसायटी के प्रधान मदनलाल, महासचिव एडवोेकेट संदीप सचदेवा, उप प्रधान जोगेंद्र बजाज, अमृतलाल बंसल, प्रेम गुप्ता व विनोद चोपड़ा बताते हैं कि यहां उनके सेक्टर में परेशानियां ही परेशानियां है। पार्कों में आवारा जानवर रहते हैं और बरसातों का पानी आज तक पार्कों से नहीं निकला। सड़कों बेतरतीब ढंग से बनाई जा रही है, जिस वजह से लोगों के घर नीचे हो रहे हैं और बरसातों का पानी उनके लिए आफत बन रहा है। कई सड़कों पर तो नालियां ही गायब हो गई है। पानी की निकासी कहां की जाएं, कुछ मालूम नहीं? सीवरेज बुरी तरह से जाम पड़े है।

सेक्टर नौ : गंदगी का साम्राज्य

सेक्टर नौ के समाज सेवी डा. बृजकिशोर मारवाह, संतोष टंडन व मनीषा टंडन बताते हैं कि यहां सेक्टर नौ में घुसते ही गंदगी से स्वागत होता है। यहां पीरबाबा के सामने गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है और सड़ रहा है। पानी ठहरा हुआ है और उसके ऊपर हरे रंग की परत इकट्ठा हो गई है। मच्छर उसमें पनप रहे हैं, जिस वजह से यहां मलेरिया का खतरा है। कूड़ेदान जर्जर हो चुके हैं, सफाई कर्मी भी कूड़ेदान का कचरा समय से नहीं उठाते। गंदगी उठाने वाला भी नियमित रूप से नहीं आते। पार्कों की हालत भी बहुत ज्यादा खराब है, वहां भी गंदगी व बरसाती पानी खड़ा है। सीवरेज सिस्टम भी जाम पड़ा है, कई बार तो घरों के शौचालयों से गंदा पानी बाहर आकर घर में ही फैलने लगता है।

सेक्टर आठ : टूटी सड़कों से स्वागत
मानव चौंक से भीतर आइए तो टूटी सड़कें आपका स्वागत करेंगी। चूंकि रात के समय यहां स्ट्रीट लाइटें भी ठप है, इसलिए रात के समय तो ये सड़कें हादसे का सबब बनती हैं। भूपेंद्र सिंह, कमलेश, नरेंद्र शर्मा व सचिन कुमार के अनुसार यहां टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइटें व ठप सीवरेज की समस्या बहुत ज्यादा है। हल्की बारिश भी यहां लोगों का जीना मुहाल कर देती है। उसके बाद पार्कों व खाली प्लाटों में कई माह पानी खड़ रहता है। कोई सुध लेने वाला नहीं। ठप स्ट्रीट लाइट की वजह से यहां कई बार चैन स्नैचिंग व बैग स्नैचिंग की वारदातें हो चुकी है। कोई यहां अंधेरे का जबरदस्त साम्राज्य पसरा रहता है।

सेक्टर दस : गंदे पानी की समस्या

सेक्टर दस में गंदे पेयजल और बड़ी-बड़ी झाड़ियों की समस्या से लोग बेहद दुखी है। निवासी शशि भूषण, अनु शर्मा, सतबीर सैनी, संजय, रामकरण शास्त्री, लाल सिंह, अनिल कुमार, श्रीमती नरेश शर्मा, श्रीमती रेनू, सुरेंद्र व दिनेश के अनुसार यहां गंदे पेयजल को लेकर लोग बहुत ज्यादा दुखी है। उनके अनुसार यहां प्रशासन को दिखाने के लिए लोग दो बार गंदे पानी प्रदर्शनी भी लगा चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद गंदे पानी की समस्या से निजात नहीं मिली। इसके अलावा यहां ढुलमुल ड्रेनेज सिस्टम की वजह से पानी की निकासी का ही इंतजाम नहीं है। जबकि यहां बड़ी-बड़ी झाड़ियों से आए दिन जहरीले कीटों की वजह से लोग बहुत भयभीत व परेशान रहते हैं। लोगों के अनुसार प्रशासन को बहुत शिकायत की जा चुकी है। मगर कोई सुनवाई ही नहीं करता। पता नहीं प्रशासन कब उनकी सुध लेगा।
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कोट
सेक्टरों की सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। लोगों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इसके अलावा सेक्टरवासियों की जो मूलभूत सुविधाएं है, उसकी ओर भी ध्यान देते हुए उसका जल्द समाधान के लिए हुडा प्रशासक को कहा जाएगा।
-शेखर विद्यार्थी, डीसी अंबाला-
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