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अब कंप्यूटर से चलेंगी खराद की मशीनें

Ambala

Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
अंबाला। विज्ञान उपकरण बनाने वाली कंपनियों को अब लेबर की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। क्योंकि अब खराद की मशीनें कंप्यूटर के माध्यम से आपरेट होगी। इतना ही नहीं इस बारे में यदि एक आपरेटर को मशीन आपरेट करने में एक्सपर्ट कर दिया जाए, तो एक ही एक्सपर्ट कंप्यूटर के जरिए पांच खराद मशीनों को चला सकेगा।
दि अंबाला साइंटिफिकइंस्ट्र्ूमेंट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन द्वारा आयोजित ग्लोबल लैब एक्सपो-2012 विज्ञान प्रदर्शनी में इस नई तकनीक व नई डिजाइन की खराद मशीन को पहली बार प्रदर्शित किया गया है। बहुत से लोगों ने इस तकनीक को सराहा और इसकी जानकारी हासिल की।

ऐसे काम करेगी कंप्यूटराइज्ड खराद मशीन
इस मशीन को टर्निंग मशीन का नाम दिया गया है। विश्वकर्मा मशीन टूल के निदेशक धर्मपाल, कर्मचंद और लक्की बताते हैं इस तकनीक को विशेष तौर पर कर्मचारियों की कमी के चलते ही इजाद किया गया है। उनके अनुसार इस मशीन को पूरी तरह से नया लुक दिया गया है। इस मशीन के साथ एक कंप्यूटर फिक्स किया गया है। जिसमें जी-कोड प्रोग्राम काम करेगा। साइंस उपकरण तैयार करने से पहले उसके अधिकतर स्पेयर पार्ट खराद मशीनों पर ही तैयार होते हैं, बाद में उन स्पेयर पार्टस को असेंबल कर साइंस इंस्ट्रूमेंट तैयार किया जाता है। अब कंप्यूटर में खराद पर जो भी पार्ट तैयार करना है, उसका एक प्रोग्राम बनाकर कंप्यूटर में फीड किया जाएगा, उसमें टाइम फिक्स किया जाएगा कि कितने मिनट में एक स्पेयर पार्ट तैयार हो जाएगा। ताकि मशीन में दूसरा पार्ट फिट किया जा सके। बस, उसके बाद कंप्यूटर पर कमांड देते ही खराद मशीन अपने आप पार्टस को तैयार करना शुरू कर देगी। चूंकि इसमें टाइम फीड कर मशीन से काम करवाना है, इसलिए एक एक्सपर्ट एक बार में पांच खराद मशीनों पर अलग-अलग टाइम फीड कर पांच मशीनों को अकेला ही आपरेट कर सकेगा।

इंगरीविंग मशीन भी कंप्यूटर से चलेगी
साइंस इंस्टूमेंटस पर यदि कुछ लिखना है या उसे किसी प्रकार की शेप देनी है, तो उसके लिए इंगरीविंग मशीन का इस्तेमाल होता है। ये काम बहुत ही बारीकी और थोड़ा खर्चीला होता है, क्योंकि उससे पहले संबंधित अक्षर या शेप का सांचा तैयार करना पड़ता है। फिर एक तकनीशियन को कई घंटे मशीन पर बैठकर काम करना पड़ता है। मगर अब सब कुछ कंप्यूटर पर होगा। अक्षर या शेप का डिजाइन कंप्यूटर पर ही तैयार होगा और उसके बाद कंप्यूटर ही इंगरीविंग मशीन को आपरेट करेगा। इसे भी पहली बार प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।
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