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अब डरना नहीं, डटकर करना है मुकाबला

Ambala

Updated Sun, 21 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबाला। युवतियों को यदि आत्म रक्षा के गुराें में निपुण बनाया जाए, तो छेड़छाड़ की घटनाएं जरूर कम होंगी। इसके अतिरिक्त यदि छात्राएं वैसे ही ऐसे मनचलों से सामना करने का पक्का इरादा कर लें, तो भी इन मनचलों की हिम्मत न होगी कि वे किसी युवती, छात्रा और महिला को छेड़ सकें। ऐसे मामले जितने दबाकर रखें जाएंगे, मनचलों के हौसले उतने ज्यादा बढ़ेंगे। इसी विषय पर ‘अमर उजाला’ से शहर स्थित एसए जैन विजय वल्लभ पब्लिक स्कूल की शिक्षिका ने अपने विचार साझे किए।
शिक्षक सीप गुप्ता ने बताया कि आजकल छेड़छाड़ की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। लेकिन अगर कोई लड़का किसी लड़की को छेड़ता है तो उसी समय तुरंत जवाब दें। चुप न रहें। स्कूल और कालेज में शिक्षा के साथ-साथ कराटे की कक्षाएं लगनी चाहिए ताकि युवती व महिलाएं अपनी सुरक्षा कर सकें। पुलिस को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास करना चाहिए।
शिक्षक ममता ने बताया कि युवतियों और महिलाओं को ऐसी अप्रिय घटनाआें के प्रति आवाज उठानी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। ऐसे समय के दौरान आसपास के लोगों को तुरंत बताए। लड़कियों को अपने पास पर्स में ऐसे मिर्ची पाउडर और इलेक्ट्रानिक करंट वाली कोई चीज अपने पर्स में रखनी चाहिए। किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर घर जाकर अपने परिवार को इस बारे में जरूर बताएं।
टीचर स्वाति ने बताया कि छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए युवतियों को अपने अंदर का डर निकालना होगा। तभी ऐसी बीमारियों से निजात पाया जा सकता है। कई लड़कियां ऐसी घटना हो जाने से पुलिस में जाने से डर जाती है। लेकिन उनको डरना नहीं चाहिए। बल्कि उसका डटकर मुकाबला करें। ऐसा कदम उठाएं कि कभी फिर दोबारा ऐसा करने की सोचें भी ना। ऐसे मामलों में प्रशासन को कम से कम 2-3 साल की सजा निर्धारित करनी चाहिए।
एसए जैन विजय वल्लभ पब्लिक स्कूल प्राचार्य पुलिन सिंगला ने बताया कि समाज से ऐसी घटनाओं को कम करने के लिए लड़कियों को खुद उसी समय जबाव देना होगा। क्योंकि नारी के अंदर इतनी शक्ति होती है कि वह किसी को भी सबक सिखा सकती है। सरकार को भी सरकारी शिविरों का समय-समय पर आयोजन करते रहना चाहिए। ताकि लड़कियों को शिक्षा मिल सके। लड़कियां खुद में विश्वास रखें। और सबसे जरूरी स्कूलों और कालेजों में मार्शल आर्ट्स जरूर होना चाहिए।
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