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महंगी दवाएं खाने को मजबूर मरीज

Ambala

Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबाला। बाजारों में बिकने वाली कई दवाइयां सस्ती होती होती है। जानकारी के अभाव और जेनरिक दवाओं के बारे में अनभिज्ञता की वजह से मरीज महंगी दवाइयां खाने को मजबूर हैं। केमिस्ट जो दवा मरीज को थमा रहे हैं, वह जेनरिक है या एथिकल (ब्रांडेड) इसे इस फील्ड से जुड़ा व्यक्ति ही पहचान कर सकता है। यही कारण है कि कुछ केमिस्ट लोगों की कमजोरी का फायदा उठाकर महंगी दवाइयां बेच रहे हैं।
मार्केट में एथिकल और जेनरिक दो ब्रांड आ रहे हैं। इनकी जानकारी आम व्यक्ति को नहीं है। एथिकल में जहां दवाओं की कीमत कहीं अधिक है, वहीं जेनरिक में यह कीमत नाममात्र की रह जाती है। जेनरिक दवाएं उन मरीजों के लिए शुरू की गई थी, जो महंगी ब्रांडेड दवाएं नहीं खरीद सकते थे। लेकिन मार्केट में एथिकल और ब्रांडेड दवाओं की पहचान करना काफी मुश्किल है। यही कारण है कि मरीजों को कुछ केमिस्ट संचालक चूना लगा रहे है। जिला में फिलहाल जेनरिक दवाओं की खपत करीब बीस प्रतिशत तक ही है, लेकिन सबसे ज्यादा खपत ब्रांडेड दवाओं की है। बाजार में सिट्राजिन की एथिकल में 39 रुपये है, जैनरिक में यह दवा मात्र 10 रुपये में, नोवामॉक्स 250 एमजी एथिकल 88 रुपये 15 कैप्सूल, जैनरिक 30 रुपये का पत्ता उपलब्ध है। यहीं पर मरीज पूरी तरह से गच्चा खा जाते हैं और यह दवा महंगे दामों पर इन को उपलब्ध है। क्योंकि जैनरिक की दवा पर जो रेट लिखे जाते हैं उसी पर संशय पैदा हो जाता है और केमिस्ट अपनी मर्जी के अनुसार इन दवाओं को बेच देते हैं और कईयाें से तो प्रिंट रेट भी ले लेते हैं।
एलर्जी की दवा खा रहे दीपक कुमार, संजीव गुप्ता, देसराज आहलूवालिया ने कहा कि सिट्राजिन की दवा का ब्रांडेड और जेनरिक के रेटों में काफी फर्क है। कभी सिट्राजिन में दस गोलियों की स्ट्रिप 25 में, तो कहीं पर यह बीस तो कहीं इससे भी कम में मिल जाती है। लेकिन प्रिंटिड रेट एथिकल और जेनरिक दोनों में लगभग एक जैसे ही हैं।

‘यह सही है कि जेनरिक में केमिस्ट अलग-अलग रेट लगा देते हैं। लेकिन आल इंडिया स्तर पर केमिस्ट एसोसिएशनों ने जेनरिक दवाओं के रेट रेशनलाइज्ड करने का मुद्दा उठाया था। इसके लिए केमिस्ट और होलसेलर का मार्जन फिक्स भी किया। लेकिन यह मुद्दा ठंडे बस्ते में है और यही कारण है कि मरीजों को अधिक खर्च करना पड़ता है।
- रमेश खुराना, प्रधान हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन

कुलदीप चहल
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