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मिल्क कारोबार में दिख रहा मंदी का असर

Ambala

Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबाला। वीटा मिल्क प्लांट द्वारा प्राइवेट दुग्ध उत्पादकों एवं वेंडरों से दूध की खरीद बंद करने के मामले में वीटा मिल्क प्लांट अंबाला लगातार सवालों के घेरे में आ रहा है। एक ओर जहां दुग्ध उत्पादक और वेंडर अपना विरोध जता रहे हैं, वहीं सारे मामले में वीटा मिल्क प्लांट खुद को घिरा हुआ महसूस कर रहा है।
प्लांट सूत्रों की मानें तो हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोआपरेटिव फेडरेशन के अंतर्गत आने वाले वीटा मिल्क प्लांटों में पड़ा मिल्क पाउडर का स्टॉक इसकी सबसे बड़ी वजह बना हुआ है।
प्लांट सूत्रों के अनुसार इस वक्त डेयरी फार्मिगिं के कारोबार में जबरदस्त मंदी चल रही है। मिल्क पाउडर का एक्सपोर्ट पर रोक होने की वजह से सहकारी और प्राइवेट सभी प्लांटों में दूध से तैयार मिल्क पाउडर उनके स्टॉक में ही पड़ा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक अंबाला में भी करीब 250 टन मिल्क पाउडर का स्टाक पड़ा है। जो प्लांट के अफसरों के लिए गले फांस बना हुआ है। इस मिल्क पाउडर का खराब होने की भी एक निर्धारित समय होता है। इसलिए इस वक्त सभी मिल्क प्लांटों की कोशिशें यही है कि मिल्क पाउडर की बिक्री जल्दी से जल्दी की जाए।
यही वजह है कि सहकारी मिल्क प्लांटों ने प्राइवेट दुग्ध उत्पादकों और वेंडरों से दूध लेना बंद कर दिया है। दरअसल जो दूध प्राइवेट दुग्ध उत्पादकों और वेंडरों से खरीदा जाता था, उसका अमूमन मिल्क पाउडर ही तैयार किया जाता था। लेकिन अब पहले वाला मिल्क पाउडर का स्टॉक खत्म नहीं हुआ, इसलिए प्लांटों ने प्राइवेट उत्पादकों से दूध की खरीद बंद कर दी है। इसे लेकर रोजाना प्राइवेट उत्पादकों को खासी चपत लग रही हैै।

‘अंबाला वीटा मिल्क प्लांट में करीबन 250 टन मिल्क पाउडर पड़ा है। पहले उसे बेचा जाना है। निर्यात बंद होने की वजह से थोड़ी दिक्कत है। प्लांट को पर्याप्त दूध मिल रहा है, जो टारगेट से अधिक है, इसलिए आला कमान ने प्राइवेट उत्पादकों व वेंडरों से दूध लेना बंद किया है। आला कमान ही इस बारे में फैसला लेगा।’
-जसपाल सिंह, मुख्य अधिशासी अधिकारी, वीटा मिल्क प्लांट
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‘दूध से मनाया मिल्क पाउडर काफी मात्रा में पड़ा है, उसे बेचना बहुत जरूरी है। ज्यादा दूध आएगा, तो उसका पाउडर ही बनाना पड़ेगा। लेकिन प्राइवेट दुग्ध उत्पादकों का भी नुकसान न हो, इसके लिए वे आला अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं, जल्द ही इस समस्या का कोई समाधान निकलवाया जाएगा।’
- परमजीत सिंह, निदेशक, वीटा मिल्क प्लांट
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