आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

लखपति हैं पीर मामा-भांजा

Ambala

Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
अंबाला। सैन्य क्षेत्र में स्थित मामा-भांजा पीर लखपति हैं। श्रद्धालुओं के चढ़ावे की राशि के रूप में 37 लाख 24 हजार 736 रुपये बैंक में पीर मामा-भांजा मजार कमेटी के खाते जमा हैं। इसमें जहां 22 लाख 24 हजार 736 रुपये नगद पडे़ हैं, वहीं 15 लाख रुपये को फिक्ड डिपोजिट करवाया गया है, ताकि अच्छा ब्याज मिलने से राशि बढ़ सके। सेना ने अगस्त 2012 तक के चढ़ावे की राशि को सार्वजनिक किया है। लोगों की भारी आस्था का केंद्र बन चुके पीर मामा-भांजा के चढ़ावे को लेकर विवाद होने पर मिलिट्री अथारिटी ने इस धार्मिक स्थल को अपने कब्जे में लेकर विवादों पर विराम लगा दिया है। पहले आरोप लगते रहे हैं कि चढ़ावे की राशि में कई तरह की अनियमितताएं होती रही हैं।
अब सेना के कब्जे में है धार्मिक स्थल
इन तमाम अटकलों को विराम लगाकर पहले तो सेना ने इस पूरे धार्मिक स्थल को अपने कब्जे में लिया और अब इस धार्मिक स्थल के चढ़ावे को सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं सेना ने इस स्थल की देखरेख का बीड़ा उठाने के बाद जितना भी चढ़ावा चढ़ा, उसे श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक कर दिया है। इस दरगाह पर इस हिसाब-किताब को अंकित कर दिया गया है। सेना का निर्णय है कि इस चढ़ावे की राशि और खर्चों को हर माह श्रद्धालु के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।

मामा-भांजा मजार कमेटी करती है देखभाल
पीर मामा-भांजा की दरगाह दशकाें पुरानी है। पहले कुछ लोग इसकी देखरेख करते थे। इसकी मान्यता बढ़ती गई और इस दरगाह के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था भी गूढ़ होती गई। रोजाना यहां दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है, जबकि गुरुवार को यहां मेले जैसा माहौल रहता है, लेकिन सेना इसमें ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करती थी। जब इस धार्मिक स्थल के चढ़ावे को लेकर विवाद हुआ, तो लोकल मिलिट्री अथारिटी ने हस्तक्षेप कर इसे पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया। इसकी जिम्मेदारी लोकल मिलिट्री अथारिटी ने सेना के ही डेयरी फार्म विंग को सौंपी है। सेना ने यहां पीर मामा-भांजा मजार कमेटी गठित की है। इसमें पुराने श्रद्धालुओं को ही बतौर सदस्य लिया है, जबकि सैन्य कर्मी भी इसमें शामिल हैं।

गुरुवार को भंडारा लगता है : प्रवक्ता
सेना के प्रवक्ता के अनुसार यह श्रद्धा का केंद्र है, यहां विवाद नहीं होना चाहिए, इसी को खत्म करने के लिए सेना अब खुद इसकी निगरानी करेगी। उनके अनुसार हर गुरुवार यहां विशाल भंडारा लगाना शुरू कर दिया गया है। इस स्थल को भी बहुत बढ़िया बनाया जा रहा है। साथ ही यहां चढ़ावे को भी श्रद्धालुओं के लिए सार्वजनिक किया जाएगा और इस राशि का सदुपयोग भी यहां विकास और समाज सेवी के रूप में किया जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

लगने वाली है इन 5 राश‌ियों को शन‌ि की नजर, इन उपयों से बचें

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

'जमाई राजा' की सास ने 19 साल पहले कराया था बोल्ड फोटोशूट, वायरल हुईं तस्वीरें

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

फिल्मफेयर मैग्जीन पर दिखा दीपिका का 'कातिलाना' अंदाज, दिल थाम लीजिए जनाब!

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

'ट्यूबलाइट' के सेट पर कौन है ये बच्चा, गले लगाकर रो पड़े सलमान खान

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

कपिल शर्मा के शो में कुछ ऐसे करतब दिखाएंगे सुपरस्टार जैकी चैन

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अपना दल और भाजपा में दस सीटों पर सहमति 

Uttar Pradesh election BJP Apna Dal Ten seats in agreed
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

सोशल मीडिया पर डीआईजी वाराणसी का 'सियासी एसएमएस' वायरल

social media DIG Varanasi political SMS viral
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top