आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

ठीकरी पहरे में गुजर जाती है रात

Ambala

Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
अंबाला। टांगरी नदी के किनारे बसे लोग पानी उफान के डर से हर रात दहशत में गुजारते हैं। ऐसे में लोगों की रात ठीकरी पहरे में गुजरती है। नदी में खनन न होने के कारण नदी की बैडिंग बढ़ने लगी है और इसी वजह से नदी के उफान पर पानी आबादी की ओर बढ़कर ज्यादा नुकसान करने लगता है। आलम यह है कि रातभर पानी के डर से लोग सो भी नहीं पाते हैं। टांगरी नदी के किनारे बसे, कुछ लोग तो अपना मकान ही बेचकर यहां से जा चुके हैं।
‘रात को पानी कभी भी आ सकता है। इस क्षेत्र में रहना खतरे से खाली नहीं है। पानी के डर से कई परिवार पलायन कर चुके हैं। पहले हमलोग अमन नगर में रहते थे, लेकिन अब परिवार सहित अजीत नगर में आकर रहने लगे हैं।’
- अजयपाल, अजीतनगर निवासी


‘पानी के डर से लोग दहशत में रहते हैं। पानी के कारण लोगों को ठीकरी पहरा देना पड़ रहा है। जिस दिन पानी आने की आशंका रहती है तो लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ती है।’
- रामचंद्र, रामनगर निवासी


‘नदी में खनन पर रोक के लगी होने के कारण नदी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जब भी पानी आने का डर आता है लोग छतों पर चढ़ जाते हैं। कीमती सामान का पड़ोसियों के घर पर रख देते हैं।’
- सतबीर, अजीतनगर निवासी



‘पानी के डर के कारण टांगरी नदी के किनारे लोग रात को सो भी नहीं पाते हैं। पानी आने की चिंता लोगों को सताती रहती है। पानी के डर की वजह से लोगों को दहशत में जागकर रात गुजारनी पड़ रही है।’
-मदनलाल, अमननगर निवासी



‘अगर रात को पानी आ जाए तो भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सारी रात जागकर छत पर गुजारनी पड़ती है। लोगों को सामान भी छत पर रखना पड़ता है।’
- बबली देवी, अमननगर निवासी


‘पानी के डर के कारण हर सामान को उपर रखा हुआ है। पानी के कारण घर को काफी नुकसान हो चुका है। फर्नीचर भी खराब हो चुका है। जिस सामान को छत पर पहुंचाया जा सकता है, उसे तो छत पर पहुंचाकर बचा लेते हैं, लेकिन कहीं बार अचानक अधिक पानी आ जाता है और पानी समय नहीं देता है।’
- सुदेश रानी, अमननगर निवासी


‘पानी की वजह से बच्चों को और बुजुर्गों को अधिक परेशानी आती है। हम तो जैसे-तैसे छतों पर चढ़ जाते हैं। लेकिन बच्चों और बुजुर्गो को परेशानी होती है। प्रशासन को चाहिए कि खनन की अनुमति दें ताकि नदी का उफान कम हो।’
- अनीता, अमननगर निवासी
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

night picket

स्पॉटलाइट

मालदीव में छुट्टियां मना रही हैं निया शर्मा, हॉट तस्वीरें हुई वायरल

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

'हिन्दी मीडियम' में प्रिंसिपल की भूमिका में नजर आएंगी अमृता सिंह

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

हल्दी का ये नुस्खा छूमंतर करेगा पैरों की सूजन, आजमा कर देखें

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

VIDEO : 'टाइगर जिंदा है' का एक्शन सीन आया सामने

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

क्या सोनाक्षी के आगे नाचने को राजी होंगे युवराज-हेजल?

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

Most Read

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ती पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandratala Delhi reached deputation
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

CM योगी का नया फरमान, अब नहीं खा पाएंगे ड्यूटी पर गुटखा-पान

latest news related to cm adityanath in lucknow
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

थाने में दरोगा बोला- योगी की सरकार है तो क्या पाकिस्तान भेज दोगे

If the inspector speaks about the government then what will send it to Pakistan
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top