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अफगानिस्तान में घु-घुट कर जी रही औरत
जिस्मफरोशी से इनकार करने पर 14 साल की सहर गुल के साथ अफगानिस्तान में जो कुछ हुआ वो महज एक बानगी है अफगान औरतों की दुर्दशा की। दुगनी उम्र के पुरुष के साथ जबरन ब्याह दी गई सहर अब जिंदा लाश है। उसे ससुराल का हुक्म न मानने की ऐसी सजा मिली जिसे देखकर बेहरम भी रो पड़े। लेकिन सहर अकेली नहीं है जिसने ससुरालियों के जुर्म सहे। अफगानिस्तान में तालिबान के जाने के बाद भी औरतों की नियति में कोई खास फर्क नहीं आया है। अफगानिस्तान में औरतें अब भी महज सामान के मानिंद इस्तेमाल की जाती है। यहां महिला अधिकार नाम की चीज नहीं है। अफगान औरतों के पहरुआ बने अफानिस्तान के पुरुष समाज में सजा के नाम पर औरतों के साथ वहशीपन करने की खुली छूट है।
विनीता वशिष्ठ
लोगों की राय
devendra (lucknow)
I cant beleve that .how can passible do that .ager yah ho sakta hain to wo her maa ko afsos hoga ke usne kise ladko ko janam kyo diya.kya yahi nye hain ager uhi chalta raho to sayad phir koi ladki maa banana cahain .viswas nahi hota ke aaj log itna asmbadanseel ho gaya.Ager koi bhi insan god main viswas karta hain to such hain hain ke ham waha phuchna wale hain jaha sai sayad.koi ladki ager kisi ladki ko janam dete he mar de to koi buri bat nahi hogi sayad bahut bura waqt anee wala hian ham sabhi ke liya .
rajinder singh (gurgaon)
Ye sub en saamaj ke thekdaro ke banaye hue rule hai..ye apni kartoto ko nahi jante ..saalo jisne duniya dikhai hai usi ke sath esa karte ho..tumhara jehad ki baat ko hai ..uska ek hi maksad hai logo ko marna bas....or ye paap hai ..or iski saja bhi tumhe hi milegi or milti hai...
sudhir kumar sharma (moradabad)
aisa karne wala yeh kyon bhool jata hai ki uski beti ke sath bhi aisa hi hoga.
Ali Akhtar (Aligarh)
Ye log insan nahi haiwan jo ek mazloom aurto per taqat dikhate hai aise insano ko to phansi par chadha dena chahiye
PAWAN KUMAR TETWAL (new delhi)
afganistan me sabse pahle acche kanoon ban ne chahiye taki mahilaon ki halat me sudhar ho sake phir use sakthi se lagu kiya jana chahiye
GAUTAM KABIR (LUCKNOW)
To prevent this type of crime no any law and order are applied but their government should understand on their social and regional problem.it can be possible to the low economic lave of these type of women,s family. so government should be improve their social and economical problem.and specially awoke to woman for their rights,
Umesh Chand Bhardwaj (Mau)
Afganistan me Mahilao ke prati ek shashakt kanoon banane ke avasyakta hai jisme mahilao ko ek samman ka darja mile.
bharatlal (bhilai)
औरतों के साथ हर समाज में अत्याकचार हो रहा है कही कम और कही ज्यातदा धर्म के नाम पर इन्हेंह मात्र एक भोग की वस्तु से ज्यातदा कुछ नही समझा जाता है प्रकृति ने उन्हेंद जैसा बनाया है हम स्वीेकार नही कर पाते है इस्लातम में इन्हेंा ऐसा पर्दानशी किया है कि जैसे वह जीव नही कोई निर्जीव वस्तुह हो, तो या देवी..........का जप करने वाले इनके रजस्वाला होने को बहुत बड़ा अपराध मानते है जबकि वास्तवव में अपराधी तो यह सिस्टेम (रजस्वपला) बनाने वाला हैा समय बदल रहा है हो सकता है कि इन अत्यावचारों से त्रस्तव नारी पुन: अपनी मातृ सत्ता्त्मलक समाज स्था पित करने के लिए कोई बड़ा आन्दोइलन का सूत्रपात करे ा
bharat lal (bhilai)
शादी से दूर भागने का मुख्य कारण आधुसनिक सभ्योता एवं विकास, ईश्वीर में आस्थां, धर्म में विस्वावस या अन्य रूढि़ वादी परम्पुरायें गरीबों पिछड़ों अशिक्षितों एवं ग्रामीण लोगो द्वारा ही किया जाता है आधुनिक समाज धर्म के नाम पर केवल दिखावा ही करता है विस्वाेस नहीं ा शादी भी उन्हीो पुरानी मान्यैताओं में से एक है ा
manvendra singh awakhera (mathura)
Yeh sab mere dimag se sahi nahi hai . Kyonki nari hi laxmi ka roop hoti hai.
pradeep kumar (varanasi)
m prod of ali akhter of ur thinkking the real Indian like you
Dheerendra (Solan)
Kya aaj Manav adhikar ka dambha bharne vale logo ki aankhe foot gai hain .............. ya wo janboojh kar andho ki tarah bartav kar rahe hain ........... aaj america kaha gayab ho gayahai ..... taliban ki ladai ke samay to usne bahaut baate banai thi kya aaj uski aankho kapani sookh gaya hai .............
ANAND (noida)
ye galat hai, desh nahi hevan he aise logo ko fasi honi chahye
MOHAMMAD HASEEN (CHHATARPUR)
पर्दा प्रथा के नाम पर सिर्फ जिस्म ओर गंदी आदतों का पर्दा होना चाहिए | आज जो फैशन के नाम पर लड़कियां /औरते जिस्म की नुमाइस करती हैं उससे पैदा हुई समस्यायों से तो पर्दा प्रथा अच्छी थी| लेकिन पर्दा प्रथा के नाम पर औरतो के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए ऐसा ऑर भी गलत बात है| हमें दोनों समस्यायों का धयान रखना है तभी हम बुराइयों से मुक्त हो सकेंगे।
manzoor (bareilly)
औरतो के उपर हो रहे अत्याचार गलत है आज के ज़माने में औरतें जिस्म की नुमाइश करते हैं।
RASHMI (DELHI)
कमोबेश यह हालत हर देश में है जरुरत है सोच बदलने की वर्ना औरतों पर संस्कारों और उसुलों के नाम यूँ ही जुर्म होता रहेगा..शुरुआत किसी को तो करनी ही PADEGI
MD. ZAKI IMAM (DELHI)
MUJHE LAGTA HAI KE MEDIA KISI EK GHATNA KE AADHAR PAR PURI DESH KA HALAT BATATE HAI.
abhishekroshan (patna)
आइ वांट स्टॉप दैट बिहैवियर ऑफ़ अफगान वोमेन, प्लीज हेल्प देम ।
javed (new delhi)
इन लोगो को तो इतनी बुरी सजा देनी चाहए के जिस तरह से ये लोग इन औरतो के बारे में सोचते है तो उससे भी दस गुना ज्यादा के फिर कभी कोई इस तारा से करने की हिम्मत न करे
Amit Mishra (Abu Dhabi)
ये सब मुस्लिम को बदनाम करने की साजिश हे दुनिया का कोई मुस्लिम ऐसा नहीं कर सकता है ये सब गलत हे
diya pal (delhi)
सुधर जाओ जिस औरत ने पैदा किया है उस की ये हालत
deepika sharma (maharastra)
कुछ लोग यहाँ कमेन्ट दे रहे है कीआज की औरते जिस्म की नुमाइश करती है .इसलिए उनके साथ गलत होता है तो प्लेसे जरा आप उपर पूरी रिपोर्ट पढ़ लीजिये की जो औरते परदे मई रहेती है वोह भी शारीरिक शोषण की शिकार हो रही है..
Prem raj (Delhi)
इस देश में एक समस्या ख़त्म हुई तो दूसरी ने मुंह खोल लिया. तालिबान के खात्मे के बाद ऐसी समस्या पैदा होना उस हर औरत के लिए दुखदायी है जो वहा जन्म लेती है.
ranu singh (patna)
mard to mard auraten khud auraton ki dushman ban gae hai.Hawaniyat dhate waqt sayad we bhul gae ki khuda unke karmo ki saja unhe isi janam me jarur dega.
Farha (Ranchi)
औरतो के साथ ऐसा तो होता आया है और होता रहेगा सिर्फ राजनीती होगी कोई सज़ा नहीं होगा हम मुस्लमान औरतो की किस्मत ही ऐसी है
MOHD USMAN (delhi)
जिस इस्लाम मैं किसी लड़की की शादी उसकी मर्ज़ी के बगेर हो ही नहीं सकती उस इस्लाम के मानने वाले ऐसा कर सकते हैं मुझे यकीन नहीं होता यह ज़रूर मुसलमानों को बदनाम करने की SAJISH है इस्लाम की बसिक जम्कारी रखने वाला इंसान भी अच्छी तरहां SE जनता है की अगर किसी औरत को उसकी मर्ज़ी के बगेर यानि I ज़बर दस्ती अपने साथ रखता है तो वेह बहुत BADA पाप है , शादी के बाद भी अगर लड़की को उसका पति उसको पसंद नहीं है तो उससे तलक मांग सकती है ओर उसके लोयें उसको कोई कारन बताने की भी ज़र्रोरत नहीं है सिर्फ अपनी नापसंद को आधार बना कर तलक ले सकती है उसके लियें मैं यहाँ पैर एक ही उदहारण देना काफी समझाता हूँ एक बार एक औरत नवी मोहम्मद puh के पास आई और कहा की मैं अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती नवीमोहम्मद puh ने उसको समझाने की कोशिसिः की लेकिन वोह नहीं राज़ी हुई तो उसके पति को आदेश दिया की उसको आज़ाद करदे और उसके पति ने उसको आज़ाद कर दिया इस उदहारण के बाद किसी भी सच्चे मुसलमान की यह हिम्मत नहीं हो सकती की वोह किसी को ज़बर दस्ती अपने साथ रखे मैं समझता हूँ की उपर जो न्यूज़ छापी है वोह सरासर झूट का पुलिंदा है और अगर हकीक़त मैं यह खबर सही है तो इसका मतलब है की वोह लोग इस्लाम की समझ नहीं रखते
MOHD USMAN (delhi)
जिस इस्लाम मैं किसी लड़की की शादी उसकी मर्ज़ी के बगेर हो ही नहीं सकती उस इस्लाम के मानने वाले ऐसा कर सकते हैं मुझे यकीन नहीं होता यह ज़रूर मुसलमानों को बदनाम करने की SAJISH है
Qasim (aligarh)
जिस इस्लाम मैं किसी लड़की की शादी उसकी मर्ज़ी के बगेर हो ही नहीं सकती उस इस्लाम के मानने वाले ऐसा कर सकते हैं मुझे यकीन नहीं होता यह ज़रूर मुसलमानों को बदनाम करने की SAJISH है
sk (vadodara)
सच्चा मुसलमान कबी ऐसा नहीं कर सकता और जो मुसलमान होकर ऐसा करता हे वो वो तो काफिर हे क्युकी मजहबे इस्लाम के अन्दर ओरतो की बहुत रेस्पक्ट हे और जो ऐसा करते हे वो जरूर जहन्नुम में जायेंगे
sardar khan (viz)
इस्लाम में औरत सा बड़ा सम्मान हे पर कुछ बेवकूफ और पाखंडी लोग औरतों पर ज़ुल्म करते हे जो गलत हे एक अफगानिस्तान को छोड़कर सभी जगह मुस्लिम औरतें सम्मान के साथ रहती हे उन्हें बड़ी इज्ज़त दी जाती हे जहाँ भी मुस्लिम या किसी भी mazhab की औरत पर ज़ुल्म होता हो तो उसे रोकना चाहिए
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