देश के संविधान को लागू हुए छह दशक से ज्यादा समय हो गया। संविधान निर्माताओं ने उस समय दूरंदेशी नजरिए के चलते देशवासियों को न्याय, विचार, मत, विश्वास, धर्म की स्वतंत्रता, पद और अवसर की समानता, गरिमा और बंधुत्व प्रदान करने के लिए बनाया। लेकिन आज के परिदृश्य में बहुत कम ही लोग जानते हैं कि संविधान कब और कैसे बना। इस गणतंत्र दिवस पर भारतीय संविधान को पढ़कर देखें आप खुद जान जाएंगे कि भारत का विशाल संविधान उदार लोकतंत्र का परिचायक ही नहीं है बल्कि हमारे अधिकारों और कर्त्तव्यों का आइना भी है।
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