आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

नोएडा में पूरे कार्यकाल विवादों में घिरी रहीं नीरा

New Delhi

Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
नोएडा। भूमि आवंटन मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मुख्य सचिव और नोएडा में सीईओ के पद पर तैनात रही नीरा यादव और आईएएस अधिकारी राजीव कुमार को तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण के पुराने अधिकारियों में चर्चाएं शुरू हो र्गइं। नोएडा में अपने पूरे कार्यकाल में नीरा विवादित रहीं थीं। दरअसल, नीरा यादव की तैनाती के एक माह बाद से विवाद शुरू हो गए थे और उनके हटाए जाने तक इनकी संख्या काफी अधिक हो गए। उन पर नौकरशाहों, उद्योगपतियों और अपने नजदीकी लोगों को गलत तरीके से प्लॉट आवंटित करने के आरोप लगे। नीरा यादव नोएडा प्राधिकरण में 10 जनवरी 1994 से लेकर आठ नवंबर 1995 तक अध्यक्ष के रूप में तैनात रहीं। इस दौरान एक महीने बाद से ही विवाद होने शुरू हो गए। सबसे पहले प्राधिकरण के अंदर ही लेनदेन की शुरुआत हुई। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों में दो गुट हो गए। कई अफसरों को इस दौरान जबरन छुट्टी पर भेजा गया, जबकि कई के विभाग बदले गए। इसके बाद नीरा यादव की सीधी लड़ाई उद्यमियों से शुरू हुई। एनईए तथा अन्य उद्यमियों ने भ्रष्टाचार का मामला उछाला। नौबत यहां तक आ गई कि उद्यमियों और नीरा यादव के बीच शुरू हुई झड़प सड़क तक आ पहुंची। ऐसे में नीरा यादव को प्राधिकरण कार्यालय से सेक्टर दो गोलचक्कर तक पैदल जाना पड़ा था। इसका परिणाम लगभग दो घंटे बाद ही उद्यमियों को भी भुगतना पड़ा था। उन्हें थाना सेक्टर-20 पुलिस ने जहां तहां से गिरफ्तार कर हिरासत में लिया और जेल भेजा था। इसके बाद कानूनी लड़ाई शुरू हुई। उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री और सीधे सीबीआई से शिकायत की। वहीं, नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन (एनईए) ने 1997 में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की।
इस याचिका में नीरा यादव के कार्यकाल में हुए आवंटन, नियुक्तियां, लैंडयूज में बदलाव और कनवर्जन की जांच की मांग की गई। इसी को आधार मानते हुए नीरा यादव के खिलाफ मुर्तजा हुसैन आयोग का गठन किया गया। आयोग ने नोएडा सेक्टर-34 स्थित सामुदायिक केंद्र में अपना कार्यालय स्थापित कर नियमित रूप से सुनवाई की। इसमें नीरा यादव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुई। मुर्तजा हुसैन आयोग की जांच के बाद भी राज्य सरकार की तरफ से राजस्व परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष अपरिमिता प्रताप सिंह ने भी इन मामलों की जांच की। उसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया, जिसकी चार्टशीट बनाई गई और पंद्रह साल की लंबी चली प्रक्रिया के बाद नीरा यादव को सजा सुनाई गई।
--------

भूमि आवंटन पर पहले भी हो चुकी है सजा
साल 2010 में सात दिसंबर को सीबीआई के विशेष अदालत ने नीरा यादव को भूमि आवंटन मामले में चार-चार साल की सजा सुनाई थी। इसमें फ्लेक्स ग्रुप के मालिक अशोक चतुर्वेदी को भी सजा सुनाई गई और दोनों को डासना जेल भेजा गया। नीरा पर फ्लेक्स ग्रुप के मालिक को 28 हजार वर्ग मीटर जमीन 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से नियमों को ताक पर रखकर आवंटित करने का आरोप था।
----------

मंगलवार रहा नीरा पर भारी
पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव का ‘मंगल’ खराब रहा है। खास बात है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों फैसले मंगलवार को सुनाए हैं। सात दिसंबर 2010 को भी मंगलवार था, जिस दिन फ्लैक्स मामले पर फैसला आया। दूसरा फैसला 20 नवंबर 2012 को मंगलवार के दिन ही आया।
--------



पीएमओ से ली गई थी स्वीकृति
1998 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीएमओ से अभियोजन अनुमोदन स्वीकृत होने पर नीरा यादव के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। 16 अक्तूबर 2002 को सीबीआई की विशेष कोर्ट गाजियाबाद में घोटाले में चार्जशीट पेश की गई। जमीन आवंटन घोटाले के दो मुकदमे चले, जिसमें एक मामले पर कोर्ट ने 7 दिसंबर 2010 को चार साल की सजा सुनाई। वहीं, दूसरे मामले में 20 नवंबर 2012 को सजा सुनाई गई है।
-----------

नीरा की शिकायत पर भी हुई जांच
इसी दौरान नीरा यादव की शिकायत पर प्रदेश के तत्कालीन लोकायुक्त राजेश्वर प्रसाद ने नोएडा में तैनात रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बृजेन्द्र सहाय, पी.के. मिश्रा, रवि माथुर आदि के कार्यकाल की जांच की थी। इसके बाद थामस आयोग में मामला पहुंचा था। यह सभी अधिकारी जांच में बेदाग निकले।
---------


डॉ.महेश शर्मा को मिली थी राहत
स्थानीय विधायक डॉक्टर महेश शर्मा को सीबीआई की विशेष अदालत ने सात दिसंबर 2010 को बरी कर दिया था। नीरा यादव के कार्यकाल में हुए आवंटन को लेकर विधायक महेश शर्मा भी आरोपी बनाए गए थे। कोर्ट से बरी मिलने के बाद डॉ. शर्मा ने राहत की सांस ली और उनका राजनैतिक कैरियर आगे बढ़ा।
--------

ग्रुप हाउसिंग प्लॉट से उछला था मामला
सेक्टर- 51 के ए-99 नंबर प्लॉट को ग्रुप हाउसिंग का दर्जा देकर नीरा यादव ने फ्लेक्स ग्रुप को आवंटित किया। इससे पहले कंपनी को सेक्टर 60 में आवंटन दिया गया। ऐसे में नियमों को ताक पर रखते हुए पूरी प्रक्रिया हुई, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और इसकी जांच शुरू की गई।
-------

सबसे भ्रष्ट अधिकारी का मिला तमगा
1997 में उत्तर प्रदेश आईएएस एसोसिएशन के चुनाव में उन्हें सबसे भ्रष्ट अधिकारी का तमगा भी दिया गया। उन पर नौकरशाहों, नेताओं, उद्योगपतियों और अपने नजदीकी लोगों पर समय से पहले प्लॉटों के आवंटन का आरोप लगाया गया था।
-------

प्राधिकरण में रही सुगबुगाहाट
नीरा यादव के मामले में फैसला आने को लेकर प्राधिकरण कार्यालय में दिन भर चर्चाएं होती रहीं। पहले से एक मामले में सजा होने की दशा में कयास लगाए जा रहे थे कि भूमि आवंटन में फिर से फैसला दोहराया जा सकता है। मजे की बात है कि दोनों डीसीईओ छुट्टी पर गए हैं, चेयरमैन और सीईओ कार्यालय नहीं पहुंचे। ओएसडी लखनऊ में बैठक करने गए है। सिर्फ एसीईओ और एओ अपने कमरों में मौजूद रहे। कार्यालय खाली होने के कारण भी आने वाले जानकारी में जुटे रहे कि क्या कोई बात हो गई है। इसी बीच पुराने अधिकारी अपने स्तर से सूचनाएं एकत्र करने में जुटे रहे।
----------

अन्य कई अफसर भी लाइन में
भूमि आवंटन मामले में नीरा यादव को सजा हुई। अभी कई मामले और चल रहे हैं, जिसमें कई अधिकारी कानूनी फेर में आ सकते हैं।
----------

गंवानी पड़ी थी कुर्सी
नीरा यादव और विवादों का ऐसा आमना सामना हुआ कि उन्हें प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी तक गंवानी पड़ी थी। समाजवादी पार्टी की सरकार में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2005 में नीरा यादव को मुख्य सचिव का पद छोड़ना पड़ा था।
---------

आवंटन भूखंडों पर नहीं पड़ेगा असर
नीरा यादव के कार्यकाल में आवंटित भूखंडों पर असर नहीं पड़ेगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि दरअसल, काफी संख्या में प्लॉटों की खरीद फरोख्त हो चुकी है। इनमें नियमानुसार कार्रवाई हुई है। वहीं, उन प्लॉट का रास्ता साफ हो जाएगा जो अभी तक खाली पड़े हैं, जिन पर प्राधिकरण का कब्जा है। इसमें सेक्टर 11 और 51 के एक-एक प्लाट शामिल हैं।
---------

कौन है नीरा यादव
नीरा यादव 1971 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह नोएडा अथॉरिटी की अध्यक्ष व मुलायम सिंह के मुख्यमंत्री काल में प्रदेश की मुख्य सचिव रहीं थीं। वह देश की पहली आईएएस महिला थी जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने 2005 में भ्रष्टाचार के आरोप में मुख्य सचिव के पद से हटाया था।
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

term nira

स्पॉटलाइट

प्याज के छिलके भी हैं काम के, यकीन नहीं हो रहा तो खुद ट्राई करें

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

सामने खड़ी थी पुलिस, वो लाश से मांस नोंचकर खाता रहा...

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

इंटरव्यू में जाने से पहले ऐसे करें अपना मेकअप, नौकरी होगी पक्की

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

देखते ही देखते 30 मीटर पीछे खिसक गया 2000 टन का मंदिर

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

बॉलीवुड की 'सिमरन' की बहन को देखा क्या आपने, कुछ ऐसा है उनका बोल्ड STYLE

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

Most Read

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

अखिलेश के ट्वीट पर आज बोले योगी, 'उन्हें नहीं पता किसान की परिभाषा'

Cm yogi reply to Akhilesh tweet on loan issue
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

सीएम योगी ने पेश किया छह माह का लेखा जोखा, पुलिस, युवाओं और किसानों पर दिया जोर

cm yogi presented six moth up government report card
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

निकाहनामा के समय दूल्हे ने नहीं हटाया सेहरा, दुल्हन ने किया शादी से इनकार

Bride refused marriage in kannauj
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

प्रद्युम्न मर्डर केसः पिंटो परिवार की याचिका पर सुनवाई से हाईकोर्ट के जज का इंकार

pradyuman murder case, Ryan school owners pinto family anticipatory bail plea in High Court
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने ली चुटकी, 'सुना है लश्कर में कमांडर की वैकेंसी है'

DGP sp vaid said, the commander's vacancy available in Lashkar-e-Taiba Srinagar
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!