आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदक कोर्ट की शरण में

New Delhi

Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जनपद में शस्त्र लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल हो गई है।
लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को अब हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ रहा है। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कई लोगों को प्रशासन ने लाइसेंस जारी नहीं किए हैं। आवेदकों की फाइलें एक स्थान से दूसरे स्थान चक्कर लगाती रहती हैं। दादरी, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में रंगदारी वसूली के लिए हमला होने, रंजिश के चलते हत्याएं की वारदातें बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में आत्म सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ गई है। रंजिश के चलते अपनी जान की सुरक्षा के लिए जनपद में 1500 से अधिक लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। सिरसा गांव के ऑक्सफोर्ड स्कूल के प्रबंधक राजेश भाटी समेत उसके एक साथी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके भाई राकेश भाटी की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षा गार्ड दिया गया है। राकेश ने सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग की तो उसका लाइसेंस नहीं बनाया गया। उसने हाईकोर्ट की शरण ली । हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया, लेकिन वह अभी भी लाइसेंस के लिए चक्कर लगा रहा है।
इसी तरह पवन नागर पुत्र जिलेसिंह निवासी बम्बाबड ने 10 नवंबर 2010 को लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। लाइसेंस पर पुलिस ने 14 बार और राजस्व विभाग ने 9 बार अपनी संस्तुति की। इसके बाद भी लाइसेंस जारी नहीं होने पर उसने हाईकोर्ट में शरण ली। हाईकोर्ट ने 28 सितंबर 2012 को चार माह में शस्त्र लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया। इसी तरह कई अन्य आवेदकों ने भी शस्त्र लाइसेंस के लिए हाईकोर्ट की शरण में गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट अंजू लता का कहना है कि लाइसेंस के लिए आवेदन पुलिस और राजस्व विभाग से रिपोर्ट के लिए भेजे गए हैं। जिन लाइसेंसों की रिपोर्ट लगाकर संस्तुति की गई है। वे प्रक्रिया में हैं।
-----
कठिन कर दी है प्रक्रिया
दरअसल, पुलिस ने रिपोर्ट लगाने से पहले आवेदक से जाति, स्वास्थ्य, चरित्र और आय प्रमाण पत्र भी मांगने शुरू कर दिए हैं। जब तक आवेदक इनकी पूर्ति करता है, तब छह माह बीत जाते हैं और पुलिस की रिपोर्ट को दोबारा लगवाना पड़ता है। फाइल थाने से शुरू होकर जब कलक्ट्रेट पहुंचती है तब तक रिपोर्ट की मियाद पूरी हो चुकी होती है। हालांकि रिपोर्ट के मामले में डीएम ने कहा था कि आर्म्स लाइसेंस बनाने के दौरान इनकी आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन पुलिस मानने को तैयार नहीं है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

साप्ताहिक राशिफलः 5 राशियों के लिए आसान नहीं होगा ये हफ्ता

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

ईद पर सलमान खान से लेकर शबाना आजमी के घर बनता है ये लजीज खाना

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

बिग बॉस प्रतियोगी मोनालिसा ने शेयर की ऐसी तस्वीर, लोग कर रहे भद्दे कमेंट

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

ईद पर हर आम और खास की पहली पसंद होती हैं ये डिशेज

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

कुछ तो समझिए जनाब! लड़कियों के ये इशारे बताते हैं उनके दिल की बात

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: शव अभी भी अस्पताल में, आज भी तनाव के हालात

tension still in anandpal village, family refuse to take body
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर:सोए हुए थे गृहमंत्री,एक फोन आया और फिर

home minister gulabchand kataria briefed about anandpal encounter case
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top