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47 कॉलोनियों को एक और मौका

New Delhi

Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
नई दिल्ली। अनधिकृत कॉलोनियों के नियमन मामले में दिल्ली सरकार एक कदम और आगे बढ़ रही है। सरकार ने जिन 47 कॉलोनियों के प्रोविजनल सर्टिफिकेट रद्द किए थे, उन्हें एक और मौका दिया जा रहा है। इसमें कुछ अमीरों की कालोनियां भी शामिल थीं। बता दें कि शहरी विकास विभाग ने सर्टिफिकेट रद्द करने से पूर्व कारण बताओ नोटिस दिए थे। जिन्होंने जवाब नहीं दिया था, उनके सर्टिफिकेट रद्द कर दिए गए थे। अब ऐसी कॉलोनियों के आरडब्ल्यूए की ओर से गुहार लगाई गई है। मामलों को दोबारा परखा जाएगा। शहरी विकास मंत्री अरविंदर सिंह ने बताया कि सरकार ने जो कॉलोनियां पास की हैं, उनके नक्शे संबंधित सांसद, विधायक और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को भेजे गए हैं, ताकि उन्हें अपनी कॉलोनी के सरकारी खाते में दर्ज बाउंड्री का पता लग सके। साथ ही कुछ ऐसी कॉलोनियां भी थीं, जो नियमन की सूची से विभिन्न कारणों से बाहर रह गए थे। उन कॉलोनियों को भी शहरी विकास विभाग फिर से परखेगा। शहरी विकास मंत्री का कहना है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा कॉलोनियों को पास करना चाहती है।
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अमीरों की कॉलोनी नियमन नीति पर केंद्र ने मांगे कमेंट
पॉश अनधिकृत कॉलोनियों की पॉलिसी पर केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार से कमेंट मांगे हैं। अमीरों की अनधिकृत कॉलोनियों का नियमन किन शर्तों पर किया जाए और किस कॉलोनी को अमीरों की कॉलोनी माना जाए, इसकी ड्राफ्ट पॉलिसी की प्रति शहरी विकास मंत्रालय ने भेजी है। माथुर समिति की रिपोर्ट में 17 कॉलोनियां इसमें शामिल की गई थीं। शहरी विकास मंत्री का कहना है कि अमीरों की कॉलोनी के मामले में जल्द ही जवाब केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अनधिकृत कॉलोनी के मामले में ही नहीं, बल्कि किसी भी मामले में एक अपराध की दो सजा नहीं दी जा सकती। अगर अमीर ने गलती की है तो उसे वही सजा दी जाएगी, जो गरीब को दी जाएगी। दिल्ली सरकार के अधिकारी बताते हैं कि केंद्र सरकार ने अमीरों की कॉलोनी की जो परिभाषा दी है, उसके हिसाब से 17 नहीं, बल्कि बहुत सी कॉलोनियां उस सूची में शामिल हो जाएंगी। उसके हिसाब से ऐसे मकान, जिनके पास एसी, वाहन, बढ़िया निर्माण, 350 वर्ग मीटर से बड़े प्लाट हैं, उन्हें अमीरों का घर माना जाए। जिस कॉलोनी में 50 फीसदी मकान उस श्रेणी में आते हैं, उन्हें अमीर की कॉलोनी की सूची में शामिल कर लिया जाए।
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