आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है.....

Dehradun

Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
देहरादून। जगजीत सिंह की गाई एक गजल का शेर ‘मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है, मेरे हक में क्या फैसला देगा...’, मानवाधिकार के मामलों में सटीक बैठता है। पुलिस से जुड़े मानवाधिकार के अधिकतर मामलों में जांच का जिम्मा उसी थाने के पास होता है, जिस थाने के किसी कर्मचारी-अधिकार पर मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप लगा होता है। ऐसे में भला न्याय की कितनी उम्मीद की जा सकती है।
पुलिस द्वारा कई दिनों तक हिरासत में रखकर यातनाएं देने, झूठे मामलों में फंसाने, कथित मुठभेड़ में मार गिराने की आशंकाएं या फिर हिरासत में मौत जैसे मामले। ऐसे अधिकतर मामलों में आयोग से जांच के लिए मिले आदेश में शिकायतें ही झूठी बता दी जाती हैं। इसके कारण प्रारंभिक स्तर पर ही आरोपों से घिरे पुलिस कर्मी साफ बच जाते हैं। पहले जांच अपर पुलिस अधीक्षक स्तर से होती थी, लेकिन अब सीओ स्तर पर ही इनका निस्तारण कर दिया जाता है। गंभीर मामलों में ही आयोग स्तर से कोई अधिकारी जांच के लिए आता है। पुलिस हिरासत में हुई अनिल बरसाती की मौत में भी कुछ ऐसा ही हुआ। यह बात अलग है कि नैनीताल हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद मामले की जांच सीबीआई के सुपुर्द कर दी गई। रणवीर एंनकाउंटर में जरूर मानवाधिकार आयोग ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसा था।
83 में से 76 जांचों का निस्तारण
देहरादून। 2012 के बीत गए महीनों में मानवाधिकार आयोग से पुलिस को 83 शिकायतें मिली थी। जिनमें से 76 जांचों का पुलिस अब तक निस्तारण कर चुकी हैं, जबकि सात मामले अभी विचाराधीन है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले शिकायतों का आकंड़ा तो बढ़ा है, लेकिन किसी भी शिकायत को लेकर पुलिस के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
कैसे करे पुलिस नियमों का पालन?
देहरादून। मानवाधिकार आयोग के नियमों को लेकर प्रचार होने के साथ पुलिस विभाग में भी काफी हो-हुल्ला है, लेकिन कई ऐसी व्यवहारिक दिक्कतें हैं, जिसका पुलिस चाहकर भी पालन नहीं कर सकती। मसलन, किसी भी अपराधी को पकड़कर थाने रखने के लिए पुलिस के पास केवल 24 घंटे का समय होता है। इस अवधि में पूछताछ के साथ माल बरामदगी करना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में पुलिस जानबूझकर उसकी गिरफ्तारी दिखाने में देरी करती है। दूसरा नियम यह भी है कि गिरफ्तारी के साथ इस अवधि में ही पकड़े गए व्यक्ति के परिजनों को भी सूचना देनी जरूरी है। शातिर अपराधी और उनके पैरोकार आयोग के नियमों का सहारा लेकर पुलिस से पेशबंदी भी करते हैं। खासतौर से संगीन मामलों में पुलिस को कार्रवाई के लिए पूरा समय नहीं मिल पाता है। जिसका सीधा फायदा अपराधियों को मिलता है। तीसरी दिक्कत यह है कि पूछताछ के लिए पकड़कर थाने लाए जाने वाले हर व्यक्ति का पूरा हिसाब जीडी में दर्ज करना चाहिए, जो व्यवहारिक तौर पर बड़ा कठिन है।
‘मानवाधिकार आयोग से आने वाली तमाम शिकायतों को गंभीरता से लेकर जांच-पड़ताल कराई जाती हैं। काफी शिकायतें पेशबंदी से जुड़ी होती हैं, जबकि कुछ संज्ञान लेने लायक नहीं होती।’
-केवल खुराना, एसएसपी देहरादून
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

munsif murderer

स्पॉटलाइट

'बैंक चोर' के प्रमोशन के लिए रितेश ने अपनाया अनोखा तरीका, हंसते हंसते हो जाएंगे लोटपोट

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

आईआईटी की 1100 सीटों पर सिर्फ 222 विदेशी छात्रों ने किया अप्लाई

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

शनि के प्रकोप को कम कर देते हैं ये पांच उपाय, आजमाकर देखें

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

पहली ही फिल्म में अक्षय के साथ बोल्ड सीन दे चर्चा में आई थी ये हीरोइन, अब हो गई है ऐसी

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफल: वृष में आएंगे सूर्य, इन राशियों पर पड़ेगा असर

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

Most Read

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश: बलिया में सपा नेता की गोली मारकर हत्या

UP: SP leader Sumer Singh shot dead by motorcycle borne miscreants in Ballia
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

योगी सरकार ने बदला पेंशन योजना का नाम, अब मिलेंगे एक हजार रुपये

 UP govt to give 1000 rps under pension yojna.
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

मीट कारोबारियों ने दी धमकी, स्लाटर हाउस चालू कराएं नहीं तो तोड़ देंगे कानून

UP Meat businessmen threaten, start slater house, otherwise break law
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उन्नावः पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक, जान बचाने को ट्रेन से कूदे यात्री

derail of lokmanya tilak in unnao
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +

यूपी में 74 IAS अफसरों के तबादले, एसपी गोयल बने सीएम के प्रमुख सचिव

74 IAs transferred in Uttar Pradesh.
  • शनिवार, 20 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top