आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मोहर्रम के जुलूस पर जंजीरों का मातम

Dehradun

Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
देहरादून। जुबां पर इमाम हुसैन की सदाएं और शरीर पर जख्म के निशां। ऐसा ही कुछ मंजर था मोहर्रम के जुलूस का। जंजीरों का मातम करते मोमीनों ने इमाम हुसैन की याद में मरसिया पढ़ा कि ‘आज शब्बीर पे क्या आलमे तन्हाई है, यहां ना बेटे, ना भतीजे, ना भाई हैं’।
रविवार को अंजुमन मोईनुल मोमिनीज की ओर से मोहर्रम पर मातमी जुलूस निकाला गया। ईसी रोड स्थित ईमाम बारगाह से आरंभ हुआ जुलूस सर्वे चौक, तिब्बती मार्केट, दर्शन लाल चौक, तहसील चौक होते हुए इनामुल्ला बिल्डिंग पहुंचा, जहां हाजी मुहम्मद अली हसैनन साहब ने तकरीर की। उन्होंने मोहर्रम को न्याय और सत्य की जीत बताया। साथ ही देश में अमन-चैन एवं तरक्की की दुआ मांगी। इससे पहले इमामबाड़े पर हसन जैदी ने मरसिया पढ़ा। जुलूस में बच्चों ने इमाम हुसैन के बेटे अली असगर की तरह पोशाक पहनी हुई थी। जुलूस में अलम, ताजिया और जुलजनाह भी शामिल था।
जुलूस में पूरे समय पुलिस-प्रशासन का पहरा रहा। एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट अंत तक वहां डटे रहे। जुलूस में शद्दन जैदन, मंजूर अहमद, एएच नकवी आदि शामिल थे। इससे पहले सुबह इमामबाड़ा ईसी रोड, इंदर रोड और इनामुल्ला बिल्डिंग में मजलिसें हुई।

सवा दो महीने का मातम
16 तारीख से मोहर्रम की शुरुआत के साथ ही शिया परिवारों में मातम शुरू हो गया था। भले ही चांद की दस तारीख को इमाम हुसैन की शहादत पर मोहर्रम का जुलूस निकाला गया, लेकिन पूरे सवा दो महीने इन घरों की महिलाएं चूड़ी सहित सुहाग की कोई निशानी नहीं पहनतीं। वहीं पुरुष किसी पार्टी आदि में शरीक नहीं होते। यदि घर पर बच्चे का जन्मदिन भी हो तो वह नहीं मनाया जाता है। चांद की दस तारीख को लोगों ने फ ाका रखा, यानी सुबह से भोजन ग्रहण नहीं किया। शाम को जुलूस के बाद ही कुछ खाया।

शहीद-ए-आजम कांफ्रेंस
सुन्नियों की ओर से लोहियानगर स्थित रजा मस्जिद के बाहर रात आठ बजे से शहीद-ए-आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस मौके पर बरेली से आए मुफ्ती अफरोज आलम साहब, मुरादाबाद से पहुंचे मौलाना मुस्तफीज नईमी आदि ने इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। नायब सुन्नी शहर काजी सैयद अशरफ हुसैन कादरी ने कहा कि हुसैन की शहादत चौदह सौ वर्षों से राह-ए-इस्लाम सर्वस्य कुर्बान कर देने का पैगाम देती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

moharram procession

स्पॉटलाइट

रमजान 2017: सेहरी में खाएंगे ये 5 चीजें तो दिनभर नहीं लगेगी भूख

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

एक ही फिल्‍म कर गुमनाम हुई ये 'गांव की छोरी', अब विदेश में खड़ा किया अरबों का साम्राज्य

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

रमजान 2017ः पवित्र माह का पहला रोजा आज, जानें इससे जुड़े सख्त नियम

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

#Menstrual hygiene day: पीरियड्स में रखें इन बातों का ख्याल, वरना हो सकती हैं ये दिक्कतें

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

कई फिल्मों में काम कर चुकीं इस पॉपुलर एक्ट्रेस के साथ बेटे ने किया कुछ ऐसा, फूट-फूट कर रोईं

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

Most Read

यूपी में एक साथ 222 वरिष्ठ PCS अफसरों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

senior PCS transferred in Uttar   Pradesh.
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

पाक ने की फिर की गोलीबारी, 2 पोर्टरों की मौत

pakistan voilates ceasefire on Loc two porters killed
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

नीतीश के PM मोदी के साथ लंच पर तेजस्वी का तंज, कहा- चटनी पॉलिटिक्स

cm Nitish kumar will attend pm Modi's banquet
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

सीएम योगी ने बलरामपुर दौरे पर की कई घोषणाएं, जानें- क्या बोले

 yogi adityanath in balrampur.
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, मायावती बोलीं- भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं

mayawati pc on dalits saharanpur violence
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

टॉपर के बोल: पेपर से पहले पापा ने कहा था परीक्षा नहीं ये है तुम्हारा...

cbse mathura topper talk about her success story
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top