आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

जमीन तो है, लेकिन नहीं मिल सकता कर्ज

Dehradun

Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
- एक शहर और 125 गांवों के लोग हैं बांध प्रभावित
- टिहरी, ऋषिकेश, देहरादून और हरिद्वार में बसाए गए हैं
केस एक
मुझे बंजारावाला में आवासीय प्लाट आवंटित है। मकान बनाने के लिए जब बैंकों में ऋण के लिए आवेदन किया तो नहीं मिला। कहा गया कि उनके पास आवंटित जमीन की रजिस्ट्री नहीं है। आवंटन पत्र पर ऋण नहीं दिया जा सकता। अगर मैं इस जमीन की किसी के नाम पर रजिस्ट्री कर फिर अपने नाम पर रजिस्ट्री करवाऊं तो ऋण मिल सकता है। मेरे जैसे कई विस्थापित परिवार हैं, जिनके नाम पर जमीन तो आवंटित है, लेकिन उनके नाम रजिस्ट्री नहीं है। जिससे ऋण नहीं मिल पा रहा है।
- अखिलेश रतूड़ी, टिहरी के बंजारावाला में विस्थापित
केस दो:
मैंने जब मकान बनाने के लिए ऋण लिया तो मुझे रजिस्ट्रार के यहां प्लाट बंधक बनाना पड़ा। जिसमें करीब 12 हजार खर्च हुए। बैंक का कहना है कि केवल रजिस्ट्री वाली जमीन पर ही लोन मिल सकता है। रजिस्ट्री न करने पर रजिस्ट्रार के यहां प्लाट बंधक करवाना पड़ेगा। इसके लिए पुनर्वास निदेशक से भूमिधरी का प्रमाण पत्र लेना होगा। साथ ही शपथपत्र देना होगा। उसके बाद बैंक चाहे तो इसे स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है।
- राजेश डियूंडी, नई टिहरी

देहरादून। ये दो ऐसी तस्वीरें हैं, जो टिहरी के लोगों के दर्द का प्रतिनिधित्व करती हैं। टिहरी बांध निर्माण के लिए एक शहर के साथ 125 छोटे-बड़े गांवों को विस्थापित किया गया था। नई टिहरी के निर्माण के लिए भी कुलणा, मोलधार और बौराड़ी गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई। समर्थन और विरोध के बीच बांध तो बन गया, लेकिन जिन लोगों को अपनी जड़ों से उखड़ना पड़ा, उन्हें ठीक से रोपा नहीं गया। कभी उन्हें मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं मिलता, तो कभी स्थायी निवास प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ता है। लेटलतीफी का आलम यह है कि इन लोगों को बसाने के बाद भी उनकी जमीन रजिस्टर्ड ही नहीं की गई। इस वजह से इन लोगों को कृषि ऋण, पशु ऋण या आवासीय ऋण नहीं मिलता।
हालांकि विस्थापित परिवारों को उनकी भूमिधरी के एवज में आवंटित पुनर्वास भूमि शासनादेश संख्या 6219/1-सि/टिबांपरि दिनांक 28/3/2009 के अनुसार कुछ विस्थापितों को भूमिधरी के अधिकार दिए गए। जिसके बाद उन्हें उस भूमि पर संक्रमणीय अधिकार हो जाता है, जोकि राजस्व अधिनियमों के अंतर्गत समस्त कार्यों के लिए वैधानिक अभिलेख है। पूर्व में तत्कालीन पुनर्वास निदेशक संजय कुमार ने बैंकों के शाखा प्रबंधकों को इस संबंध में पत्र भेजकर विस्थापित परिवारों से अभिलेख न मांग कर राजस्व अभिलेख खतौनी के आधार पर संबंधित भूमि/भवन नियमानुसार बंधक रखकर उन्हें ऋण स्वीकृत करने के लिए पत्र भी लिखा। बावजूद इसके किसी भी बैंकर्स ने इसे नहीं माना। बैंकों का कहना है कि रजिस्ट्री होनी अनिवार्य है। कारण, आवंटित जमीन इक्यूटेबिल मोडगेज (बंधक) नहीं रखी जा सकती। लोगों की मांग है कि विस्थापित परिवारों के मामले में सरकार को अध्यादेश पास करना चाहिए कि उन्हें जहां कहीं बसाया जाए, वहां जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम पर सरकार स्वयं कर दे। इस बारे में बैंकों को भी निर्देश दिए जाएं।

कोट
पुनर्वासितों को राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा भवन निर्माण एवं व्यवसाय ऋण देने में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के बारे में छह मार्च 2009 की एसएलबीसी की बैठक में मामला रखा गया था, जिसमें मुख्य सचिव ने विस्थापित परिवारों को भूमि के आवंटन के टाइटल डीड देने के लिए जरूरी कदम उठने को कहा था। बावजूद इसके स्थिति जस की तस है।
- दिनेश डोभाल, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल नई टिहरी

सरकार ने जो पट्टे इश्यू किए हैं, उन्हें मोर्टगेज नहीं किया जा सकता। गिफ्ट के तौर पर या ट्रांसफर आफ टाइटल कराकर ही लोन लिया जा सकता है--एमपी बंसल, डीजीएम, स्टेट बैंक आफ इंडिया

कोट
देहरादून। आवंटित और पट्टे पर दी गई जमीनों की रजिस्ट्री नहीं होती है। क्योंकि यह जमीन बेची नहीं बल्कि किसी संपत्ति के बदले या मुआवजे के आधार पर दी जाती है। आवंटी का नाम सीधे खतौनी में डाला जाता है। यह पूरी तरह से सरकारी कार्य होता है। लोन देना या न देना, बैंक की अपनी पॉलिसी का मुद्दा है। अगर ऐसे लोग चाहें तो प्रशासन लिखित तौर पर भूमि का प्रमाण पत्र जारी कर सकता है।
झरना कमठान
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

जब डायरेक्टर ने अमिताभ से कहा, 'तुम्हें कहानी की समझ होती तो आज एक्टर नहीं डायरेक्टर होते'

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

इस 'भुतहा' बंगले में जो भी हीरो रहा वो बन गया सुपरस्टार, जानें पूरी कहानी

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

पेट खराब हो तो ट्राई करें ये खास ड्रिंक

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

ड्रग्स लेकर दो दिन तक सोता रहा था ये एक्टर, रो-रोकर नौकर का हुआ बुरा हाल

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

Navratri Spl: देवी चंद्रघंटा की पूजा में बजाना ना भूलें घंटें, दिमाग को होगा यह फायदा

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

Most Read

CM योगी ने की नमाज से सूर्य नमस्कार की तुलना

up cm yogi adityanath speech in lucknow yog festival
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

योगी सरकार के इस ऑर्डर ने उड़ाये ‘गुरुओं के होश’

yogi government orders surprised teacher
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

यूपी में अवैध कत्लखाने बंद करने पर बोले बाबा रामदेव

 baba ramdev on illigal slaughter houses.
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

छात्रा बनकर थाने पहुंचीं सीओ ने दी तहरीर, मुंशी ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट    

CO Vandana Sharma
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

तीन तलाक के विरोध में हिंदू लड़के से किया विवाह

Jodhpur: Muslim Girl Marriage With Hindu Boy
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top