आपका शहर Close

ऐसे तो दम घुट जाएगा राजधानी का

Dehradun

Updated Tue, 06 Nov 2012 12:00 PM IST
देहरादून। दीपावली की जगमग भला किसे अच्छी नहीं लगती लेकिन खुशियों के इस पर्व पर बजने वाले असंख्य पटाखे अपने पीछे जो खतरनाक धुआं छोड़ जाते हैं, उससे उबरने में राजधानी को कई दिन लग जाते हैं। तकनीकी जानकारों की मानें तो यह वायु और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर को भी पार कर जाते हैं। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दीपावली पर लिए गए पिछले दो साल के आंकड़े आंख खोलने को काफी हैं।
ध्वनि प्रदूषण (डेसीबल में)
क्षेत्र मानक 2010 2011
नेहरू कालोनी 45 97.9 77.53
घंटाघर 55 94.8 81.44
सहारनपुर 55 88.1 78.96
दून अस्पताल 40 72.65 65.69
रेसकोर्स 45 83.95 67.66
सीएमआई चौक 55 81.50 68.33
वसंत विहार 45 65.80 69.49
प्रिंस चौक 55 80.90 71.50
किशननगर 55 100.50 90.56
बल्लूपुर 55 76.80 76.71
---
वायु प्रदूषण आरएसपीएम में
क्षेत्र मानक 2011
नेहरू कालोनी 100 319.75
घंटाघर 100 234.12
रायपुर 100 271.60
(नोट : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े के अनुसार बीते साल में दीपावली के दिन प्रदूषण)

साइलेंस जोन की भी परवाह नहीं
देहरादून। दून अस्पताल, सीएमआई, कोरोनेसन अस्पताल के आसपास के क्षेत्र को साइलेंस जोन में रखा गया है। इन क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण की मात्रा 40 से 55 डेसीबल के बीच ही होनी चाहिए। इससे अधिक ध्वनि का मतलब अस्पताल में दाखिल मरीजों को परेशान करना, लेकिन जाने-अनजान में शहर के लोग उनकी परवाह भी नहीं करते जिनके लिए तेज आवाज और धुआं जानलेवा हो सकता है।

दीपावली खुशी का त्यौहार है। सभी को अपना उत्साह प्रदर्शित करने का अधिकार है लेकिन हमें अपने सामाजिक दायित्व का भी खयाल रखना चाहिए। खास तौर पर अस्पतालों और बुजुर्गों का खयाल रख कर आतिशबाजी करें तो खुशी दोगुनी की जा सकती है।
-डा.बीसी पाठक, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
बाजार पर चाइनीज पटाखों का कब्जा हो गया है। ये तीव्र ध्वनि और अधिक विषैली गैस छोड़ने वाले हैं। हमें अपने आज और कल का खयाल रखते हुए कम से कम प्रदूषण वाले पटाखे चलाने का संकल्प लेना चाहिए। निजी स्तर पर होने वाली छोटी-छोटी कोशिशें प्रदूषण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। अच्छा तो होगा कि हम आतिशबाजी के बजाय दीपों से ही दीपावली मनाएं।
जयराज, सदस्य सचिव उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

एक ऐसा परिवार, 100 खतरनाक जानवर करते हैं इसकी रखवाली

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

बाल झड़ने की वजह से लड़कियां पास न आएं तो करें मेथी का यूं इस्तेमाल

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

सलमान खान के लिए असली 'कटप्पा' हैं शेरा, एक इशारे पर कार के आगे 8 km तक दौड़ गए थे

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

भूलकर भी न करें छठ पूजा में ये 6 गलतियां, पड़ सकती है भारी

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

बदलते मौसम में डाइट में शामिल करेंगे ये खास चीज तो फौलाद बन जाएंगी हड्डियां

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

ऐसी सजा देंगे कि पीढ़ियां भूल जाएंगी नौकरी करनाः सीएम योगी

Give punishment that generations will forgetto do job
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

पापा दिल्ली नहीं गए, मम्मी और अंकल ने उन्हें मार दिया

Papa did not go to Delhi, mummy and Uncle killed them
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

शांता के घर की दहलीज पर सिर रखकर रोए प्रवीण, बोले - गुरु जी माफ करना

ex mla praveen kumar meet shanta kumar in palampur
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

राहुल के पैराशूट से ठियोग में उतरे राठौर, इनकी कहानी है रोचक

himachal assembly election 2017 theog seat deepak rathore
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

इस सीट से चुनाव लड़ेंगे सीएम वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य, हाईकमान ने दी हरी झंडी

himachal assembly election 2017 Vikramaditya Singh to file nomination from shimla rural seat
  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!