आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

कार्बेट टाइगर रिजर्व में कम नहीं हुआ बाघों का कुनबा

Dehradun

Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
देहरादून। उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा कम नहीं हुआ है। अलबत्ता एक साल के भीतर बाघों की संख्या में मामूली इजाफा हुआ है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी (एनटीसीए) के निर्देश पर की गई फेज-4 की गणना में यह तसवीर सामने आई है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से तैयार की र्गई रिपोर्ट पिछले सप्ताह ही कार्बेट प्रशासन को भेजी गई। रिपोर्ट के अनुसार पार्क में 170 बाघ होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि अधिकतम बाघों की संख्या 198 हो सकती है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि कार्बेट में अब बाघों की संख्या बढ़ नहीं सकती। यह सबसे अधिक घनत्व वाला टाइगर रिजर्व पहले ही बन चुका है।
---
कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या
2011-12 170
2010 160 (अनुमान)
2008 178 (कार्बेट सहित पूरे प्रदेश की संख्या)
2005 141
2003 143
2001 137
(नोट : 2001 से 2005 तक पगमार्ग के आधार पर गणना की गई थी, जबकि 2008 भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर गणना की जा रही है। )

उत्तराखंड में बाघों की मौत
2006 5
2007 9
2008 3
2009 8
2010 6
2011 18
2012 16 (31 अगस्त तक)

-- क्या है फेज - 4 गणना
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी फेज-4 गणना की शुरूआत 2011 से की गई है। देश के जितने भी नेशनल टाइगर रिजर्व हैं, उन्हें हर साल अपने स्तर पर बाघों की गणना करानी है। यह गणना टाइगर रिजर्व प्रशासन स्तर पर कराया जाना है। इसमें उनकी ओर से किसी नेशनल या इंटरनेशनल संस्था की भी मदद ली जा सकती है। वैसे देश में हर चार साल पर बाघों की गणना भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से की जा रही है, जिसे प्रमाणिक आंकड़ा माना जाता है।
---
कार्बेट की गणना डब्ल्यूआईआई ने की
भारतीय वन्यजीव संस्थान उत्तराखंड में ही स्थिति है। ऐसे में कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने फेज-4 की गणना के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान की ही मदद ली। इस दौरान पूरे टाइगर रिजर्व में 229 कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों में सैकड़ों की संख्या में बाघों के चित्र कैद किये गए। संस्थान की ओर से विश्लेषण के बाद यह तथ्य सामने आया है कि कार्बेट में बाघों की संख्या 170 के आसपास है। इसका क्षेत्रफल 1301 वर्ग किलोमीटर है।

--
कार्बेट में जिस अनुपात में बाघों की मौत हो रही है, उसी तेजी से शावकों का जन्म हुआ है। अब कार्बेट में बाघों की संख्या बढ़ नहीं सकती। ऐसे में बाघ आसपास के वन क्षेत्रों की ओर अपना वास स्थल विकसित करेंगे। -- डा.वाईके झाला, वैज्ञानिक भारतीय वन्यजीव संस्थान
--
भारतीय वन्यजीव संस्थान की ओर से भेजी रिपोर्ट मिल चुकी है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट को जल्द ही एनटीसीए को भेज दी जाएगी। --- रंजन कुमार मिश्रा, निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

cabaret tiger reserve

स्पॉटलाइट

दीपिका पादुकोण और विन डीजल का लिपलॉक करते हुए वीडियो वायरल, अब क्या करेंगे रणवीर

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

सलमान के चहेते हीरो ने फोटोग्राफर से की मारपीट, जानिए क्या कहा?

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

अपनी पहचान के लिए लड़ने वाली ये ट्रांसजेंडर, आज सबके लिए बन गई है रोल मॉडल

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

खाने के बाद मीठा खाना, कितना सही कितना गलत?

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Bdy Spcl: हमेशा विवादों में रहीं रिया सेन- कभी सेट से चुराए कपड़े तो कभी खुद लीक कराया अपना MMS

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top