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डाक्टर है नहीं, किससे कराएं इलाज

Dehradun

Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
विकासनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण एक महीने पहले हो चुका है। दो महिला चिकित्सकों में से भी एक का स्थानांतरण कर दिया गया। मगर, उनकी जगह नए विशेषज्ञों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। इससे महिलाओं और बच्चों का उपचार नहीं हो पा रहा है। मगर, स्वास्थ्य महकमा बेपरवाह बना है।
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी में तैनात चार चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया था, जिनमें एक बाल और एक महिला रोग विशेषज्ञ भी शामिल थीं। अब अस्पताल में तैनात एकमात्र महिला चिकित्सक को ही दोनों शिफ्टों में ड्यूटी करनी पड़ रही है। बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से लोगाें को बच्चाें के इलाज के लिए निजी अस्पतालाें का सहारा लेना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल में तैनात बाल और महिला रोग विशेषज्ञ को अगस्त में ही रिलीव कर दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर अभी तक नए डॉक्टरों ने चार्ज नहीं संभाला है। सीएचसी विकासनगर समेत जौनसार बावर और पछवादून का सबसे बड़ा अस्पताल है। अस्पताल पर करीब तीन लाख की आबादी निर्भर है, लेकिन बाल रोग और महिला डाक्टर न होने से मरीज परेशान हैं। इससे अस्पताल प्रशासन के सामने में मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
उधर, सीएचसी प्रभारी डा. विनोद कुमार का कहना है कि बाल और महिला रोग विशेषज्ञ के न होने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सीएमओ डा. आरपी भट्ट ने बताया कि विभाग को जल्द ही 67 नए डाक्टर मिल जाएंगे, जिन्हें विकासनगर और चकराता क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर तैनात किया जाएगा।

गर्भवती महिलाओं को करना पड़ रहा रेफर
विकासनगर। मात्र एक महिला चिकित्सक होने से अस्पताल प्रशासन को मजबूर गर्भवती महिलाओं को अन्यत्र रेफर करना पड़ रहा है। मंगलवार को भी अस्पताल प्रशासन को ऐसा ही करना पड़ा। रुद्रपुर निवासी अमजद अपनी गर्भवती पत्नी फातिका को लेकर सीएचसी विकासनगर पहुंचा। मगर, वहां पता चला कि महिला चिकित्सक बीमार हैं, जिससे उन्हें पत्नी को 108 से दून ले जाना पड़ा। अमजद के मुताबिक, उसकी पत्नी के सारे टेस्ट सीएचसी में हुए, लेकिन प्रसव के लिए दून ले जाना पड़ रहा है। सीएचसी में रोजाना औसतन पांच से छह डिलीवरी होती हैं।
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