आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

डाक्टर है नहीं, किससे कराएं इलाज

Dehradun

Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
विकासनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण एक महीने पहले हो चुका है। दो महिला चिकित्सकों में से भी एक का स्थानांतरण कर दिया गया। मगर, उनकी जगह नए विशेषज्ञों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। इससे महिलाओं और बच्चों का उपचार नहीं हो पा रहा है। मगर, स्वास्थ्य महकमा बेपरवाह बना है।
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी में तैनात चार चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया था, जिनमें एक बाल और एक महिला रोग विशेषज्ञ भी शामिल थीं। अब अस्पताल में तैनात एकमात्र महिला चिकित्सक को ही दोनों शिफ्टों में ड्यूटी करनी पड़ रही है। बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से लोगाें को बच्चाें के इलाज के लिए निजी अस्पतालाें का सहारा लेना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल में तैनात बाल और महिला रोग विशेषज्ञ को अगस्त में ही रिलीव कर दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर अभी तक नए डॉक्टरों ने चार्ज नहीं संभाला है। सीएचसी विकासनगर समेत जौनसार बावर और पछवादून का सबसे बड़ा अस्पताल है। अस्पताल पर करीब तीन लाख की आबादी निर्भर है, लेकिन बाल रोग और महिला डाक्टर न होने से मरीज परेशान हैं। इससे अस्पताल प्रशासन के सामने में मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
उधर, सीएचसी प्रभारी डा. विनोद कुमार का कहना है कि बाल और महिला रोग विशेषज्ञ के न होने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सीएमओ डा. आरपी भट्ट ने बताया कि विभाग को जल्द ही 67 नए डाक्टर मिल जाएंगे, जिन्हें विकासनगर और चकराता क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर तैनात किया जाएगा।

गर्भवती महिलाओं को करना पड़ रहा रेफर
विकासनगर। मात्र एक महिला चिकित्सक होने से अस्पताल प्रशासन को मजबूर गर्भवती महिलाओं को अन्यत्र रेफर करना पड़ रहा है। मंगलवार को भी अस्पताल प्रशासन को ऐसा ही करना पड़ा। रुद्रपुर निवासी अमजद अपनी गर्भवती पत्नी फातिका को लेकर सीएचसी विकासनगर पहुंचा। मगर, वहां पता चला कि महिला चिकित्सक बीमार हैं, जिससे उन्हें पत्नी को 108 से दून ले जाना पड़ा। अमजद के मुताबिक, उसकी पत्नी के सारे टेस्ट सीएचसी में हुए, लेकिन प्रसव के लिए दून ले जाना पड़ रहा है। सीएचसी में रोजाना औसतन पांच से छह डिलीवरी होती हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट्स से निपटेगा गूगल का नया टूल

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

श्वेता तिवारी की बेटी पलक ने बिखेरा जादू, 16 की उम्र में सोशल मीडिया पर चला रही राज

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ऋतिक के साथ डांस करना चाहती है 500 किलो की ये महिला

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

नींद नहीं आती तो खाएं प्याज और लहसुन, पेट की समस्याओं से भी दिलाते हैं निजात

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Box Office : दूसरे दिन भी 'रंगून' का नहीं चला जादू, 'ब्लडी हेल' साबित हो रही फिल्म

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

अपने ऊपर दर्ज रेप के मामले में गिरफ्तारी देने पहुंचे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

IPS amitabh thakur protest against fir against him in rape case
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

मुलायम के बाद बबुआ की चापलूसी कर रहे आजम: माया

 mayawati lashesout azam khan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top