आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

निजी हाथों में स्कूल देने के पीछे अफसरों की दिलचस्पी पर सवाल

Dehradun

Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
देहरादून। ‘मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन’ इस लोकोक्ति का इससे अच्छा उदाहरण शायद ही कोई दूसरा मिले। सरकारी स्कूलों को पीपीपी मोड में देने का खेल देखिए- मुफ्त की जमीन, मुफ्त का इंफ्रास्ट्रक्चर और अच्छा-भला चलता स्कूल। उस पर से भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को छूट। अब और क्या चाहिए। इससे प्रदेश की शिक्षा सुधरे अथवा न सुधरे लेकिन प्राइवेट पार्टनर की माली हालत जरूर सुधर जाएगी। यही वजह है कि शिक्षा विभाग की इस तुगलकी योजना का शिक्षक संघ की ओर से विरोध भी होने लगा है। एक और सवाल उठाया गया है कि महकमे के आला अफसरों को इस योजना में इतनी दिलचस्पी क्यों है?
निजी पार्टनर शिक्षा विभाग की ‘दयानतदारी’ का लाभ उठाकर अपनी मर्जी के मुताबिक मुफ्त में मिले स्कूल के भवन का विस्तार, कैंटीन, कोचिंग सेंटर खोलकर खूब कमाई कर सकेगा। इसके अलावा प्राइमरी स्कूलों में हाई स्कूल और इंटर तक की शिक्षा भी दी जा सकेगी।
शिक्षा विभाग का तर्क
अनुभव के आधार पर होगा चयन
स्कूलों को पीपीपी मोड में दिए जाने के लिए पार्टनर का चयन उसके अनुभव के आधार पर होगा, आवासीय स्कूल को चलाने के लिए किसी बड़े स्कूल को चलाने का अनुभव होना जरूरी है। इसके अलावा निविदा में सरकार की ओर से सबसे कम ग्रांट लेने वाले को वरीयता दी जाएगी।
... तो खत्म किया जा सकता है करार
यदि स्कूल संचालन में पार्टनर मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो करार समाप्त किया जा सकता है, हालांकि पीपीपी विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टनर स्कूल के भवन निर्माण एवं उसके संचालन में पैसा लगाएगा। ऐसे में उसके द्वारा काफी धनराशि खर्च कर मानकों की अनदेखी करना संभव नहीं होगा। देखने में आया है कि कमी हर बार सरकार की ओर से होती है, समय पर पार्टनर को ग्रांट नहीं मिल पाती।
पांच इंटर के स्कूलों को भी पीपीपी मोड में लाने की तैयारी
प्रदेश में पांच इंटरमीडिएट स्कूलों को पीपीपी मोड में चलाए जाने की तैयारी है। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की तर्ज पर चलाए जाने वाले इन आवासीय स्कूलों के लिए राज्य सरकार की ओर से पार्टनर को भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। ऊधम सिंह नगर, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में छह से इंटरमीडिएट तक के इन स्कूलों का पार्टनर द्वारा भवन निर्माण किया जाएगा। जिसमें सरकार की ओर से चयनित 50 फीसदी बच्चों को मुफ्त शिक्षा देनी होगी। इसके अलावा 50 फीसदी बच्चों से पार्टनर निर्धारित शुल्क ले सकेगा।

स्कूलों को पीपीपी मोड की तैयारी पर भड़का शिक्षक संघ
पीपीपी मोड के मुद्दे पर उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह गुसांई ने कहा कि दिल्ली में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक होने वाली है। जिसमें राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों और शिक्षकों की अनदेखी कर पूंजीपतियों के हाथों स्कूलों को सौंपने का प्रयास कर रही है। इससे बाजारीकरण को बढ़ावा मिलेगा और गरीब छात्र शिक्षा से दूर हो जाएंगे। वहीं बेरोजगारी बढ़ेगी और इन स्कूलों में रखे गए शिक्षकों का उत्पीड़न होगा।
महंगी हो जाएगी शिक्षा : देवली
जिला पंचायत के उपाध्यक्ष शिव प्रसाद देवली ने कहा कि सरकार स्कूलों को पीपीपी मोड में देकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है, इससे शिक्षा महंगी हो जाएगी और आम आदमी के बच्चों का पढ़ना मुश्किल हो जाएगा। सरकार का यह निर्णय अव्यावहारिक और दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी को शिक्षा की जो कल्पना है, वह अधूरी रह जाएगी। इसका न सिर्फ पार्टी की ओर से बल्कि हर स्तर पर प्रदेश भर में विरोध किया जाएगा। माकपा इसका विरोध करती है।
प्राइवेट पार्टनर के दायित्व
-राज्य सरकार/एनसीटीई द्वारा निर्धारित योग्यता के अध्यापकों की व्यवस्था करना
-आरटीई का पालन करना
-बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था
- लिया जाने वाला शुल्क तय करना
-स्कूल संचालन के सभी प्रबंध करना
सरकार के दायित्व

-पहले से पढ़ रहे बच्चों की मुफ्त शिक्षा व्यवस्था
-संस्था को विद्यालय भवन मुफ्त उपलब्ध कराना
-स्कूलों के संचालन पर निगरानी की व्यवस्था करना
-शिक्षा विभाग, प्राइवेट पार्टनर और सरकार के बीच समन्वय
-आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की व्यवस्था
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

private school

स्पॉटलाइट

सिर पर था 23 करोड़ का कर्ज, बचने के लिए महिला ने करा ली प्लास्टिक सर्जरी

  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

डबल चिन से पाना है छुटकारा तो करें ये काम, कहीं भी कभी भी

  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

क्या इस शख्स को पहचाना, नहीं-नहीं ये शाहरुख बिलकुल भी नहीं हैं

  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

कपल्स हो जाएं सावधान, आने वाला महीना ला सकता है मुसीबत

  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

इस फ्लॉप एक्ट्रेस के पास हैं 17 घोड़े, किया ऐसा ट्वीट कि लोगों ने पूछा- 'तुम कौन हो बहन'

  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

Most Read

अमित शाह के दौरे से सपा-बसपा में खलबली, माया बोलीं- मुकाबला करो, BJP के मुंह लगा खून

mayawati attack on bjp after mla's resignation
  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

LIVE: नीतीश कैबिनेट में मुस्लिम और महिला भी शामिल, 27 MLA ले रहे हैं शपथ

MLAs from BJP and JDU are inducted as ministers in Nitish Kumar Bihar cabinet
  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

योगी ने शिक्षामित्रों को दी प्रदर्शन न करने की हिदायत, समायोजन पर भी बोले

cm adityanath speaks adjustment of shikshamitra was wrong
  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

बुक्कल, यशवंत के बाद बसपा के MLC का भी इस्तीफा, थाम सकते हैं BJP का दामन

two mlc bukkal nawab and yashwant resigned from samajwadi party
  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +

नीतीश कुमार ने हासिल किया बहुमत, 131 विधायकों का मिला साथ

Nitish Kumar said on RJD, Will show mirror to everyone, not tolerate corruption
  • शुक्रवार, 28 जुलाई 2017
  • +

2019 चुनाव की रणनीति के लिए 92 दिन के दौरे पर शाह, पहुंचे लखनऊ

amit shah 3 day visit to lucknow in july
  • शनिवार, 29 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!