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परेड मैदान दो फाड़ : आधे में खेल, आधे में तमाशा

Dehradun

Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
देहरादून। ऐतिहासिक महत्व वाले परेड ग्राउंड को खेल विभाग ने दो फाड़ कर दिया है। अब आधे हिस्से को तो खेल गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा लेकिन आधे हिस्से में खेल-तमाशे जारी रहेंगे। यानी सर्कस भी लगेंगे और मेले भी सजेंगे। बाबाजी लोगों के प्रवचन भी होंगे और नेताओं के भाषण भी। मैदान के लिए दो हिस्से करने के लिए बुधवार को तारबाड़ी का काम शुरू हो गया और हैरत यह कि इस काम का उद्घाटन भी बाकायदा खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने किया।
विभाग का तर्क है कि परेड मैदान में खेल गतिविधियों के लिए जल निगम की पानी की टंकी के पास से नए बने बाक्ंिसग रिंग तक कवर किया जाएगा। जिससे खेल गतिविधियों में बाहरी दखलंदाजी नहीं हो सके लेकिन अफसरों के पास इस बात का जवाब नहीं कि जिस मैदान को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने ढेरों सपने संजोये थे, उनका क्या होगा।
उद्घाटन के मौके पर खेल सचिव अजय कुमार प्रद्योत, निदेशक यूसी कबड़वाल, सहायक निदेशक आरएस रावत, डीएसओ डा. धमेंद्र भट्ट समेत कई विभागीय अफसर मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की चाह अधूरी
यूं तो परेड मैदान पर खिलाड़ियों को स्टेडियम की चाह थी। उत्तर प्रदेश के समय से ही यहां पर स्टेडियम की मांग चल रही है। तीन बार उद्घाटन भी हुआ, लेकिन बात इससे आगे नहीं बढ़ी। परेड मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का फैसला कैबिनेट में पास तो गया था लेकिन बाद में लोगों के विरोध के कारण मामला अटक गया। हालांकि इस प्रस्ताव को कैंसिल भी कैबिनेट में ही किया जाना है लेकिन अब तक इसकी नौबत नहीं आई है।


तारबाड़ तो हुई, लेकिन समतल कहां से होगा
देहरादून। अभी तक परेड मैदान में खेल केवल निचले वाले हिस्से में ही होते रहे हैं। जबकि ऊपरी हिस्से में अन्य गतिविधियां संचालित होती हैं। यही कारण है कि फुटबाल के मैदान से भी छोटे मैदान पर फुटबाल, हैंडबाल, वॉलीबाल, मुक्केबाजी के खेलों का प्रशिक्षण चल रहा है। खेल विभाग ने मैदान के आधे हिस्से को खेल के लिए घेरा जा रहा है लेकिन मुश्किल यह है कि मैदान ऊंचा-नीचा है। खेलों के लिए मैदान को समतल किया जाना जरूरी है। लेकिन इसके लिए विभाग के पास बजट नहीं है। तारबाड़ के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद खेल विभाग के अधिकारी इसी मंथन में जुटे थे कि बजट का प्रबंध कैसे किया जाए। हालांकि निदेशक खेल यूसी कबड़वाल ने जिला खेल अधिकारी डा. धमेंद्र भट्ट को निर्माण एजेंसी से इसका इस्टीमेट तैयार कराने को कहा है।
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