आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

दस सिरों की दस बातें

पूरन सरमा

Updated Tue, 23 Oct 2012 08:44 PM IST
Vyanga of puran sharma
रामलीला देखकर देर रात घर लौट रहा था। सामने सड़क पर देखा, तो एक विशालकाय आदमी मेरी ओर चला आ रहा था। ज्योंही वह मेरे पास आया, मैं पहचान गया कि यह और कोई नहीं, दशानन है। मुझे देखकर उसने ठहाका लगाया, और बोला, पहचाना, मैं कौन हूं? मैं बोला, आप रावण हैं। आज कैसे सड़कों पर घूम रहे हैं?
रावण बोला, सर्वत्र तो मेरा ही राज है। राज्य का हाल जानने मैं पैदल निकला हूं। मैंने कहा, सर, सब जगह अराजकता है, अमन-चैन है नहीं। महंगाई सुरसा की तरह बढ़ती जा रही है। इसलिए आपका राज्य आपके मनोनुकूल चल रहा है। रावण यह सुनकर बहुत प्रसन्न हुआ।

उसने फिर ठहाका लगाया और बोला, लेकिन बरखुरदार, इतनी रात गए, तुम कहां घूम रहे हो? सर, मैं रामलीला देखकर आ रहा हूं। आज वहां रावण वध का दृश्यांकन था। यह सुनकर वह फिर हंसा ओर बोला, पर मैं तो जिंदा खड़ा हूं। रावण राज्य में रामलीला देखने से क्या लाभ?

मैंने जवाब दिया, सर, मैं एक सदाचारी आध्यात्मिक पुरुष हूं। दुराचारी का अंत देखकर लगता है कि अच्छाई अभी जिंदा है।
रावण दहाड़ा, बच्चू, यह भाषा मत बोलो और यह भी मत भूलो कि तुम रावण के सामने निहत्थे खडे़ हो। ज्यादा बकवास की, तो मेरा फरसा तुम्हारा धड़ अलग कर देगा।

उसकी मुझे चिंता नहीं है। मेरी तो आपको लेकर एक ही जिज्ञासा है कि आपको दस सिरों की आवश्यकता क्यों है?
तो, सुनो सदाचारी बालक! यह जमाना झूठों और मक्कारों का है। अकेले एक मुंह से मैं इस दुनिया पर राज नहीं कर सकता। मेरे दस सिर दस काम आते हैं। आओ कहीं बैठकर तुम्हें इसकी आवश्यकता समझाता हूं।

यह कहकर उसने आसपास नजर दौड़ाई, और एक जगह प्रकाश देखकर बोला, आओ हम उस रेस्तंरा में चाय पीते हुए बात करते हैं। रेस्तरां में दो कड़क चाय का ऑर्डर देकर उसने उवाचा, सुनो मेरा चरित्र आज के नेताओं जैसा है। वे कभी एक बात पर टिकते हैं? वे मेरे ही प्रतिरूप हैं।

झूठ, फरेब, गबन-घोटाले, धोखा, छल-कपट, हत्या, बलात्कार, ठगी, आश्वासन और ऐशोआराम, ये दसों बातें इन्हीं हाथों और सिरों से करता हूं। और हां, अब तुम भी सदाचारिता का रूप त्याग दो, सुख पाओगे। यह कहकर वह अंतर्ध्यान हो गया। मैं दशानन की दस विरोधाभासी बातों पर सोचता रहा। मेरी तंद्रा तब टूटी, जब चाय वाले ने पैसे मांगे, रावण चाय के पैसे भी देकर नहीं गया था।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

Vyanga of puran sharma

स्पॉटलाइट

Nokia 3310 की कीमत का हुआ खुलासा, 17 मई से शुरू होगी डिलीवरी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

फॉक्सवैगन पोलो जीटी का लिमिटेड स्पोर्ट वर्जन हुआ लॉन्च

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

सलमान की इस हीरोइन ने शेयर की ऐसी फोटो, पार हुईं सारी हदें

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

इस बी-ग्रेड फिल्म के चक्कर में दिवालिया हो गए थे जैकी श्रॉफ, घर तक रखना पड़ा था गिरवी

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

विराट की दाढ़ी पर ये क्या बोल गईं अनुष्का

  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

बेकसूर नहीं हैं शरीफ

Sharif is not innocent
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

छुट्टियों से निकम्मा बनता समाज

Society become lazy by holidays
  • गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
  • +

अर्धसैनिक बलों की मजबूरियां

Compulsions of paramilitary forces
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

तीन तलाक को खत्म करने की चुनौती

Challenge to eliminate three divorce
  • सोमवार, 24 अप्रैल 2017
  • +

एक बार फिर बस्तर में

Once again in Bastar
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की परीक्षा

Examination of opposition in presidential election
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top